नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के शेयर आवंटन की स्थिति 22 सितंबर 2026 को तय करने जा रहा है। इस सार्वजनिक निर्गम में बोली लगाने वाले सभी बोलीदाता विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से यह जान सकते हैं कि उन्हें शेयर आवंटित हुए हैं या नहीं। शेयर आवंटन की यह प्रक्रिया बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक पोर्टल और इश्यू के रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम इंडिया के जरिए पूरी तरह पारदर्शी ढंग से देखी जा सकती है। इसके अलावा निवेशक केवल अपने पैन कार्ड नंबर का इस्तेमाल करके भी आवेदन की स्थिति आसानी से देख सकते हैं। ग्रे मार्केट में शेयरों की मौजूदा चाल एक सामान्य लिस्टिंग का संकेत दे रही है, हालांकि पिछले स्तरों की तुलना में इसमें हल्का सुधार दर्ज हुआ है।
बीएसई के जरिए शेयर आवंटन स्थिति जांचने का सीधा तरीका
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन की स्थिति जांची जा सकती है। इसके लिए निवेशकों को कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से निवेशक की पहचान और उसके आवेदन का सत्यापन किया जाता है।
- सबसे पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक शेयर आवंटन स्टेटस वेबपेज पर जाएं।
- इश्यू टाइप के तहत कंपनी के नाम में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड का चयन करें।
- इसके बाद दिए गए बॉक्स में अपना आवेदन नंबर या फिर पैन कार्ड नंबर दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिखाई दे रहा कैप्चा कोड भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- यह प्रक्रिया पूरी होते ही आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।
एमयूएफजी इनटाइम इंडिया पोर्टल पर कैसे चेक करें अलॉटमेंट
इस सार्वजनिक निर्गम के रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम इंडिया के आधिकारिक पोर्टल पर भी आवंटन देखने की पूरी व्यवस्था की गई है। वहां निवेशकों के पास अपनी पहचान प्रमाणित करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं।
- रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम इंडिया के आधिकारिक आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस पेज पर जाएं।
- कंपनियों की सूची में से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया को चुनें।
- अपनी सुविधा के अनुसार पैन कार्ड नंबर, डीपी या क्लाइंट नंबर, बैंक खाता संख्या अथवा आईएफएससी कोड में से कोई एक विवरण दर्ज करें।
- जानकारी सबमिट करते ही शेयर आवंटन का पूरा विवरण सामने आ जाएगा।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और संभावित लिस्टिंग का गणित
इन्वेस्टर ग्रेन के आंकड़ों के अनुसार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी मामूली बढ़त के साथ 66 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया है, जो एक दिन पहले 65 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर था। इससे पहले 21 सितंबर को इसमें उल्लेखनीय तेजी देखी गई थी, जब यह 20 सितंबर के 48 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले 35.4 प्रतिशत उछलकर 65 रुपये पर पहुंचा था।
इश्यू के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड और 66 रुपये के मौजूदा जीएमपी को जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग भाव 1,851 रुपये प्रति शेयर निकलकर आता है। यह आंकड़ा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लगभग 3.70 प्रतिशत के हल्के प्रीमियम पर लिस्टिंग होने की संभावना को दर्शाता है।
शेयर क्रेडिट और रिफंड की समयसीमा
शेयर आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद एक्सचेंज आगामी औपचारिकताओं को निपटाएगा। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाएंगे, उनके डीमैट खातों में 23 सितंबर को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर जिन बोलीदाताओं को कोई शेयर आवंटित नहीं हो पाया है, उनके लिए बैंक खातों में रिफंड की प्रक्रिया भी उसी समय शुरू कर दी जाएगी।
देश का दूसरा सबसे बड़ा निर्गम और बाजार में स्थिति
अपने भारी-भरकम आकार के कारण नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ देश के पूंजी बाजार इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन चुका है। भारत में सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम है, जिसने 27,870 करोड़ रुपये का विशाल निर्गम पेश किया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी के आईपीओ को पीछे छोड़ दिया है, जो 2021 में 21,008 करोड़ रुपये के आकार के साथ बाजार में आया था। चौथे स्थान पर 2021 में आया पेटीएम का 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ और पांचवें स्थान पर 2010 में आया कोल इंडिया का 15,200 करोड़ रुपये का आईपीओ स्थित है।
समग्र स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा होने के साथ-साथ यह भारतीय इतिहास का किसी भी स्टॉक एक्सचेंज द्वारा लाया गया अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपनी सीधी प्रतिद्वंद्वी कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के साथ सीधा मुकाबला करेगा।
बाजार पूंजीकरण और मूल्यांकन के पैमाने
निर्गम के 1,785 रुपये के ऊपरी मूल्य दायरे को आधार मानें तो लिस्टिंग के समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 4,41,788 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यदि यह मूल्यांकन साकार होता है तो यह एक्सचेंज भारत की शीर्ष 15 सबसे मूल्यवान कंपनियों के प्रतिष्ठित समूह में अपनी जगह बना लेगा। इसके साथ ही इसका बाजार पूंजीकरण बीएसई की तुलना में करीब तीन गुना अधिक बड़ा होगा।
साल 1992 में स्थापित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार है और वैश्विक स्तर पर प्रमुख मल्टी-एसेट एक्सचेंज प्लेटफॉर्म में गिना जाता है। यह ट्रेडिंग, क्लियरिंग, लिस्टिंग के साथ-साथ डेटा फीड, डेटा टर्मिनल और लाइसेंसिंग जैसी विविध सेवाएं देने वाला एक संपूर्ण वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म संचालित करता है।


















