आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हार्डवेयर क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी एनवीडिया ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर दोगुना से अधिक होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कंपनी ने परिचालन के हर मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। इसके बावजूद अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर एनवीडिया का शेयर करीब 2% गिर गया। वित्तीय नतीजों के उत्कृष्ट रहने के बाद भी शेयर में आई इस गिरावट ने निवेशकों को हैरान किया है, जिसके पीछे वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स की भारी किल्लत और विनिर्माण लागत में आई तेज वृद्धि को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े और व्यापार खंड का प्रदर्शन
वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान एनवीडिया का कुल राजस्व 106% बढ़कर $96.2 अरब के स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा काफी कम था। पिछली तिमाही की तुलना में भी कंपनी के राजस्व में 18% की क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय प्रदर्शन के अन्य पैमानों पर नजर डालें तो GAAP और non-GAAP दोनों ही आधारों पर कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 75.0% रहा। इस दौरान GAAP प्रति शेयर आय (EPS) $2.46 दर्ज की गई, जबकि non-GAAP प्रति शेयर आय $2.22 रही।
कंपनी के अलग-अलग व्यावसायिक खंडों में डेटा सेंटर डिवीजन का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। डेटा सेंटर खंड का राजस्व $89.0 अरब रहा, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 18% और एक साल पहले की तुलना में 117% का उछाल आया। इसके साथ ही एज-कंप्यूटिंग खंड ने भी अपनी वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी। एज-कंप्यूटिंग से मिलने वाला राजस्व सालाना आधार पर 27% और तिमाही आधार पर 13% बढ़कर $7.2 अरब दर्ज किया गया।
कंपनी के नतीजों पर बात करते हुए एनवीडिया के संस्थापक और सीईओ जेन्सन हुआंग ने कहा, "AI has reached its inflection point. It's doing useful work. Its tokens are productive and profitable. Now, compute is revenue." इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व भर में नई एआई लैब्स, स्टार्टअप्स और ओपन-मॉडल इकोसिस्टम की वजह से मांग काफी तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी का नया वेरा रुबिन आर्किटेक्चर अब पूर्ण उत्पादन चरण में प्रवेश कर चुका है।
तीसरी तिमाही का दृष्टिकोण और चीन से राजस्व की स्थिति
आगामी तीसरी तिमाही के लिए एनवीडिया ने अपने राजस्व का अनुमान $108.0 अरब (प्लस या माइनस 2%) रखा है। कंपनी ने अपने व्यावसायिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसला लेते हुए तीसरी तिमाही के अनुमानों में चीन से मिलने वाले किसी भी डेटा सेंटर कंप्यूट राजस्व को शामिल नहीं किया है। चीन के बाजार को पूर्वानुमान से बाहर रखने के बावजूद कंपनी को उम्मीद है कि वैश्विक मांग की बदौलत राजस्व का यह बड़ा लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
तीसरी तिमाही के लिए कंपनी का GAAP और non-GAAP ग्रॉस मार्जिन 74.0% (प्लस या माइनस 50 बेसिस पॉइंट्स) रहने का अनुमान जताया गया है। परिचालन व्यय की बात करें तो GAAP ऑपरेटिंग खर्च लगभग $9.2 अरब और non-GAAP ऑपरेटिंग खर्च लगभग $9.0 अरब रहने का आकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त, पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए एनवीडिया ने अपना प्रभावी कर दर (tax rate) GAAP और non-GAAP दोनों पैमानों पर 16.0% से 18.0% के बीच रहने की संभावना जताई है।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय
मजबूत आय आंकड़ों के बावजूद एनवीडिया के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। 26 अगस्त को कारोबार के अंत में एनवीडिया का शेयर 1.6% गिरकर $209.66 पर बंद हुआ, जो कि इसके इंट्राडे निचले स्तर $209.23 के काफी करीब था। इस गिरावट का असर वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों पर भी पड़ा और पूरा टेक सेक्टर दबाव में आ गया।
बाजार की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि एनवीडिया के बेहतर नतीजों और वित्त वर्ष 2028 के लिए लगभग 70% राजस्व वृद्धि के पूर्वानुमान ने भारी पूंजीगत खर्च को लेकर बनी निवेशकों की चिंता को कम करने में मदद की है। वहीं दूसरी ओर एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, "Despite the strong numbers, Nvidia's shares declined in after-hours trading, prompting investors to take a more cautious view of the technology sector."
मेमोरी चिप संकट और प्रतिस्पर्धा का दबाव
शेयरों में आई इस गिरावट की सबसे मुख्य वजह मेमोरी चिप्स की वैश्विक किल्लत और उससे जुड़ी लागत में हो रही बढ़ोतरी है। उद्योग से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, डायनेमिक रैंडम-एक्सेस मेमोरी (DRAM) और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) की जो कमी 2025 में महसूस की गई थी, वह 2026 में आकर और अधिक गंभीर हो गई है। एनवीडिया जैसी दिग्गज कंपनियों को डेटा सेंटर सर्वर्स के लिए आवश्यक मेमोरी घटकों को प्राप्त करने में ऊंची कीमतें चुकानी पड़ रही हैं।
दूसरी तरफ, एआई बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बेहद तीव्र हो गई है। एएमडी, अल्फाबेट, मेटा, अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में भारी पूंजी निवेश कर रही हैं। वर्ष 2026 की केवल पहली छमाही में ही अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अल्फाबेट ने एआई डेटा सेंटरों पर $303 अरब खर्च किए हैं, जो पिछले पांच वर्षों के कुल खर्च से तीन गुना अधिक है। इस वजह से सर्वर मेमोरी की आपूर्ति पर भारी दबाव है। वहीं DRAM बाजार के 95% हिस्से पर नियंत्रण रखने वाली सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन जैसी चिप निर्माता कंपनियों ने अपना पूरा ध्यान HBM और उच्च क्षमता वाली सर्वर मेमोरी के उत्पादन की ओर मोड़ दिया है।



















