लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक मंदी और बिकवाली का सामना करने के बाद आखिरकार सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार वापसी देखने को मिली। हफ्ते के पहले दिन कारोबार की शुरुआत निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लेकर आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में आई भारी गिरावट और अमेरिका तथा ईरान के बीच तनाव कम होने के सकारात्मक संकेतों ने कारोबारी माहौल को पूरी तरह बदल दिया। इस बेहतर माहौल का सीधा असर बाजार पर दिखा और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों ही बढ़त दर्ज करते हुए हरे निशान में बंद हुए। इस तेजी के दौरान आईटी, मीडिया, रियल्टी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की ओर से जमकर लिवाली की गई, जबकि दूसरी तरफ तेल और गैस सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा और वे कमजोर बंद हुए।
आज के कारोबारी सत्र के दौरान एटरनल, इंडिगो, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी होने की वजह से पूरे बाजार को एक ठोस संबल मिला। इसके विपरीत, कुछ दिग्गज कंपनियों और शेयरों में गिरावट का सिलसिला भी जारी रहा। ONGC, सिप्ला, HDFC लाइफ, HDFC बैंक और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में बिकवाली हावी रही और इनके दाम नीचे आए, जिससे बाजार में कुछ हद तक ऊपरी स्तरों पर रुकावट भी महसूस की गई।
इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
अगर विभिन्न सेक्टोरल इंडेक्स के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी मीडिया इस तेजी में सबसे आगे नजर आया और इसमें 2.50% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। इसके ठीक पीछे निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.28% और रियल्टी इंडेक्स में 2.01% की उछाल आई। इसके अलावा ऑटो, फार्मा, एफएमसीजी, बैंक, इंफ्रा और मेटल सेक्टर में भी निवेशकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई और अच्छी खरीदारी की। हालांकि, इसके उलट ऑयल एंड गैस सेक्टर पूरे दिन सुस्त रहा और अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे यह साफ हुआ कि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अभी भी सावधानी बरती जा रही है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी दिखाया दम
शेयर बाजार में आई यह तेजी केवल बड़े और दिग्गज शेयरों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप श्रेणी के शेयरों में भी निवेशकों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया और शानदार लिवाली की। कारोबार के अंत में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.3% की शानदार तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इन छोटे और मंझोले शेयरों का मजबूत होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि निवेशकों का भरोसा अब केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित न रहकर पूरे व्यापक बाजार में लौट आया है।
आखिर क्यों लौटी बाजार में तेजी?
बाजार में अचानक आई इस दमदार वापसी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई भारी गिरावट को माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग 9% लुढ़ककर 89.04 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव घटने की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बाधित होने का जो डर बना हुआ था, वह अब काफी हद तक कम हो गया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सस्ता कच्चा तेल किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। इससे देश में महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद जगती है, कंपनियों की उत्पादन लागत घटती है और समग्र अर्थव्यवस्था को भी एक बड़ा सहारा मिलता है। यही मुख्य वजह रही कि लगातार पांच दिनों की मंदी के बाद निवेशकों ने एक बार फिर खुलकर खरीदारी शुरू कर दी।
रुपये में आई मजबूती
शेयर बाजार में आई इस रौनक का सकारात्मक असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 68 पैसे मजबूत होकर 95.89 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। रुपये की इस मजबूती से विदेशी संस्थागत निवेशकों का घरेलू बाजार में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है और साथ ही देश के लिए आयात की लागत भी कम होगी। बाजार की यह चाल आने वाले दिनों के लिए निवेशकों में एक नई उम्मीद जगा रही है।



















