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पश्चिम एशिया में तनाव घटने के संकेतों से कच्चा तेल फिसला, $100 के करीब पहुंचा भावबाज़ार
26 अक्तू॰ 2026, 10:54 am (2 दिन पहले)· 0

पश्चिम एशिया में तनाव घटने के संकेतों से कच्चा तेल फिसला, $100 के करीब पहुंचा भाव

ईरान के खिलाफ तत्काल सैन्य कार्रवाई न करने के अमेरिकी संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और मजबूत तकनीकी रुझान से गिरावट सीमित रहने के आसार हैं।

CL━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण26 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $101 पर है, जबकि EMA20 $97.13, EMA50 $93.43 और EMA200 $83.49 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($97.13) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 59 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

CL की MACD लाइन अपने सिग्नल के ऊपर है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने नए हफ्ते का आगाज गिरावट के साथ किया है। पश्चिम एशिया में सैन्य टकराव टलने की उम्मीदों के बीच ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई जैसे वैश्विक बेंचमार्क पर दबाव देखा गया। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) शुक्रवार को पांच महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद सोमवार को गैप-डाउन खुला और एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान फिसलकर $100.50 के स्तर से नीचे आ गया। इसके बावजूद बाजार विश्लेषकों का मानना है कि तेल उत्पादक इलाकों में जारी बुनियादी तनाव को देखते हुए कीमतों में बहुत तेज गिरावट की संभावना बेहद कम है और निचले स्तरों पर खरीदार सक्रिय हो सकते हैं।

भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी रुख का असर

कच्चे तेल में आई ताजा गिरावट की मुख्य वजह वाशिंगटन से आए बयान हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ तुरंत कोई सैन्य कार्रवाई करने की योजना नहीं है। इससे पहले उनके बयानों से यह संकेत मिला था कि अमेरिका मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों पर ईरानी और हूती विद्रोहियों के बढ़ते खतरों के बीच या तो सीधे दखल दे सकता है या फिर तेहरान के साथ किसी समझौते तक पहुंच सकता है। सैन्य टकराव तुरंत न होने की इस संभावना ने बाजार में राहत की सांस दी, जिसके चलते हफ्ते के पहले ही दिन कच्चे तेल में बिकवाली देखने को मिली।

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हालांकि, पश्चिम एशिया में जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच चल रहा तनाव अब भी भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम को बनाए हुए है। किसी भी अप्रत्याशित घटनाक्रम से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं बनी हुई हैं, जिससे कीमतों को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

चार्ट और तकनीकी स्तरों का संकेत

तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो कच्चे तेल में अल्पकालिक तेजी का रुख अब भी बरकरार है। 4 घंटे के चार्ट पर कीमतें 50-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और मासिक निचले स्तर से शुरू हुई तेजी के 23.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर के ऊपर मजबूती से टिकी हुई हैं।

इसके अलावा, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) इंडिकेटर शून्य रेखा के ऊपर बना हुआ है और सकारात्मक रुख दिखा रहा है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक क्रूड ऑयल का मौजूदा भाव $101.06 दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव $103.27 के मुकाबले 2.14% की गिरावट दर्शाता है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 59 पर है, जो संकेत देता है कि बाजार में खरीदारी की गति पूरी तरह थमी नहीं है। बाजार के मुख्य स्तरों में पिवट $101.46 पर है, जबकि तत्काल समर्थन $100.29 (S1) और $99.52 (S2) पर स्थित है। ऊपर की ओर पहला प्रतिरोध $102.23 (R1) और दूसरा प्रतिरोध $103.40 (R2) पर बना हुआ है।

क्या है WTI क्रूड और इसकी खासियत?

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI वैश्विक बाजारों में बिकने वाला एक प्रमुख कच्चा तेल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क माने जाने वाले तीन प्रमुख ग्रेडों में ब्रेंट और दुबई क्रूड के साथ WTI का नाम सबसे ऊपर आता है। इस तेल को 'लाइट' और 'स्वीट' भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें घनत्व कम होता है और सल्फर की मात्रा भी काफी कम पाई जाती है।

कम सल्फर और हल्के घनत्व के कारण इसे रिफाइन करना बेहद आसान और सस्ता होता है, जिससे यह उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन माना जाता है। यह तेल मुख्य रूप से अमेरिका में निकाला जाता है और इसका वितरण ओक्लाहोमा स्थित कुशिंग हब के जरिए होता है। कुशिंग को दुनिया का 'पाइपलाइन चौराहा' भी कहा जाता है। दुनिया भर की मीडिया और वित्तीय बाजारों में इसी WTI के भाव को प्रमुखता से कोट किया जाता है।

कच्चे तेल की कीमतों को तय करने वाले प्रमुख कारक

अन्य संपत्तियों की तरह ही WTI की कीमतें भी मूल रूप से मांग और आपूर्ति के गणित पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ती है, तो कल-कारखानों और परिवहन क्षेत्र में ईंधन की खपत बढ़ने से मांग में उछाल आता है। इसके विपरीत, वैश्विक मंदी या धीमी विकास दर से मांग कमजोर पड़ती है।

राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध, व्यापारिक प्रतिबंध और समुद्री व्यापार मार्गों में रुकावटें आपूर्ति श्रृंखला को झटका देती हैं, जिससे कीमतें अचानक बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मूल्य का भी तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का अधिकांश व्यापार अमेरिकी डॉलर में ही होता है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने पर अन्य मुद्रा धारकों के लिए तेल सस्ता हो जाता है, जिससे मांग और कीमतें दोनों बढ़ सकती हैं।

इन्वेंट्री रिपोर्ट्स और आपूर्ति का हिसाब

कच्चे तेल के अल्पकालिक रुझान को समझने के लिए बाजार प्रतिभागी अमेरिकी इन्वेंट्री आंकड़ों पर पैनी नजर रखते हैं। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) और एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) की साप्ताहिक तेल इन्वेंट्री रिपोर्ट कीमतों को व्यापक रूप से प्रभावित करती हैं।

यदि किसी हफ्ते भंडारों में गिरावट आती है, तो यह मजबूत मांग का संकेत होता है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी आती है। वहीं अगर भंडार बढ़ता है, तो यह अतिरिक्त आपूर्ति को दर्शाता है, जिससे कीमतें घटती हैं। API की रिपोर्ट हर मंगलवार को आती है, जबकि सरकारी एजेंसी EIA का आधिकारिक डेटा अगले दिन यानी बुधवार को जारी किया जाता है। 75% मामलों में इन दोनों रिपोर्टों के नतीजे 1% के दायरे में समान रहते हैं, लेकिन सरकारी एजेंसी होने के कारण EIA के आंकड़ों को अधिक प्रामाणिक माना जाता है।

ओपेक और ओपेक+ की उत्पादन नीतियां

कच्चे तेल के वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति पर 'ओपेक' यानी पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन का गहरा प्रभाव रहता है। यह 12 प्रमुख तेल उत्पादक देशों का समूह है, जो साल में दो बार होने वाली बैठकों में अपने सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा तय करता है। जब ओपेक उत्पादन में कटौती का फैसला करता है, तो बाजार में आपूर्ति कम हो जाती है और भाव चढ़ने लगते हैं। इसके उलट, उत्पादन बढ़ाने के फैसले से कीमतों पर दबाव आता है।

इसके अलावा ओपेक+ नामक विस्तारित गठबंधन भी बेहद प्रभावशाली है, जिसमें संगठन के बाहर के 10 अन्य उत्पादक देश शामिल हैं। इस समूह में सबसे प्रमुख हिस्सेदार रूस है, जो वैश्विक ऊर्जा समीकरणों को गहराई से प्रभावित करता है।

मुद्रा और अन्य परिसंपत्ति बाजारों की हलचल

कच्चे तेल के नरम पड़ने के साथ-साथ मुद्रा और धातु बाजारों में भी नई हलचल देखी गई। एशियाई कारोबार के दौरान AUD/USD 0.7000 के ऊपर बना रहा और सोमवार को एक महीने के उच्च स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की नरमी के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिससे अमेरिकी डॉलर की रिकवरी तीन हफ्ते के निचले स्तर पर थम गई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला, हालांकि मंगलवार से शुरू हो रही फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की दो दिवसीय बैठक से पहले कारोबार सीमित रहा।

वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से USD/JPY पर भी नए सिरे से बिकवाली का दबाव बना, जिससे शुक्रवार को 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर से शुरू हुआ सुधार रुक गया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त मौद्रिक रुख ने येन को सहारा दिया है। सोने के बाजार में भी खरीदारों ने एशियाई सत्र के दौरान $4,000 के नीचे अपनी स्थिति संभाली। पीली धातु ने फेडरल रिजर्व की बैठक वाले हफ्ते की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की, लेकिन $3,975 के अपने तीन महीने के निचले स्तर के करीब होने के कारण इसमें अब भी सतर्कता देखी जा रही है।

सवाल-जवाब

WTI क्रूड की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर तुरंत सैन्य कार्रवाई न करने के बयानों से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बंधी, जिससे तेल की कीमतों में बिकवाली हुई।
WTI क्रूड क्या है और इसे लाइट-स्वीट क्यों कहा जाता है?
WTI अमेरिका में निकाला जाने वाला प्रमुख बेंचमार्क कच्चा तेल है। कम घनत्व और सल्फर की बेहद कम मात्रा के कारण इसे लाइट और स्वीट कहा जाता है, जिससे इसे रिफाइन करना आसान होता है।
कच्चे तेल के लिए मुख्य तकनीकी सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
तकनीकी आंकड़ों के अनुसार तत्काल सपोर्ट स्तर $100.29 (S1) और $99.52 (S2) पर हैं, जबकि पिवट $101.46 पर स्थित है।
तेल बाजार में कुशिंग हब की क्या भूमिका है?
ओक्लाहोमा में स्थित कुशिंग हब WTI तेल का प्रमुख वितरण केंद्र है और इसे विश्व की पाइपलाइनों का चौराहा माना जाता है।
API और EIA इन्वेंट्री रिपोर्ट का कीमतों पर क्या असर पड़ता है?
इन्वेंट्री में कमी मांग बढ़ने और कीमतों में तेजी का संकेत देती है, जबकि इन्वेंट्री में बढ़ोतरी अतिरिक्त आपूर्ति और कीमतों में गिरावट दर्शाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·1 दिन पहले

तेल के दाम थोड़े कम हुए हैं तो राहत मिलनी चाहिए, पर भरोसा नहीं है कि यह स्थिति ज्यादा दिन टिकेगी। जब तक पश्चिम एशिया में माहौल पूरी तरह शांत नहीं होता, गाड़ी चलाना और गैस सिलिंडर महंगा ही रहेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

पश्चिम एशिया में तनाव थोड़ा कम होने से क्रूड ऑयल के दाम सौ डॉलर से नीचे तो आ गए हैं, पर क्या ये राहत सचमुच टिकेगी या अगली किसी खबर के साथ फिर से आग लग जाएगी?

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·1 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है; कल जब मैं अपने पुस्तकालय की पुरानी ज्योतिषीय पांडुलिपियों के पन्ने पलट रही थी, तो मुझे समझ आया कि ग्रह-नक्षत्रों की तरह बाजार के उतार-चढ़ाव भी कभी टिकते नहीं हैं।

Rohan Gupta@rohan-gupta·1 दिन पहले

तनाव कम होने की बात कह रहे हैं, पर हूती और सऊदी अरब का झगड़ा तो अब भी वहीं है। दाम अभी पूरी तरह नीचे नहीं आएंगे।

Michael Anderson@michael-anderson·1 दिन पहले

रोहन, $100.50 के नीचे आने वाला आँकड़ा सही है, पर बात तो सही है कि हूती वाला डर अभी गया नहीं है।

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