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नीतिगत अनिश्चितता और FOMC बैठक के बीच अमेरिकी डॉलर को मिल रहा मजबूत समर्थनबाज़ार
27 जुल॰ 2026, 7:08 pm (45 दिन पहले)· 1

नीतिगत अनिश्चितता और FOMC बैठक के बीच अमेरिकी डॉलर को मिल रहा मजबूत समर्थन

बुधवार को होने वाले FOMC के फैसले और नई फेड लीडरशिप द्वारा कम संकेत दिए जाने के कारण विदेशी मुद्रा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे अमेरिकी डॉलर को बल मिल रहा है।

इस सप्ताह वित्तीय बाजारों का पूरा ध्यान बुधवार को होने वाले FOMC के फैसले पर केंद्रित है। इस बैठक को लेकर निवेशकों और विश्लेषकों में खासी उत्सुकता है, क्योंकि नई फेड लीडरशिप ने बाजारों को पारंपरिक रूप से मिलने वाला फॉरवर्ड गाइडेंस काफी कम दिया है। आर्थिक चक्र के इस चरण में इतनी अस्पष्टता होना काफी असामान्य है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। मौजूदा समय में बाजार की प्राइसिंग में इस साल के अंत तक एक तिहाई दरों में बढ़ोतरी और लगभग दो बार रेट हाइक की संभावना का अनुमान लगाया जा रहा है।

फेडरल रिजर्व की नीति और मुद्रास्फीति के आंकड़े

विश्लेषकों का मानना है कि जून के महीने में उम्मीद से कम रहे CPI के आंकड़े फेडरल रिजर्व को फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने की अनुमति देंगे। हालांकि, दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव और संघर्ष के फिर से उभरने की आशंका आने वाले महीनों में महंगाई को फिर से ऊपर धकेल सकती है। FOMC की यह बैठक ब्याज दरों, विदेशी मुद्रा बाजार और जोखिम भरी परिसंपत्तियों के लिहाज से सबसे अहम घटना साबित होने वाली है। चूंकि नई फेड लीडरशिप की तरफ से बहुत सीमित संवाद देखने को मिला है, इसलिए बाजार के जानकारों की निगाहें फेड के आधिकारिक बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं ताकि यह अंदाजा लगाया जा सके कि समिति के भीतर क्या विचार चल रहा है और साल के अंत तक दरों में बढ़ोतरी का जो अनुमान लगाया जा रहा है, वह कितना तार्किक है। मौजूदा बाजार सेटअप को देखते हुए बयान के लहजे में थोड़ा सा बदलाव भी फ्रंट-एंड यील्ड और दरों में बड़ा उतार-चढ़ाव ला सकता है।

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प्रमुख करंसी जोड़ियों का हाल और कच्चे तेल की चाल

सोमवार को दिन के दूसरे पहर में GBP/USD की जोड़ी ने अपनी शुरुआती बढ़त को गंवा दिया और यह लाल निशान में लगभग 1.3300 के आसपास कारोबार करती हुई नजर आई। हफ्ते की शुरुआत इस जोड़ी ने एक मजबूत और बुलिश रुख के साथ की थी, लेकिन मध्य पूर्व के संघर्ष में अस्थायी विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने डॉलर की तेजी पर कुछ लगाम जरूर लगाई है, हालांकि इसके बावजूद यह जोड़ी फिलहाल खुद को संभालने में कामयाब रही है। दूसरी तरफ EUR/USD जोड़ी ने भी अपनी तेजी का मोमेंटम खो दिया है और सोमवार के सत्र के उत्तरार्ध में यह मामूली बढ़त के साथ 1.1400 के स्तर से नीचे ट्रेड कर रही है।

मध्य पूर्व का संघर्ष और कूटनीतिक अनिश्चितता

मध्य पूर्व में हमलों पर रोक लगने के बाद बाजार के भागीदार इस संघर्ष के कम होने यानी डी-एस्केलेशन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इसके बावजूद बाजार में इस बात को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है कि अमेरिका और ईरान किसी कूटनीतिक समाधान तक पहुंच पाएंगे या नहीं। मुद्रा बाजारों में इन तमाम भू-राजनीतिक और आर्थिक घटकों के बीच नीतिगत अस्पष्टता का माहौल अमेरिकी डॉलर को लगातार एक मजबूत आधार प्रदान कर रहा है, जिससे निवेशकों की नजरें आने वाले नीतिगत फैसलों पर टिकी हुई हैं।

सवाल-जवाब

इस सप्ताह का सबसे मुख्य वित्तीय इवेंट कौन सा है?
इस सप्ताह का सबसे मुख्य इवेंट बुधवार को होने वाला FOMC का निर्णय है, जो ब्याज दरों और विदेशी मुद्रा बाजारों को प्रभावित करेगा।
जून के सीपीआई (CPI) आंकड़ों का फेडरल रिजर्व के फैसले पर क्या असर होगा?
उम्मीद से कम रहे जून के CPI आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व के फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना है।
सोमवार को GBP/USD जोड़ी में क्या रुख देखा गया?
सोमवार को दिन के दूसरे पहर में GBP/USD जोड़ी ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी और यह 1.3300 के पास लाल निशान में कारोबार करती नजर आई।
कच्चे डॉलर और तेल की कीमतों में क्या संबंध देखा जा रहा है?
मध्य पूर्व के संघर्ष में विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिसने डॉलर के बड़े लाभ को सीमित किया है।
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