पावर ट्रेडिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पीटीसी इंडिया लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने निवेशकों के लिए अंतिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी के बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर 5.50 रुपये का लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है। यह लाभांश शेयर के 10 रुपये के अंकित मूल्य (फेस वैल्यू) का 55 प्रतिशत है। इस प्रस्तावित भुगतान की पात्रता तय करने के लिए कंपनी ने 7 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। हालांकि, शेयरधारकों के खातों में यह राशि तब भेजी जाएगी जब आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लग जाएगी।
डिविडेंड का गणित और बोर्ड की सिफारिश
पीटीसी इंडिया के निदेशक मंडल द्वारा अनुशंसित 5.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपये होने के कारण 5.50 रुपये की यह राशि 55 प्रतिशत के लाभांश दर को दर्शाती है। बोर्ड की यह बैठक कंपनी के वित्तीय नतीजों की समीक्षा और शेयरधारकों को पूंजीगत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि बोर्ड की सिफारिश केवल पहला चरण है। डिविडेंड भुगतान की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंपनी कानून के तहत एजीएम में शेयरधारकों की औपचारिक स्वीकृति आवश्यक होती है। स्वीकृति मिलने के बाद ही इसे कॉर्पोरेट कार्रवाई के तहत निष्पादित किया जाएगा।
एजीएम 2026 का कार्यक्रम और वर्चुअल बैठक की व्यवस्था
कंपनी ने अपनी 27वीं वार्षिक आम बैठक की तिथि और समय का पूरा ब्योरा साझा कर दिया है। पीटीसी इंडिया की 27वीं एजीएम का आयोजन बुधवार, 30 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा। कोरोना काल के बाद से शुरू हुई डिजिटल व्यवस्था को बरकरार रखते हुए, इस बैठक का संचालन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए किया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह है कि देशभर में मौजूद पात्र शेयरधारक किसी भौतिक स्थल पर जाए बिना दूरस्थ रूप से बैठक में शामिल हो सकें और वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें। बैठक के एजेंडे में 55 प्रतिशत डिविडेंड के प्रस्ताव को विचार और अनुमोदन के लिए पेश किया जाएगा।
रिकॉर्ड डेट का महत्व और शेयरधारकों की पात्रता
लाभांश प्राप्त करने की पात्रता का निर्धारण करने के लिए पीटीसी इंडिया ने 7 अक्टूबर 2026 की तिथि को रिकॉर्ड डेट के रूप में चुना है। शेयर बाजार के नियमों के अनुसार, रिकॉर्ड डेट वह सीमा होती है जिस दिन कंपनी के आधिकारिक डिपॉजिटरी रजिस्टरों में जिन निवेशकों के नाम दर्ज होते हैं, केवल वे ही घोषित डिविडेंड पाने के हकदार बनते हैं। शेयर बाजार में सौदों के निपटान (सेटलमेंट) की टी+1 प्रणाली के कारण, जो निवेशक इस लाभांश का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें एक्स-डिविडेंड तिथि से पहले शेयर खरीदने होंगे ताकि रिकॉर्ड डेट तक शेयर उनके डिमैट खाते में जमा हो सकें। सही समय पर शेयरधारिता न होने की स्थिति में निवेशक डिविडेंड के अधिकार से वंचित रह सकते हैं।
अंतिम मंजूरी और डिविडेंड क्रेडिट की प्रक्रिया
बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद अब सभी की निगाहें 30 सितंबर को होने वाली एजीएम पर टिकी हैं। एजीएम में शेयरधारकों का बहुमत मिलने के तुरंत बाद कंपनी लाभांश वितरण की आगे की औपचारिकताओं को शुरू करेगी। शेयरधारकों को सलाह दी जाती है कि वे भुगतान की सटीक समय-सीमा, बैंक विवरण अपडेट करने और टैक्स कटौती से जुड़ी शर्तों की जानकारी के लिए कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक संचार का अवलोकन करें। एजीएम और रिकॉर्ड डेट की समय-सीमा स्पष्ट हो जाने से निवेशकों को पीटीसी इंडिया के इस कॉर्पोरेट एक्शन के अनुसार अपनी निवेश रणनीति बनाने का स्पष्ट अवसर मिल गया है।



















