अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूज़ीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (NZD/USD) में दबाव देखा जा रहा है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) के अधिकारी ब्रीमैन के वक्तव्य के बाद मुद्रा जोड़ी में सीमित हलचल दर्ज की गई, जिसके बाद डॉलर की चौतरफा मजबूती से गिरावट का रुख बना। ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार NZD/USD जोड़ी 1.53 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 0.5832 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो अपने पिछले बंद स्तर 0.5922 से नीचे है। दैनिक चार्ट पर 0.5850 के चैनल सपोर्ट के टूटने के साथ ही बाजार में मंदी का दबाव गहराता दिख रहा है।
तकनीकी संकेतक और चार्ट पैटर्न का विश्लेषण
दैनिक प्राइस चार्ट का विस्तृत विश्लेषण दर्शाता है कि NZD/USD pair एक बढ़ते हुए असेंडिंग चैनल पैटर्न के निचले दायरे के आसपास टिका हुआ था। हालांकि, 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.5865 और 9-दिवसीय EMA से नीचे लगातार बने रहने के कारण अल्पावधि रुझान नकारात्मक बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) गिरकर 41 के स्तर पर पहुंच गया है, जो डाउनसाइड मोमेंटम के जारी रहने और ऊपरी स्तरों पर बिकवाली के दबाव की ओर इशारा करता है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय EMA 0.5903 और 200-दिवसीय EMA 0.5833 पर स्थित है। यद्यपि 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना एक दीर्घकालिक गोल्डन क्रॉस संरचना को बनाए रखता है, लेकिन वर्तमान मूल्य में कमजोरी ने निकट भविष्य के पूर्वाग्रह को मंदी की ओर झुका दिया है। इसके अतिरिक्त, स्टोकैस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 0 और सिग्नल लाइन 39 दर्ज की गई है, जबकि ट्रेंड की मजबूती मापने वाला ADX इंडेक्स 21 पर है, जो एक कमजोर रेंज-बाउंड स्थिति को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
कारोबारियों के लिए तात्कालिक तकनीकी बाधा 0.5853 के पिवट पॉइंट और 50-दिवसीय EMA 0.5864 पर बनी हुई है। यदि जोड़ी में कोई सुधार आता है, तो पहला रेजिस्टेंस स्तर R1 0.5875 और दूसरा रेजिस्टेंस स्तर R2 0.5919 पर देखा जाएगा। बोलिंजर बैंड्स के ऊपरी दायरे 0.5994 पर मजबूत अवरोध मौजूद है। यदि बाजार में तेजी का प्रयास होता है, तो इन रेजिस्टेंस स्तरों पर फिर से बिकवाली हावी हो सकती है।
दूसरी ओर, नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट S1 0.5810 और S2 0.5788 पर स्थित है। यदि असेंडिंग चैनल के निचले हिस्से से नीचे ब्रेकडाउन स्थायी होता है, तो गिरावट का दायरा गहरा सकता है। ऐसी स्थिति में न्यूज़ीलैंड डॉलर नवंबर 2025 में दर्ज किए गए लगभग 14 से 17 महीने के निचले स्तर 0.5580 की ओर बढ़ सकता है। इससे भी बड़ा सपोर्ट स्तर 0.5485 पर है, जो मार्च 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर रहा है। वर्तमान में 52-सप्ताह का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच है, और एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.01 दैनिक अस्थिरता का संकेत दे रहा है।
वैश्विक मुद्रा बाजार पर प्रभाव और करेंसी हीटमैप
विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के तुलनात्मक प्रदर्शन को दर्शाने वाले करेंसी हीटमैप के अनुसार न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) आज अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण डॉलर सूचकांक को मजबूती मिली है, जिससे अन्य प्रमुख जोड़ियों पर भी विपरीत असर पड़ा है।
ग्रेट ब्रिटेन पाउंड (GBP/USD) दो सप्ताह के निचले स्तर 1.3500 के निचले दायरे में कारोबार कर रहा है। पाउंड पर दबाव अमेरिका के नवीनतम आर्थिक आंकड़ों और अमेरिका-ईरान संकट से जुड़ी अनिश्चितता के कारण बना है। इसी तरह, यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो (EUR/USD) 0.25 प्रतिशत घटकर 1.1590 के स्तर पर आ गई है। यूरो की बढ़त 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 1.1633 पर सीमित रही, क्योंकि निवेशक सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में सैन्य तनाव और कमोडिटी बाजार का हाल
अमेरिकी डॉलर में आई तेजी का एक मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य संघर्ष है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से जारी बयानों के अनुसार, अमेरिकी सशस्त्र बलों ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित कश्म द्वीप और दक्षिणी ईरान में सिलसिलेवार धमाकों की खबरें आई हैं। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने निवेशकों को जोखिम भरी परिसंपत्तियों से निकालकर सुरक्षित अमेरिकी डॉलर में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है।
सैन्य तनाव का सीधा असर ऊर्जा और कीमती धातुओं के बाजारों पर पड़ा है। एशियाई कारोबारी सत्र में सोने की कीमतें घटकर लगभग चार सप्ताह के निचले स्तर $4,300 प्रति औंस से नीचे चली गईं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई और यह 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही, डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड उछाल देखा गया है, जहां WTI पर अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर को छू गया।



















