राजस्थान में ब्यावर से भरतपुर तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, दिल्ली से अजमेर का सफर घटकर पांच घंटे होगाअमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर समीक्षा से पहले वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में हलचल तेजहोर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला, 2 नाविक लापता और 23 को बचाया गयावजन घटाने के लिए गेहूं छोड़ मिलेट्स अपनाएं, जानिए रागी, ज्वार और राजगीरा की रोटी में कौन है सबसे असरदारपक्षी प्रेमियों के लिए यादगार उपहार: स्मार्ट फीडर और कैमरों से लेकर किताबों तक बेहतरीन विकल्पअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और महंगाई के दबाव से चांदी में फिसलन, कच्चा तेल उछलने से ब्याज दर बढ़ने की आशंकालाइका की वाइल्डवुड का आखिरी ट्रेलर रिलीज, 15 साल के इंतजार के बाद स्टॉप मोशन फैंटेसी 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगीरिलायंस जियो ग्राहकों को पूरे एक साल मुफ्त मिलेगा कैनवा का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन, ऐसे उठाएं 4000 रुपये वाले ऑफर का लाभबजट में सुरक्षित रखें अपना जरूरी डिजिटल डेटा, 4,000 रुपये से कम में पोर्टेबल एक्सटर्नल स्टोरेज ड्राइव्स के बेहतरीन विकल्पनए नेतृत्व की दौड़ तेज होने पर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में उछाल, दो वरिष्ठ नाम आगे
लाल सागर में ड्रोन हमलों और सऊदी पाइपलाइन बंदी से कच्चा तेल 104 डॉलर के पार पहुंचाबाज़ार
19 सित॰ 2026, 5:05 pm (16 मिनट पहले)· 0

लाल सागर में ड्रोन हमलों और सऊदी पाइपलाइन बंदी से कच्चा तेल 104 डॉलर के पार पहुंचा

सऊदी अरब द्वारा मुख्य पाइपलाइन बंद करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कूटनीतिक वार्ता टलने के बाद ब्रेंट क्रूड 104.20 डॉलर तक उछल गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

CLSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $100 पर है, जबकि EMA20 $94.81, EMA50 $89.11 और EMA200 $79.29 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($94.81) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 104.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं। पश्चिम एशिया में आपूर्ति सुरक्षा पर मंडराते संकट और ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने तेल व्यापारियों के बीच जोखिम प्रीमियम काफी बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण निर्यात मार्गों पर अवरोध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक बाजारों में ईंधन की कमी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है।

सऊदी अरब की ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमला और सुरक्षात्मक बंदी

कच्चे तेल में आई इस ताजा तेजी की मुख्य वजह सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल पाइपलाइन का एहतियातन बंद होना है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर के रणनीतिक ठिकानों पर गुरुवार को कई ड्रोन दागे गए थे। इस हमले के बाद शुक्रवार को सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने के लिए अपनी प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। ऊर्जा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद सावधानी के तौर पर यह कदम उठाया गया है, जिससे क्षेत्र में तेल संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।

ये भी पढ़ें

लाल सागर के किनारे स्थित महत्वपूर्ण ठिकानों और परिवहन मार्गों पर हमलों की बढ़ती संख्या ने तेल आपूर्ति में बड़े व्यवधान की आशंका को सच कर दिखाया है। एमयूएफजी के विश्लेषकों का कहना है कि यह ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए एक जीवनरेखा साबित हुई है। इस 70 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाले माध्यम ने इस वर्ष की शुरुआत में उस समय पूरी क्षमता से काम करना शुरू किया था, जब होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद हो गया था। अब इस वैकल्पिक मार्ग पर भी खतरा पैदा होने से तेल आपूर्ति संकट और अधिक विकट हो गया है, क्योंकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पाइपलाइन कब तक बंद रहेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान और खाड़ी देशों की वार्ता स्थगित

ऊर्जा बाजार की घबराहट को बढ़ाने वाला एक और बड़ा कारण सोमवार को ईरान और कई खाड़ी देशों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक का अचानक टल जाना रहा। ओमान में प्रस्तावित इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले समुद्री जहाजरानी यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक अस्थायी समझौते पर सहमति बनाना था। यह जलमार्ग दुनिया भर में निर्यात होने वाले कच्चे तेल के एक बहुत बड़े हिस्से का पारगमन बिंदु है, इसलिए यहां जहाजों की आवाजाही पर कोई भी खतरा सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला देता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस स्थगन की जानकारी देते हुए बताया कि सऊदी अरब ने जोर देकर कहा था कि तेहरान और खाड़ी ताकतों के बीच ओमान में होने वाली यह बैठक नहीं होनी चाहिए। इस कूटनीतिक बातचीत के टल जाने से निकट भविष्य में किसी ऐसे समझौते की संभावनाएं काफी क्षीण हो गई हैं जो क्षेत्र में तेल परिवहन के जोखिमों को कम कर सकता था। बिना किसी स्पष्ट समझौते या सुरक्षा गारंटी के अंतरराष्ट्रीय टैंकरों के लिए इस संकरे जलडमरूमध्य से गुजरना बेहद जोखिम भरा बना हुआ है, जिसके कारण ब्रेंट की कीमतों में बड़ा भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम जुड़ा हुआ है।

एमयूएफजी की चेतावनी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर बढ़ता दबाव

वित्तीय संस्थान एमयूएफजी के विश्लेषकों ने बाजार की मौजूदा स्थिति का गहराई से विश्लेषण करते हुए कहा है कि ब्रेंट क्रूड इस समय संघर्ष-पूर्व के स्तरों से 50 प्रतिशत से अधिक ऊपर कारोबार कर रहा है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, इस बात की उम्मीद बहुत कम है कि मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति बहुत जल्दी सामान्य हो पाएगी। शुक्रवार देर रात सऊदी अरब द्वारा पाइपलाइन संचालन रोके जाने के बाद अल्पावधि में आपूर्ति के और बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।

एमयूएफजी ने यह चेतावनी भी दी है कि ऊंचे ऊर्जा मूल्यों और नाजुक आपूर्ति शृंखला के इस दौर में यदि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों से निपटने के लिए इस सप्ताह सख्त कदम नहीं उठाए, तो इसके गंभीर वित्तीय परिणाम हो सकते हैं। इससे अमेरिकी डॉलर और लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में भारी बिकवाली आ सकती है, क्योंकि निवेशकों का इस बात से भरोसा डगमगा जाएगा कि फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह गंभीर और सक्षम है।

ब्रेंट क्रूड का महत्व और कीमतों को प्रभावित करने वाले बुनियादी कारक

ब्रेंट क्रूड ऑयल उत्तरी सागर से निकाला जाने वाला कच्चा तेल है, जिसे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के लिए वैश्विक बेंचमार्क माना जाता है। अपने उच्च घनत्व और बेहद कम सल्फर की मात्रा के कारण इसे 'हल्का' और 'मीठा' कच्चा तेल कहा जाता है। यह गुण इसे पेट्रोल और अन्य उच्च-मूल्य वाले पेट्रोलियम उत्पादों में रिफाइन करने के लिए अत्यंत सुगम बनाते हैं। दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार होने वाले कच्चे तेल की लगभग दो-तिहाई आपूर्ति के लिए ब्रेंट क्रूड संदर्भ मूल्य का काम करता है। उत्तरी सागर क्षेत्र में तेल उत्पादन और परिवहन का सुविकसित ढांचा होने के कारण इसे एक विश्वसनीय और स्थिर आपूर्ति माना जाता रहा है।

किसी भी अन्य वित्तीय परिसंपत्ति की तरह, ब्रेंट क्रूड की कीमतें मुख्य रूप से मांग और आपूर्ति के समीकरण पर निर्भर करती हैं। जब वैश्विक आर्थिक विकास तेज होता है तो ऊर्जा की मांग बढ़ती है, जबकि कमजोर वैश्विक विकास मांग को घटाता है। दूसरी ओर, राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति को बाधित कर कीमतों को ऊपर धकेलते हैं। चूंकि अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए अमेरिकी मुद्रा का मूल्य भी इसकी कीमत तय करने में अहम होता है; कमजोर डॉलर तेल को अन्य देशों के लिए सस्ता बनाता है जिससे मांग बढ़ती है, जबकि मजबूत डॉलर इसे महंगा कर देता है।

ओपेक की भूमिका और इन्वेंट्री आंकड़ों का बाजार पर असर

पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन ओपेक 12 तेल उत्पादक देशों का एक समूह है, जो साल में दो बार अपनी बैठकों में सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा सामूहिक रूप से तय करता है। जब ओपेक उत्पादन कोटा कम करने का निर्णय लेता है, तो वैश्विक आपूर्ति सीमित हो जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं। इसके विपरीत, उत्पादन बढ़ाने पर कीमतें नीचे आती हैं। रूस सहित दस अन्य गैर-ओपेक देशों को शामिल करके बने विस्तारित समूह को ओपेक प्लस कहा जाता है, जो वैश्विक उत्पादन निर्णयों को और अधिक प्रभावी बनाता है।

इसके अतिरिक्त, अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट और ऊर्जा सूचना एजेंसी द्वारा साप्ताहिक आधार पर जारी की जाने वाली तेल इन्वेंट्री रिपोर्ट भी कीमतों पर तुरंत प्रभाव डालती हैं। यदि इन्वेंट्री में गिरावट दिखती है, तो यह बढ़ी हुई मांग या घटी हुई आपूर्ति का संकेत देती है, जिससे कीमतें चढ़ती हैं। भंडार बढ़ने पर कीमतें घटती हैं। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट अपनी रिपोर्ट प्रत्येक मंगलवार को जारी करता है और सरकारी एजेंसी ऊर्जा सूचना एजेंसी अगले दिन आंकड़े पेश करती है। इन दोनों के परिणाम लगभग 75 प्रतिशत मामलों में एक प्रतिशत के भीतर समान होते हैं, हालांकि सरकारी एजेंसी होने के कारण ऊर्जा सूचना एजेंसी के आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।

लाइव तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख बाजार स्तर

कच्चे तेल (CL=F) के लाइव तकनीकी आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार इस समय 100.30 डॉलर के स्तर पर मौजूद है, जो इसके पिछले बंद 101.91 डॉलर से 1.58 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20-दिवसीय औसत का 0.88 गुना है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 64 के स्तर पर है, जो तेजी की गति को दर्शाता है। एमएसीडी 5.12 पर है जबकि सिग्नल लाइन 4.34 पर है, जिसका हिस्टोग्राम 0.78 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है।

मूविंग एवरेज के मोर्चे पर, 20-दिवसीय ईएमए 94.81 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 89.11 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 79.29 डॉलर पर है। 50-दिवसीय एसएमए 86.40 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 80.68 डॉलर है। चार्ट पर 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस का संकेत देता है, जो दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। बोलिंगर बैंड्स 77.45 डॉलर से 108.23 डॉलर के बीच फैले हैं और भाव 92.84 डॉलर के मध्य स्तर से ऊपर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 34 पर एक मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 72 और सिग्नल लाइन 78 पर है। आगामी सत्रों के लिए दैनिक वोलैटिलिटी दर्शाने वाला एटीआर 4.27 डॉलर है। 20 दिनों का सपोर्ट 79.62 डॉलर और रेजिस्टेंस 106.75 डॉलर के करीब है। प्रमुख पिवट स्तर 100.99 डॉलर पर है, जिसके ऊपर पहला रेजिस्टेंस 102.79 डॉलर और दूसरा 105.28 डॉलर है, जबकि नीचे की तरफ पहला सपोर्ट 98.50 डॉलर और दूसरा सपोर्ट 96.70 डॉलर पर स्थित है।

अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का ताजा हाल

ऊर्जा संकट के बीच विदेशी मुद्रा और अन्य बाजारों में भी हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई सत्र में लगभग 0.7140 के करीब डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई, जो दिन के दौरान करीब 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.7100 के मध्य क्षेत्र में रही। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 154.00 के स्तर के करीब पहुंची, जिससे पिछले कारोबारी सत्र के कुछ नुकसान की भरपाई हुई, हालांकि व्यापारी केंद्रीय बैंक के फैसलों की प्रतीक्षा में सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में पाई नेटवर्क दो सप्ताह की लगातार बढ़त के बाद 0.097 डॉलर से ऊपर कारोबार करता दिखा, जहां डेवलपर टूल्स और इकोसिस्टम के विस्तार ने इसे सहारा दिया है। वहीं कनाडाई डॉलर के संदर्भ में, निवेशक सोमवार को जारी होने वाले अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह पता चलेगा कि बैंक ऑफ कनाडा द्वारा 2 सितंबर की बैठक में ब्याज दर 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखे जाने के बाद मूल्य दबाव किस दिशा में जा रहा है।

सवाल-जवाब

ब्रेंट क्रूड के दामों में ताजा उछाल क्यों आया है?
सऊदी अरब द्वारा ड्रोन हमलों के बाद ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को एहतियातन बंद करने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर खाड़ी देशों की बैठक टलने से कीमतों में 2.49 प्रतिशत का उछाल आया है।
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता कितनी है?
इस प्रमुख पाइपलाइन की दैनिक क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन है, जो सऊदी अरब के कच्चे तेल निर्यात के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीवनरेखा मानी जाती है।
ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली बैठक क्यों रद्द हुई?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, सऊदी अरब के कड़े रुख और आग्रह के बाद ओमान में प्रस्तावित इस वार्ता को टाल दिया गया।
ब्रेंट क्रूड को 'हल्का' और 'मीठा' क्यों कहा जाता है?
इसके उच्च घनत्व और बेहद कम सल्फर तत्व की मौजूदगी के कारण इसे हल्का और मीठा कहा जाता है, जिससे इसे पेट्रोल में रिफाइन करना आसान होता है।
वर्तमान में कच्चे तेल का 52 हफ्तों का दायरा क्या है?
लाइव आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल का 52 हफ्तों का कारोबार दायरा 54.98 डॉलर से लेकर 119.48 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा है।
ओपेक संगठन में कितने सदस्य देश शामिल हैं?
ओपेक में कुल 12 तेल उत्पादक देश शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर उत्पादन कोटा निर्धारित करने के लिए वर्ष में दो बार बैठक करते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp