अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर टिक गई है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल ओपन मार्केट कमेटी अपनी इस अहम समीक्षा में मानक उधारी दरों में 25 आधार अंकों का इजाफा कर सकती है। यदि यह वृद्धि अमल में आती है, तो नीतिगत ब्याज दरों की लक्षित सीमा बढ़कर 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि नीति निर्माताओं ने लगातार पांच बार दरों को पूर्वस्तर पर बनाए रखा था, और यह संभावित कदम जुलाई 2023 के बाद की पहली प्रत्यक्ष दर वृद्धि साबित होगा। हालिया दौर में उत्पादक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जुड़े मुद्रास्फीति के आंकड़े तय लक्ष्य से ऊपर बने हुए हैं, जबकि रोजगार का परिदृश्य अपेक्षाकृत स्थिर रहा है। इसी जमीनी स्थिति को इस सख्त कदम के मुख्य आधार के रूप में देखा जा रहा है।
फेडरल फंड्स फ्यूचर्स और ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं
बाजार के मौजूदा संकेतों पर गौर करें तो फेडरल फंड्स फ्यूचर्स इस सप्ताह होने वाली बैठक में दरों के बढ़ने की संभावना को लगभग 90 प्रतिशत तक आंक रहे हैं। चूंकि वित्तीय हलकों ने एक चौथाई फीसदी की इस बढ़ोतरी को अपनी गणनाओं में पहले ही समाहित कर लिया है, इसलिए वास्तविक हलचल केवल फैसले की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि असली प्रभाव समिति के भीतर मत विभाजन, आर्थिक अनुमानों के ताजा सार और फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयानों से तय होगा। अमेरिकी डॉलर की आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि नीति निर्माता आने वाले महीनों के लिए किस तरह का रुख पेश करते हैं।
हॉकिश बनाम डोविश परिदृश्य और अमेरिकी डॉलर का रुख
ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन के इलियास हद्दाद के विश्लेषण के अनुसार, यदि समिति के सदस्य एकमत होकर या भारी बहुमत से दर वृद्धि के पक्ष में मतदान करते हैं और ताजा डॉट प्लॉट के अनुमान बाजार की मौजूदा सख्त अपेक्षाओं से मेल खाते हैं, तो यह एक स्पष्ट आक्रामक या हॉकिश रुख माना जाएगा। ऐसे में चेयरमैन वॉर्श द्वारा आगे भी मौद्रिक सख्ती के संकेत दिए जाने पर अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिल सकती है। इसके विपरीत, यदि मतदान में सदस्यों के बीच विभाजन नजर आता है, आगामी दरों का अनुमान बाजार के अनुमानों से नीचे रहता है, या वॉर्श इस कदम को निरंतर सख्ती के बजाय मुद्रास्फीति के विरुद्ध केवल एक सुरक्षात्मक कदम बताते हैं, तो अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है और इसमें गिरावट की आशंका बनेगी।
राजनीतिक दबाव और केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता की परीक्षा
इस मौद्रिक समीक्षा के साथ एक महत्वपूर्ण पहलू नीतिगत स्वतंत्रता की परीक्षा का भी जुड़ा हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कम ब्याज दरों के पक्ष में लगातार बनाए जा रहे दबाव के बीच यह देखा जाना बाकी है कि केविन वॉर्श केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को किस तरह बरकरार रखते हैं। मुद्रा बाजार के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि यदि अमेरिकी डॉलर को अपनी बढ़त का दायरा और विस्तृत करना है, तो फेडरल रिजर्व को उन सभी आक्रामक अनुमानों को संतुष्ट करना होगा जिन्हें ट्रेडर्स पहले से मानकर चल रहे हैं। यदि नीतिगत मार्गदर्शन में थोड़ी भी नरमी दिखी, तो डॉलर की हालिया तेजी की रफ्तार काफी सीमित रह सकती है।
मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन
केंद्रीय बैंक के इस बहुप्रतीक्षित घटनाक्रम से पूर्व विभिन्न प्रमुख विदेशी मुद्राओं में सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिल रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर 0.7140 के करीब पहुंच गया, यद्यपि इसमें निचले स्तरों पर आक्रामक बिकवाली का अभाव रहा। बाद में यह जोड़ी 0.7100 के मध्य स्तरों से थोड़ा ऊपर कारोबार करती दिखी, जो दिन के आधार पर लगभग 0.25 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है।
दूसरी ओर, नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में हल्की बिकवाली देखी गई। यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी एशियाई सत्र में बढ़त बनाती हुई 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे बीते शुक्रवार की गिरावट की आंशिक भरपाई हुई। इसके बावजूद, यह जोड़ी बीते एक हफ्ते के दायरे में ही सीमित बनी रही और पिछले मंगलवार को छुए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर से ज्यादा दूर नहीं निकल सकी है, क्योंकि ट्रेडर केंद्रीय बैंक के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
सोने की कीमतें और ट्रेजरी यील्ड का दबाव
कमोडिटी बाजार में बहुमूल्य धातु सोने ने सोमवार को ताजा बढ़त दर्ज करने का प्रयास किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव प्रति ट्रॉय औंस 4,300 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर को चुनौती देते नजर आए। हालांकि, व्यापक परिदृश्य में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और संपूर्ण यील्ड कर्व पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई तेजी ने पीली धातु पर दबाव बनाए रखा, जिससे इसकी बढ़त पर लगाम कसी रही। ट्रेजरी प्रतिभूतियों पर मिलने वाले मजबूत रिटर्न के चलते सोने में एकतरफा बड़ी तेजी सीमित हो गई।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार का प्रदर्शन और अहम समर्थन स्तर
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में सोमवार को हल्का सकारात्मक माहौल दिखाई दिया। सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन बढ़त दर्ज करते हुए लगभग 77,884 डॉलर के स्तर के करीब कारोबार कर रही थी। इसके साथ ही समूचे क्रिप्टो बाजार में भी सुधार का रुख देखा गया। दूसरी प्रमुख डिजिटल मुद्रा एथेरियम ने 2,521 डॉलर के प्रमुख समर्थन स्तर को सफलतापूर्वक बनाए रखा, जबकि रिपल ने भी 1.38 डॉलर के स्तर पर अपना बचाव करते हुए बिटकॉइन के इस तटस्थ से सकारात्मक रुख का अनुसरण किया। आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंक का अंतिम निर्णय इन सभी जोखिम आधारित परिसंपत्तियों की चाल को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।



















