वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस सप्ताह होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की महत्वपूर्ण बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर में बेहद सीमित स्तर पर बढ़त देखी जा रही है। अमेरिकी मुद्रास्फीति के हालिया मजबूत आंकड़ों के बाद नीतिगत दरों में सख्ती की संभावनाएं काफी तेज हुई हैं, जिसके चलते अमेरिकी यील्ड कर्व के छोटे सिरे पर आक्रामक रीप्राइसिंग देखने को मिली है। इसके बावजूद करेंसी बाजारों में डॉलर की रफ्तार उम्मीद के मुकाबले काफी शांत बनी हुई है, क्योंकि ऊर्जा लागत से उपजी महंगाई, नीतिगत विश्वसनीयता पर दबाव और आगामी मध्यावधि चुनाव जैसी चुनौतियां डॉलर की तेज छलांग पर लगाम लगा रही हैं।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आक्रामक रीप्राइसिंग और तकनीकी सहारा
एमयूएफजी के विश्लेषक ली हार्डमैन के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर में मामूली मजबूती देखने को मिली है, जिसे इस धारणा से बल मिला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इसी सप्ताह अपनी मौद्रिक सख्ती का सिलसिला शुरू कर सकता है। इस सकारात्मक रुख ने डॉलर इंडेक्स को उसके 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (SMA200) के करीब 99.150 के अहम सपोर्ट स्तर से वापस ऊपर उठाने में मदद की है। वर्तमान लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स 100.22 के स्तर पर टिका हुआ है, जहां 52 सप्ताह का दायरा 95.55 से 101.80 के बीच दर्ज है।
ली हार्डमैन ने रेखांकित किया कि पिछले सप्ताह आए मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों के चलते अमेरिकी यील्ड कर्व के निचले छोर पर दरों को लेकर आक्रामक रीप्राइसिंग हुई है। बाजार अब इस सप्ताह की एफओएमसी बैठक में लगभग 22 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा है, जबकि ठीक एक सप्ताह पहले केवल 15 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, दरों की उम्मीदों में इतने बड़े बदलाव के बावजूद डॉलर इंडेक्स में केवल 0.3 प्रतिशत का ही उछाल आया है, जो यह स्पष्ट करता है कि सख्ती के कयासों का डॉलर पर असर अब तक बेहद सीमित रहा है।
तकनीकी संकेतकों में मजबूती के रुझान
करेंसी चार्ट्स पर डॉलर इंडेक्स का मौजूदा ढांचा लंबी अवधि के अपट्रेंड को दर्शा रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 60 के स्तर पर है, जो स्थिर खरीदारी का संकेत देता है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी 0.05 पर है जो इसके -0.12 के सिग्नल स्तर से ऊपर है, और 0.18 का हिस्टोग्राम बुलिश मोमेंटम का समर्थन कर रहा है। मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 99.58, 50-दिवसीय ईएमए 99.73 और 200-दिवसीय ईएमए 99.30 पर स्थित है, जिसमें 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है।
अल्पकालिक स्तरों की बात करें तो 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड्स 98.43 से 100.30 के बीच फैले हैं और सूचकांक का भाव 99.36 के मध्य स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहा है। औसत डायरेक्शनल इंडेक्स यानी एडीएक्स 27 पर पहुंचकर एक मजबूत ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 83 और सिग्नल लाइन 91 पर स्थित है। तकनीकी स्तरों में 100.32 का मुख्य पिवट है, जिसके ऊपर पहला रेजिस्टेंस 100.46 और दूसरा रेजिस्टेंस 100.71 पर मौजूद है। वहीं निचले स्तर पर पहला सपोर्ट 100.07 और दूसरा सपोर्ट 99.93 पर आंका गया है, जबकि 0.44 का एटीआर दैनिक उतार-चढ़ाव का दायरा दर्शाता है।
प्रमुख वैश्विक करेंसी जोड़ियों और संपत्तियों की चाल
डॉलर की इस स्थिरता का असर अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों पर भी साफ देखा गया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD जोड़ी करीब डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर 0.7140 के करीब पहुंच गई। हालांकि, इसमें कोई निरंतर गिरावट नहीं दिखी और हाजिर भाव लगभग 0.25 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार करता दिखा।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन यानी USD/JPY जोड़ी में नए सप्ताह के आगाज पर खरीदारों का रुझान देखा गया, जिससे भाव शुक्रवार के नुकसान की आंशिक भरपाई करते हुए 154.00 के करीब पहुंच गया। फिर भी, यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में ही बंधी रही और मंगलवार को छुए गए करीब सात महीने के निचले स्तर के आसपास मंडराती रही, क्योंकि ट्रेडर्स प्रमुख केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क (PI) ने सोमवार को अपनी सुधार यात्रा जारी रखी और लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद 0.097 डॉलर के ऊपर कारोबार किया। पारिस्थितिकी तंत्र के निरंतर विकास और बेहतर डेवलपर टूल्स के कारण इसकी उपयोगिता में सुधार हो रहा है। तकनीकी संकेतक भी सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि ऊपर की ओर एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेजेज की बाधा बनी हुई है जो इसके लाभ को सीमित कर रही है।
बैंक ऑफ कनाडा और वैश्विक मुद्रास्फीति पर नजर
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर वैश्विक निवेशकों की निगाहें कनाडा के अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों पर भी टिकी हैं। स्टैटिस्टिक्स कनाडा द्वारा जारी किए जाने वाले ये आंकड़े बैंक ऑफ कनाडा की 2 सितंबर की बैठक के बाद मूल्य दबावों का ताजा आकलन पेश करेंगे। बैंक ऑफ कनाडा के नीति निर्धारकों ने विश्लेषकों की सहमति के अनुरूप अपनी ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों को लेकर अपनाए जा रहे इस सतर्क दृष्टिकोण के बीच मुद्रा बाजारों में आने वाले दिन अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले साबित हो सकते हैं।



















