फर्रुखाबाद के इस प्राचीन शिव मंदिर में एक साथ होते हैं बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, महाभारत काल से जुड़ा है गहरा इतिहासपुणे प्लांट में बनने लगी लैंड रोवर डिफेंडर, कीमतों में 34 लाख रुपये तक की भारी कटौतीसावन में बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम क्या है, एक गलती से बेकार हो सकती है पूजाबायोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव के दावों पर एन्थ्रोपिक की नई रिपोर्टरिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड 3 प्रतिशत कर सकता है ब्याज दर, मुद्रास्फीति और वैश्विक दबावों के बीच नीतिगत समीक्षा पर टिकी नज़रेंक्विंस की मेरिनो वूल टी-शर्ट बाजार में क्यों मचा रही है धूमवियतनाम में आर्थिक रफ्तार 2027 तक रहेगी तेज, 11 फीसदी तक पहुंच सकती है विकास दरअमेरिकी डॉलर के मुकाबले थाई बात तीन महीने के निचले स्तर पर फिसला, बैंक ऑफ थाईलैंड की बैठक पर टिकी नजरेंयमन से मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद रियाद में धमाके, उधर होर्मुज में तेल टैंकर में लगी आगड्यून: पार्ट थ्री का फाइनल ट्रेलर रिलीज, पॉल अत्रेइदेस और चानी के बीच भयंकर टकराव की झलक
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के दायरे में ठहराबाज़ार
29 सित॰ 2026, 9:55 am (29 दिन पहले)· 3

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के नीतिगत फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के दायरे में ठहरा

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी ब्याज दर घोषणा से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के इर्द-गिर्द संघर्ष कर रहा है, जबकि वैश्विक तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से दबाव बना हुआ है।

AUD/USD━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण29 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.70 पर है, जबकि EMA20 0.71, EMA50 0.71 और EMA200 0.70 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.71) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.70) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का RSI 32 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कारोबारी हफ्ते की शुरुआत के साथ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने संभलने की कोशिश जारी रखी है, जहां यह 0.7000 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक ऊपर टिका हुआ है। पिछले महीने दर्ज किए गए 0.7240 के ऊंचे स्तर से फिसलने के बाद यह मुद्रा जोड़ी लगातार दबाव का सामना कर रही है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को हवा दी है, जिसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ऐसे माहौल में विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के आगामी ब्याज दर निर्णय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया पर टिकी निगाहें और मौद्रिक रुख

बाजार विशेषज्ञों के बीच व्यापक सहमति है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया मंगलवार को अपनी आधिकारिक नकद दर में 25 आधार अंकों का इजाफा कर सकता है। संस्थागत नीति निर्माताओं ने पहले ही स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए उनका रुख सख्त बना रहेगा। वित्तीय हलकों में इस साल के अंत तक लगभग 42 आधार अंकों की कुल ब्याज दर वृद्धि की संभावनाएं आंकी जा रही हैं। हालिया बैठकों के ब्योरे से यह सामने आया है कि डेटा केंद्रों में बढ़ते पूंजीगत खर्च, लागत वृद्धि के उपभोक्ताओं तक पहुंचने और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई के दोबारा भड़कने का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक का मानना है कि महंगाई दर को उसके तयशुदा 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में लाने का सफर लंबा और असमान हो सकता है, और यह लक्ष्य संभवतः 2028 की शुरुआत में ही हासिल हो पाएगा।

ये भी पढ़ें

घरेलू आर्थिक आंकड़ों की मिली-जुली तस्वीर

ऑस्ट्रेलिया का व्यापक आर्थिक प्रदर्शन जी10 समूह के कई विकसित देशों की तुलना में बेहतर बना हुआ है, जिसे घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों से सहारा मिला है। फिर भी हालिया आंकड़ों में सुस्ती के कुछ स्पष्ट संकेत उभरे हैं। वित्तीय वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में तिमाही आधार पर 0.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो पिछली तिमाही के 0.3 प्रतिशत से मामूली बेहतर रही। लेकिन सालाना आधार पर विकास दर पूर्ववर्ती 2.5 प्रतिशत से फिसलकर 2.1 प्रतिशत पर दर्ज हुई। उद्योग जगत के आंकड़े भी गतिरोध की ओर इशारा करते हैं; सितंबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स गिरकर 49.3 पर पहुंच गया जो पहले 52.0 था, जबकि सेवा क्षेत्र का सूचकांक भी 53.2 से घटकर 51.4 के स्तर पर आ गया।

श्रम बाजार से भी मिले-जुले संकेत सामने आए हैं, जहां अगस्त में बेरोजगारी दर चढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई। हालांकि इसी दौरान रोजगार में 39.5 हजार की बढ़ोतरी हुई, जिसने जुलाई की करीब 16 हजार नौकरियों की गिरावट की भरपाई की। विदेशी व्यापार के मोर्चे पर राहत बनी हुई है; जुलाई में देश का व्यापार अधिशेष 1.923 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर रहा, जो जून के 2.341 अरब डॉलर के अधिशेष के बाद आया है। दूसरी ओर, महंगाई के मोर्चे पर मुख्य खुदरा महंगाई जुलाई में सुधरकर 3.5 प्रतिशत पर आई, जबकि कोर महंगाई 3.6 प्रतिशत पर स्थिर रही। उपभोक्ताओं की मुद्रास्फीति प्रत्याशाएं भी सितंबर में 4.9 प्रतिशत पर अडिग रहीं, जिससे केंद्रीय बैंक के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है।

चीनी अर्थव्यवस्था की स्थिरता और सीमित असर

ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार चीन इस समय स्थिरता प्रदान कर रहा है, मगर वह वैसी तेज छलांग नहीं लगा पा रहा है जो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को बड़ा सहारा देती रही है। अप्रैल से जून की अवधि में चीनी अर्थव्यवस्था सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी। इसके अलावा, औद्योगिक उत्पादन में वर्ष-दर-वर्ष 5.2 प्रतिशत का विस्तार हुआ और जुलाई में व्यापार अधिशेष बढ़कर 119.1 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इसके उलट, घरेलू खपत कमजोर बनी हुई है क्योंकि खुदरा बिक्री में केवल 0.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई। आधिकारिक विनिर्माण सूचकांक 49.8 पर और सेवा क्षेत्र 49.0 पर रुका हुआ है, जबकि निजी रेटिंगडॉग सर्वेक्षणों में मैन्युफैक्चरिंग 51.5 और सर्विसेज 51.4 के विस्तारकारी दायरे में रहे हैं। इस संतुलित स्थिति के कारण चीनी परिदृश्य से मुद्रा जोड़ी को न तो कोई बड़ी गिरावट मिल रही है और न ही कोई मजबूत तेजी।

तकनीकी स्तर और वायदा बाजार की स्थिति

कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन की ताजा रिपोर्ट बताती है कि सट्टेबाज निवेशकों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के खिलाफ अपनी मंदी की पोजीशन को दोबारा बढ़ाना शुरू कर दिया है। सट्टेबाजों की शुद्ध मंदी की पोजीशन बढ़कर 46.7 हजार अनुबंधों तक पहुंच गई है, जो पिछले कई हफ्तों का उच्चतम स्तर है। सट्टा जोखिम अनुपात तेजी से गिरकर -15.3 प्रतिशत पर आ गया है, और चार हफ्तों का रुझान भी नकारात्मक हो चुका है। तकनीकी चार्ट पर, 200 दिनों का सिंपल मूविंग एवरेज 0.7020 के करीब बना हुआ है, जिसका टूटना गिरावट को 0.7007 के हालिया निचले स्तर और फिर 0.6922 की तरफ धकेल सकता है। यदि मुद्रा संभलती है, तो 0.7079 से 0.7084 के बीच कड़ा प्रतिरोध मौजूद है, जिसे पार करने के बाद ही 0.7200 और 0.7280 के स्तरों की दिशा में रिकवरी संभव हो सकेगी।

अन्य परिसंपत्तियों का हाल और वैश्विक माहौल

वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का असर अन्य संपत्तियों पर भी गहरा रहा है। सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले डॉलर की चमक के कारण सोने की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई, जहां पीली धातु फिसलकर 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में आ गई। डिजिटल संपत्तियों में बिटकॉइन 82,800 डॉलर के नीचे कारोबार करता नजर आया, जहां संस्थागत ईटीएफ प्रवाह के बावजूद तेजी की रफ्तार कुछ सुस्त पड़ी है। उधर, बैंक ऑफ जापान के नरम नीतिगत रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच यूएस डॉलर बनाम जापानी येन 158.00 के स्तर की तरफ बढ़ गया है। ऊर्जा लागत में वृद्धि से विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक सख्ती के बने रहने की आशंकाएं दोबारा बलवती हो गई हैं।

सवाल-जवाब

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया से क्या फैसला आने की उम्मीद है?
बाजार आम सहमति के अनुसार केंद्रीय बैंक मंगलवार को अपनी आधिकारिक नकद दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती के पीछे क्या कारण हैं?
अमेरिका-ईरान तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है।
ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति की वर्तमान स्थिति क्या है?
जुलाई में खुदरा महंगाई घटकर 3.5 प्रतिशत रही, जबकि कोर महंगाई 3.6 प्रतिशत और उपभोक्ता प्रत्याशाएं 4.9 प्रतिशत पर स्थिर बनी रहीं।
मुद्रा जोड़ी के लिए कौन से तकनीकी स्तर सबसे महत्वपूर्ण हैं?
निचले स्तर पर 0.7020 और 0.7007 अहम सहारा हैं, जबकि ऊपरी दायरे में 0.7079 से 0.7084 के बीच मजबूत प्रतिरोध दिखाई दे रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·28 दिन पहले

ब्याज दरों को लेकर बाजार में जो हलचल है, उसका असर अब करेंसी पर भी साफ दिखने लगा है।

Rohan Gupta@rohan-gupta·28 दिन पहले

डेटा सेंटर पर इतना खर्च हो रहा है, तो क्या इसका असर सीधे तौर पर आम आदमी के बिजली के बिल पर पड़ेगा?

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·28 दिन पहले

रोहन जी, डेटा सेंटर के महंगे खर्च का दबाव सीधे आम उपभोक्ताओं तक पहुँच रहा है, जिससे बिजली के बिल बढ़ना लाजिमी है।

Ravikash Gupta@ravikash·28 दिन पहले

महंगाई को काबू में करने का लक्ष्य 2028 तक खींच गया है, यह सुनकर तो हैरानी होती है। इतनी लंबी अवधि तक इंतजार करना आम लोगों के लिए बहुत भारी पड़ेगा।

Michael Anderson@michael-anderson·28 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैं वॉशिंगटन में था, तब भी ऐसी ही लंबी अवधियों वाले अनुमान सुनकर लोग परेशान हो जाते थे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp