भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांकों में 1 अक्टूबर 2026 को पूरे सत्र के दौरान मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। सुबह के वक्त कमजोरी के साथ खुले बाजार शाम तक संभल नहीं पाए और चौतरफा बिकवाली के थपेड़ों के बीच गहरे नुकसान के साथ बंद हुए। विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और मेटल कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली और बिकवाली की। शुक्रवार को गांधी जयंती के चलते अवकाश होने के कारण अब कारोबारी गतिविधियां तीन दिनों के लंबे सप्ताहांत के बाद सीधे सोमवार को शुरू होंगी।
प्रमुख सूचकांकों का हाल और तकनीकी स्तर
दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत टूटकर 71,909.70 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के साथ सेंसेक्स अहम मनोवैज्ञानिक स्तर 72,000 के नीचे खिसक गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी दबाव से बच नहीं सका और 198.50 अंक अथवा 0.88 प्रतिशत के भारी नुकसान के साथ 22,421.95 अंक पर बंद हुआ। सूचकांकों में गिरावट की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निफ्टी की 50 कंपनियों में से महज 13 के शेयर हरे निशान में टिक सके, जबकि शेष 37 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
ऑटोमोबाइल और मेटल सेक्टर में तेज गिरावट
सेंसेक्स के घटक शेयरों में सबसे तीखा झटका वाहन निर्माता कंपनियों को लगा। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी का शेयर 4.59 प्रतिशत लुढ़ककर सेंसेक्स का सबसे बड़ा लूजर बना। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 3.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मेटल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा स्टील के शेयर 3.01 प्रतिशत गिर गए। बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से अडाणी पोर्ट्स में 2.69 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई, जबकि एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी के शेयर 2.56 प्रतिशत नीचे चले गए।
हैवीवेट शेयरों में गिरावट का व्यापक असर
अन्य प्रमुख शेयरों पर नजर डालें तो पावर ग्रिड 2.23 प्रतिशत और हिंदुस्तान यूनिलीवर 2.17 प्रतिशत टूटकर बंद हुए। इसके साथ ही एटरनल में 1.86 प्रतिशत, एलएंडटी में 1.85 प्रतिशत और देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.81 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। बिजली उत्पादक एनटीपीसी के शेयर 1.65 प्रतिशत, रक्षा उपकरण निर्माता बीईएल के शेयर 1.63 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 1.60 प्रतिशत फिसल गए।
वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र के बड़े शेयरों में भी बिकवाली रही, जिसमें आईसीआईसीआई बैंक 1.29 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 1.24 प्रतिशत, टाइटन 1.20 प्रतिशत और इंडिगो 1.18 प्रतिशत टूट गए। इसके अलावा एक्सिस बैंक में 0.98 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 0.98 प्रतिशत, ट्रेंट में 0.98 प्रतिशत, एसबीआई में 0.70 प्रतिशत, सन फार्मा में 0.55 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 0.29 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व में 0.17 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया। कुल मिलाकर सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 कंपनियां लाल निशान में रहीं।
आईटी और चुनिंदा बैंकिंग शेयरों ने संभाला मोर्चा
बाजार में फैली चौतरफा निराशा के बीच देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने जोरदार प्रदर्शन किया। इन्फोसिस के शेयर 4.02 प्रतिशत की जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुए और बाजार को सहारा देने का प्रयास किया। आईटी क्षेत्र की ही दिग्गज टीसीएस में 1.43 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 1.38 प्रतिशत और टेक महिंद्रा में 0.40 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। निजी बैंकिंग क्षेत्र से एचडीएफसी बैंक के शेयर 1.36 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 0.53 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहे। सेंसेक्स के केवल यही 6 शेयर हरे निशान में बंद हो सके।

















