वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजारों में चीनी युआन हाल ही में अपने बहुवर्षीय उच्च स्तर के करीब बंद हुआ है, हालांकि केंद्रीय बैंक की ओर से तय किए जाने वाले फिक्सिंग मूल्य अभी भी इस बात का संकेत दे रहे हैं कि मुद्रा की तेजी की रफ्तार को लेकर कुछ प्रतिरोध बना हुआ है। बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि विनिमय दर में एकतरफा और अत्यधिक तीव्र बदलाव को रोकने के लिए मौद्रिक अधिकारियों द्वारा सतर्क रुख अपनाया जा रहा है।
केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख और बाजार के आंकड़े
शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन यानी USDCNY का मिडपॉइंट थोड़ा ऊपर की ओर खिसकाकर 6.7817 पर तय किया गया, जो कि बाजार की उम्मीदों से लगभग 550 पिप्स ऊपर बना रहा। यह स्थिति इस बात को स्पष्ट करती है कि पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना युआन की क्रमिक मजबूती के साथ सहज बना हुआ है, लेकिन वह किसी भी बहुत तेज या एकतरफा तेजी के पक्ष में नहीं है। लाइव बाजार के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सत्र में USD/CNY की कीमत 6.71 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 6.72 से 0.16 प्रतिशत नीचे है। इस जोड़े की 52-सप्ताह की सीमा 6.71 से 7.19 के बीच रही है, जबकि वॉल्यूम 20-दिन के औसत के बराबर 1.00x पर है।
तकनीकी संकेतक और गतिशीलता
तकनीकी मोर्चे पर, USD/CNH का पिछला बंद स्तर 6.7210 दर्ज किया गया था। दैनिक गतिशीलता हल्के मंदी के रुख यानी माइल्ड बियरिश दौर में बनी हुई है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI गिरकर ओवरसोड यानी अति-बिक्री की स्थिति में पहुंच गया है। लाइव तकनीकी गणना के अनुसार RSI(14) वर्तमान में 17 पर है, जो अत्यधिक बिकवाली का संकेत देता है। इसके अलावा, एमएसीडी -0.01 पर सिग्नल -0.01 के मुकाबले बना हुआ है, और एमएसीडी हिस्टोग्राम -0.00 पर है जो मंदी का रुझान दिखाता है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 6.74 पर, EMA50 6.76 पर और EMA200 6.89 पर है। इसके साथ ही, SMA50 6.77 और SMA200 6.88 पर है, जो यह दर्शाता है कि कीमत एक दीर्घकालिक मंदी के रुझान में है और बाजार में डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। बोलिंगर बैंड (20,2) के तहत निचला बैंड 6.72 और ऊपरी बैंड 6.77 (मध्यम स्तर 6.75) है, और वर्तमान कीमत निचले बैंड से नीचे ट्रेड कर रही है। ADX(14) 34 पर है जो एक मजबूत ट्रेंडिंग बाजार को इंगित करता है, जबकि स्टोकास्टिक में फास्ट लाइन 5 और सिग्नल लाइन 2 पर है। ATR(14) 0.00 पर है। मूल्य दृष्टिकोण अभी भी नीचे की ओर झुका हुआ है, हालांकि किसी भी अचानक पलटाव यानी स्नैपबैक के जोखिम को पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता है।
प्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तर
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने इस जोड़े के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों की पहचान की है। वर्तमान में ऊपरी स्तरों पर प्रतिरोध 6.7480 (जो 21 DMA है) और 6.7540 पर दिखाई दे रहा है। इसके अतिरिक्त, लाइव पिवट डेटा के अनुसार निकटतम प्रतिरोध R1 6.72 और R2 6.73 पर स्थित हैं। दूसरी ओर, समर्थन स्तर 6.72, 6.7140 (जो 2022 के निचले स्तर से ट्रिपल-टॉप तक का 61.8% फिबोनाची रीट्रेसमेंट है) और 6.70 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर मौजूद हैं। लाइव डेटा के अनुसार एस1 (S1) 6.71 और एस2 (S2) 6.70 पर है, जबकि 20-दिन का समर्थन लगभग 6.71 और प्रतिरोध लगभग 6.77 पर आंका गया है।
व्यापक वैश्विक मुद्रा बाजार का परिदृश्य
विस्तृत मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। पाउंड यानी GBP/USD अपनी हालिया रिकवरी के एक हिस्से को पीछे छोड़ते हुए सप्ताह की शुरुआत में 1.3600 के निचले स्तरों के आसपास पहुंच गया है। ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर में आई अच्छी खासी बढ़त के बीच केबल में हल्का मंदी का रुझान देखा जा रहा है, क्योंकि निवेशक आगामी अमेरिकी डेटा रिलीज और जैक्सन होल कार्यक्रम को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी प्रकार, यूरो यानी EUR/USD भी थोड़ा दबाव में है और सोमवार को अपने दैनिक निचले स्तरों को छूते हुए 1.1660 के क्षेत्र की ओर फिसल गया है। इस जोड़ी में गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई अच्छी तेजी के बाद आई है, जबकि निवेशक अमेरिकी मनी मार्केट की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।
कमोडिटी और अमेरिकी ट्रेजरी का रुख
कीमती धातुओं के बाजार में, सोना अपनी शुरुआती बढ़त के एक हिस्से से पीछे जरूर हटा है, लेकिन वह सोमवार को प्रति ट्रॉय औंस 4,600 डॉलर के महत्वपूर्ण आंकड़े से ऊपर अपनी तेजी की गति को मजबूती के साथ बनाए हुए है। सोने में यह ऊपर की ओर मूवमेंट अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त और पूरी कर्व पर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई हल्की गिरावट के बावजूद देखने को मिल रहा है। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को अपनी घोषणा में बताया कि वह 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय क्षेत्रों में तरलता समर्थन पुनर्खरीद यानी लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशनों के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत अधिकतम सीमा को प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होगा और 4 नवंबर तक चलेगा।


















