अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिर से बढ़त हासिल कर ली है। शुरुआती कारोबार में यूरो और डॉलर की जोड़ी 0.1 प्रतिशत गिरकर 1.1369 पर आ गई थी, लेकिन सोमवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान यह दोबारा 1.1400 के स्तर को पार करने में सफल रही। इस तेजी की मुख्य वजह यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा आगामी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाएं और अमेरिकी डॉलर में दर्ज की गई सामान्य कमजोरी है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक का मौद्रिक नीति रुख
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य गेडिमिनास सिमकुस ने हालिया बयानों में संकेत दिया है कि ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर स्थिर रखने के बजाय इनमें बढ़ोतरी किए जाने की संभावना अधिक है। मौद्रिक नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ईसीबी सितंबर महीने में 25 बीपीएस की अंतिम दर वृद्धि कर सकता है। यदि यह बढ़ोतरी होती है, तो केंद्रीय बैंक की डिपॉजिट रेट बढ़कर 2.50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, जिसके बाद लंबे समय के लिए दरों में ठहराव देखा जा सकता है।
हालांकि केंद्रीय बैंक के अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहती हैं और इससे अर्थव्यवस्था में दूसरे दौर के मुद्रास्फीति प्रभाव पैदा होते हैं, तो नीतिगत सख्ती के आगे के दरवाजें खुले रखे जा सकते हैं। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बैंक अतिरिक्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
डॉलर में गिरावट और भू-राजनीतिक परिस्थितियां
अमेरिकी डॉलर सूचकांक में आई गिरावट ने भी यूरो सहित अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को सहारा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 5 महीनों से जारी संघर्ष को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाने की दिशा में नई उम्मीदें जगी हैं। इस कूटनीतिक प्रगति से बाजार में अनिश्चितता थोड़ी कम हुई है, जिससे ग्रीनबैक पर बिकवाली का दबाव देखा गया और सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान विपक्षी मुद्राओं में तेजी दर्ज की गई।
पॉउंड, सोना और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हाल
अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पॉउंड और डॉलर की जोड़ी ने शुक्रवार को अपने तीन सप्ताह के निचले स्तर से मामूली सुधार दर्ज किया था, जिसके बाद नए व्यावसायिक सप्ताह की शुरुआत में इसमें जोरदार तेजी देखी गई। एशियाई सत्र में स्पॉट कीमतें 1.3300 के मध्य स्तर को पार कर गईं, जो लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख को दर्शाती हैं।
दूसरी ओर, सोने की कीमतें सोमवार तड़के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ा नीचे आईं, लेकिन वे अपनी बढ़त को बनाए रखने में कामयाब रहीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,100 डॉलर के स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। मध्य पूर्व में तनाव के घटनाक्रमों और इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले को देखते हुए व्यापारी सतर्कता बरत रहे हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बात करें तो वर्ष की पहली छमाही में इसने भारी उतार-चढ़ाव देखा था। एक समय चार साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद इसमें गिरावट आई थी। अब मध्य पूर्व में नए सिरे से शुरू हुई शत्रुता के कारण मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के दृष्टिकोण पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे यह मुद्रा वर्ष की दूसरी छमाही में सावधानी के साथ प्रवेश कर रही है।
क्रिप्टो बाजार में दबाव और कार्डानो की स्थिति
डिजिटल एसेट बाजार में कार्डानो दबाव में नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह मामूली नुकसान दर्ज करने के बाद सोमवार को भी ADA की कीमत घटकर 0.165 डॉलर पर कारोबार कर रही थी। डेरिवेटिव्स बाजार के कमजोर आंकड़े और सुस्त गति संकेतक यह इशारा करते हैं कि कार्डानो में ऊपर की तरफ बढ़त सीमित है, जिससे निवेशकों का ध्यान नीचे की ओर जोखिम पर बना हुआ है।



















