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सोना $4,600 के स्तर की ओर बढ़ा, टीडी सिक्योरिटीज ने सरकारी बॉन्ड खरीदारी के बीच तेजी की जताई संभावनाबाज़ार
21 अग॰ 2026, 7:29 pm (1 दिन पहले)· 0

सोना $4,600 के स्तर की ओर बढ़ा, टीडी सिक्योरिटीज ने सरकारी बॉन्ड खरीदारी के बीच तेजी की जताई संभावना

सोने की कीमतों में रिकवरी देखने को मिल रही है और यह $4,600 के रेजिस्टेंस स्तर की ओर बढ़ रहा है। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड पुनर्खरीद और चीनी ईटीएफ प्रवाह से बाजार में मजबूती आ रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और कीमती धातुओं में शुक्रवार को जोरदार मजबूती देखी जा रही है। सोने की कीमतें एक बार फिर $4,600 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर को परखने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जो पिछले छह महीनों के कारोबारी दायरे का ऊपरी स्तर है। सोने में आई इस ताजा तेजी को अमेरिकी डॉलर में दर्ज की गई गिरावट से बड़ा सहारा मिला है, जो अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लिक्विडिटी सपोर्ट और बॉन्ड पुनर्खरीद कार्यक्रम के अचानक किए गए ऐलान के बाद देखने को मिली।

टीडी सिक्योरिटीज ने सोने में तेजी के दिए संकेत

टीडी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषकों रयान मैक्के और बार्ट मेलेक के अनुसार, सोना और अन्य कीमती धातुएं अब एक ऐसे ऊंचे दायरे में कारोबार कर रही हैं जहां से सिस्टमिक खरीदारी की एक नई लहर शुरू हो सकती है। उनके परिदृश्य विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि अगले सप्ताह सोने और पूरी कीमती धातु परिसर में ऊपर की ओर मजबूत बढ़त की संभावना बनी हुई है। इस तेजी को कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स (CTA) की ओर से होने वाली ऑटोमैटिक खरीदारी से और बल मिल सकता है।

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विश्लेषकों का मानना है कि बॉन्ड बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के यील्ड को नियंत्रित करने और सहारा देने के कदम से सोने को मजबूती मिल रही है। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व (Fed) की ओर से यह संकेत मिले हैं कि वह ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को नजरअंदाज करते हुए मौद्रिक नीति में तत्काल सख्ती नहीं करेगा। यह स्थिति बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है।

चीनी संस्थानों की खरीदारी और ईटीएफ प्रवाह में रिकवरी

अमेरिकी व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भौतिक और संस्थागत मांग भी सोने की कीमतों को मजबूती प्रदान कर रही है। शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज (SHFE) के शीर्ष ट्रेडर्स हाल के दिनों में सोने की खरीदारी में फिर से सक्रिय हो गए हैं, जिससे एशियाई बाजारों में निवेशकों का भरोसा झलक रहा है। इसके साथ ही, चीन के सोना ईटीएफ में भी हाल की निकासी के बाद नए सिरे से पूंजी का प्रवाह दर्ज किया गया है, जो संस्थागत मांग की वापसी को दर्शाता है।

हालांकि, टीडी सिक्योरिटीज ने सोने में अगली बड़ी तेजी को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विश्लेषकों का कहना है कि वित्तीय बाजार अभी भी वर्ष 2027 के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को ध्यान में रखकर चल रहे हैं। ऐसे में सोने में $4,600 से ऊपर टिकाऊ तेजी तभी संभव हो पाएगी जब व्यापक बाजार को यह पूरा विश्वास हो जाए कि फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों को स्थिर रखने की रणनीति पर कायम रहेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा ऐलान: बॉन्ड बायबैक की सीमा दोगुनी

बाजार में आए इस बड़े बदलाव के पीछे अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का एक अप्रत्याशित फैसला मुख्य कारण रहा। बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम को (12:32 GMT पर) अपने तय कैलेंडर से अलग हटकर विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स के लिए अपने लिक्विडिटी बायबैक ऑपरेशन्स को कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रत्येक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दी गई है।

यह नया और विस्तारित बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा। लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बड़े पैमाने पर पुनर्खरीद करके ट्रेजरी का लक्ष्य वित्तीय बाजार में नकदी बढ़ाना और यील्ड में होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकना है। इस कदम के सामने आते ही अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और कमोडिटी बाजार में तेजी दर्ज की गई।

विदेशी मुद्रा बाजार: जीबीपी और ईयूआर में दिखा उतार-चढ़ाव

मुद्रा बाजार में भी आर्थिक आंकड़ों के आने के बाद काफी हलचल देखी गई। ब्रिटेन के मजबूत पीएमआई (PMI) आंकड़ों के दम पर ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3670 से ऊपर चला गया, जो फरवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में अमेरिकी निजी क्षेत्र के बेहतर आंकड़ों के कारण डॉलर (USD) में थोड़ी मजबूती आई और GBP/USD घटकर 1.3650 के नीचे आ गया। इस गिरावट के बावजूद यह मुद्रा जोड़ी लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त दर्ज करने की राह पर है।

दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) में भी यूरोपीय सत्र की शुरुआती तेजी के बाद मामूली गिरावट आई और यह 1.1700 के स्तर से नीचे आ गया। जर्मनी और यूरोजोन से आए मिले-जुले पीएमआई आंकड़ों के कारण यूरो पर दबाव रहा। इसके बावजूद, यूरो समग्र रूप से मजबूत बना हुआ है और हफ्ते के अंत तक इसमें शानदार बढ़त दर्ज होने की संभावना है।

क्रिप्टो बाजार में उछाल: बिटकॉइन $77,000 के पार

डिजिटल एसेट्स में भी सोने की तर्ज पर शुक्रवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BTC) $77,000 का स्तर पार कर गई। बिटकॉइन की इस तेजी का असर अन्य ऑल्टकॉइन्स पर भी पड़ा, जहां एथेरियम (ETH) $2,400 के करीब पहुंच गया और रिपल (XRP) $1.35 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया।

जैक्सन होल सम्मेलन और एनवीडिया के नतीजों पर नजर

आगामी दिनों में वित्तीय बाजारों की दिशा तय करने में दो बड़े वैश्विक घटनाक्रम अहम भूमिका निभाएंगे। केविन वॉश जैक्सन होल आर्थिक सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं, जहां उनके बयानों पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि, बॉन्ड बाजार में ट्रेजरी के हस्तक्षेप के बाद किसी बड़े सख्त रुख की संभावना कम जताई जा रही है। दूसरी ओर, एनवीडिया (NVDA) के तिमाही नतीजे भी शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे, क्योंकि टेक शेयरों में जारी तेजी अब थोड़ी सुस्त पड़ती दिख रही है।

सवाल-जवाब

सोना किस रेजिस्टेंस स्तर की ओर बढ़ रहा है?
सोना $4,600 के रेजिस्टेंस स्तर को दोबारा परखने की ओर बढ़ रहा है, जो पिछले छह महीनों के उच्च दायरे को दर्शाता है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल की अवधि वाले बॉन्ड्स के लिए लिक्विडिटी बायबैक की सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया है।
टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का सोने पर क्या कहना है?
रयान मैक्के और बार्ट मेलेक का मानना है कि सोने की कीमतों में ऊपर की ओर मजबूती और सिस्टमिक सीटीए (CTA) खरीदारी की संभावना बनी हुई है।
बिटकॉइन और क्रिप्टो बाजार का क्या हाल है?
बिटकॉइन की कीमत $77,000 के पार पहुंच गई है, जबकि एथेरियम $2,400 और रिपल $1.35 के आसपास कारोबार कर रहे हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड और यूरो का प्रदर्शन कैसा रहा?
जीबीपी/यूएसडी 1.3670 तक जाने के बाद 1.3650 के नीचे आया, जबकि ईयूआर/यूएसडी 1.1700 के नीचे कारोबार कर रहा है। दोनों मुद्राएं साप्ताहिक बढ़त की राह पर हैं।
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