उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद इलाके से रिश्तों को झकझोर देने वाला एक अत्यंत अजीब मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक विवाहित महिला ने अपने पति और प्रेमी दोनों के साथ एक ही घर में रहने की अनोखी जिद पकड़ ली है, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण अब पुलिस कोतवाली तक पहुँच चुका है। इस घटना की चर्चा पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई है और हर कोई इस अनूठे ड्रामे को लेकर हैरान है।
पति के सामने प्रेमी से रचाई शादी
यह पूरा मामला महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फुलवारीपुर गाँव का है। फुलवारीपुर के रहने वाले शुभम वर्मा का विवाह पचदेवरा की रहने वाली अंजू वर्मा के साथ हुआ था और इस दंपति के दो बच्चे भी हैं। कुछ समय बीतने के बाद अंजू की नजदीकियाँ उनेरा गाँव निवासी नितिन विश्वकर्मा नाम के एक युवक के साथ बढ़ने लगीं। स्थिति तब और अधिक चौंकाने वाली हो गई जब अंजू ने अपने पहले पति शुभम के सामने ही मंदिर में जाकर नितिन के साथ भी विवाह रचा लिया।
पति और पत्नी दोनों की है एक ही जिद
इस अजीबोगरीब रिश्ते की बात तब सार्वजनिक हुई जब अंजू ने खुलकर यह ऐलान किया कि वह शुभम और नितिन दोनों पतियों के साथ एक ही घर में रहना चाहती है। सबसे हैरानी की बात यह है कि पहला पति शुभम भी अपनी पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत नजर आ रहा है और वह नितिन को अपने साथ रखने के लिए तैयार है। शुभम का तो यहाँ तक कहना है कि वह अपनी पत्नी अंजू और नितिन का साथ किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा और जरूरत पड़ने पर इसके लिए वह अपना घर तक छोड़ने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ अंजू भी अपनी इस जिद पर पूरी तरह अड़ी हुई है कि वह दोनों पुरुषों के साथ ही अपना जीवन बिताएगी।
परिवार का कड़ा विरोध और कोतवाली में हंगामा
स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों के अनुसार, नितिन पहले भी अक्सर शुभम के घर आता-जाता रहता था और कई बार वहीं रुकता भी था। शुभम तो यहाँ तक मानता है कि नितिन उसका भाई जैसा है और दोनों अक्सर एक साथ बैठकर खाना भी खाते हैं। हालाँकि, महिला के ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों को यह अजीब व्यवस्था बिल्कुल मंजूर नहीं है। वे लगातार इस बात का कड़ा विरोध कर रहे हैं कि एक महिला दो पतियों के साथ एक घर में कैसे रह सकती है। परिवार के भीतर इस बात को लेकर बढ़ते तनाव और विवाद के बाद शुक्रवार को यह मामला महमूदाबाद कोतवाली तक जा पहुँचा, जहाँ शुभम, अंजू और नितिन समेत दोनों पक्षों के लोग थाने में एकत्र हुए।
पुलिस की मध्यस्थता और पूर्व की घटनाएँ
कोतवाली में काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत और तीखी नोकझोंक का दौर चलता रहा। मौके पर मौजूद कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने दोनों पक्षों की विस्तार से बात सुनी और आपसी सहमति से इस अनोखे विवाद को शांत कराने का भरसक प्रयास किया। हालाँकि, परिवार के अन्य सदस्यों के कड़े विरोध के चलते थाने में किसी भी प्रकार की अंतिम सहमति नहीं बन पाई। उत्तर प्रदेश में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले संतकबीरनगर जिले में भी एक पति द्वारा अपनी पत्नी की शादी उसके बॉयफ्रेंड से मंदिर में कराने का एक ऐसा ही हैरान करने वाला वाकया सामने आ चुका है, जहाँ उस महिला के पाँच बच्चे भी थे और जिसकी लव मैरिज 21 साल पहले हुई थी। इसके अलावा अमरोहा जिले में एक ही दूल्हे से तीन सगी बहनों की शादी का फर्जी वीडियो वायरल होने और बाद में सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए किए गए स्टंट का खुलासा होने का मामला भी काफी चर्चा में रहा था, जिस पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने कड़ा संज्ञान लिया था।



















