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एफआईएच हॉकी विश्व कप: नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत को मिली शिकस्त, कप्तान हरमनप्रीत सिंह की कोशिश भी नहीं आई कामखेल
22 अग॰ 2026, 10:12 pm (66 दिन पहले)· 5

एफआईएच हॉकी विश्व कप: नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत को मिली शिकस्त, कप्तान हरमनप्रीत सिंह की कोशिश भी नहीं आई काम

एफआईएच हॉकी विश्व कप के दूसरे राउंड के पहले मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के हाथों 3-1 से हार झेलनी पड़ी है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के गोल के बावजूद टीम को यह करारी शिकस्त मिली जिससे उनकी आगे की राह मुश्किल हो गई है।

एफआईएच हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर के अहम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से पराजय का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को बचाए रखने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी था, लेकिन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स ने अपने खेल के स्तर को साबित करते हुए मुकाबले पर कब्जा जमा लिया। शुरुआत में भारतीय टीम ने रक्षात्मक मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया, मगर डच टीम की तेज रफ्तार और धारदार आक्रामकता के आगे अंततः उन्हें हार स्वीकार करनी पड़ी।

कड़ा मुकाबला और शुरुआती क्वार्टर

मैच की शुरुआत दोनों पक्षों की ओर से सोची-समझी रणनीति के साथ हुई। शुरुआती दो क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने डच आक्रमण को पूरी मुस्तैदी से रोके रखा। नीदरलैंड्स की टीम अपनी तेज पासिंग और लगातार हमलों के लिए जानी जाती है, और उन्होंने शुरुआत से ही भारतीय डिफेंस को दबाव में लाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, भारतीय रक्षकों ने शानदार तालमेल और संयम का परिचय देते हुए पहले 30 मिनट तक विरोधियों को कोई सफलता नहीं मिलने दी। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर था, जो यह दर्शा रहा था कि भारत ने ओलंपिक चैंपियंस को अच्छी टक्कर दी है, हालांकि भारतीय फॉरवर्ड लाइन भी गोल करने में असफल रही थी।

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डच टीम का दूसरा हाफ में आक्रामक रुख

मैच के दूसरे हिस्से में मैदान पर उतरते ही नीदरलैंड्स ने अपनी गति और रणनीति में तेजी ला दी। भारत ने कुछ जवाबी हमले करने का प्रयास किया, लेकिन डी के भीतर मौकों को भुनाने में नाकामी हाथ लगी। मुकाबला का पहला महत्वपूर्ण मोड़ 41वें मिनट में आया, जब डच खिलाड़ी डुको टेलजेनकम्प ने भारतीय डिफेंस की हल्की सी चूक का फायदा उठाकर पहला मैदानी गोल दाग दिया। इस गोल से नीदरलैंड्स को 1-0 की बढ़त मिल गई और भारतीय टीम पर दबाव काफी बढ़ गया।

अंतिम क्वार्टर में गोलों की बौछार

मैच का चौथा और अंतिम क्वार्टर काफी नाटकीय रहा। स्कोर बराबर करने की कोशिश में भारतीय टीम ने जब आक्रामकता बढ़ाई, तो उनके अपने डिफेंस में खाली जगह बन गई। नीदरलैंड्स की अनुभवी टीम इसी मौके की तलाश में थी और 51वें मिनट में तेजेर्प हीओडेमेकर्स ने शानदार मूव बनाते हुए दूसरा फील्ड गोल कर दिया, जिससे स्कोर 0-2 हो गया। इसके तुरंत बाद 52वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बेहतरीन ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल कर स्कोर 1-2 कर दिया और मैच में वापसी की उम्मीदें जगा दीं।

निर्णायक झटका और परिणाम

भारतीय फैंस की उम्मीदें अभी परवान चढ़ ही रही थीं कि 55वें मिनट में नीदरलैंड्स ने एक और काउंटर अटैक किया। थिहज वैन डैम ने डच टीम के लिए तीसरा मैदानी गोल दागकर स्कोर 3-1 कर दिया और भारत की वापसी के सभी रास्ते बंद कर दिए। मैच के आंकड़े बताते हैं कि नीदरलैंड्स की जीत का मुख्य आधार उनकी फॉरवर्ड लाइन की फुर्ती थी, जिनके तीनों गोल मैदानी थे। इसके विपरीत, भारतीय टीम एक बार फिर सिर्फ पेनल्टी कॉर्नर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर निर्भर नजर आई। इस हार के बाद विश्व कप के दूसरे दौर में भारतीय टीम की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं और टीम प्रबंधन को अपनी रणनीतियों पर नए सिरे से विचार करना होगा।

सवाल-जवाब

मैच में भारत को किस टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा?
भारत को नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा।
भारत की तरफ से एकमात्र गोल किसने किया?
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग-फ्लिक के जरिए भारत के लिए एकमात्र गोल किया।
नीदरलैंड्स ने मुकाबले में कुल कितने मैदानी गोल दागे?
नीदरलैंड्स की टीम ने मुकाबले में कुल तीन मैदानी गोल दागे।
इस हार का टूर्नामेंट में भारत की स्थिति पर क्या असर पड़ा है?
इस हार के साथ एफआईएच विश्व कप के दूसरे राउंड में भारत की सेमीफाइनल की राह लगभग समाप्त हो गई है और आगे की राह बेहद कठिन हो गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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