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राजस्थान से रांची पहुंचीं दुलारी बनीं लखपति दीदी, वंदना सहायता समूह से जुड़कर कमा रहीं 40 हजार रुपये महीनाव्यापार
22 अग॰ 2026, 10:10 pm (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान से रांची पहुंचीं दुलारी बनीं लखपति दीदी, वंदना सहायता समूह से जुड़कर कमा रहीं 40 हजार रुपये महीना

राजस्थान से रांची आकर वंदना सहायता समूह से जुड़ीं दुलारी आज आत्मनिर्भर बनकर हर महीने 40 हजार रुपये कमा रही हैं और कई अन्य महिलाओं की जिंदगी भी बदल रही हैं।

राजस्थान से ताल्लुक रखने वालीं दुलारी ने रांची आकर अपनी मेहनत के दम पर सफलता की एक नई कहानी लिखी है। एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक भी रुपया नहीं हुआ करता था, लेकिन आज वह एक लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वंदना सहायता समूह का दामन थामने के बाद उनकी जिंदगी ने पूरी तरह से एक नया मोड़ ले लिया है। इस समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सरकार की तरफ से खास प्रशिक्षण मिला, जिसकी बदौलत वह आज करीब 20 से 25 अलग-अलग तरह के घरेलू उत्पाद तैयार करने में पूरी तरह सक्षम हो गई हैं।

घूंघट के दायरे से निकलकर संभाला कारोबार

दुलारी का सफर आसान नहीं था क्योंकि पुराने समय में वह अपने घर की चारदीवारी और घूंघट के दायरे से बाहर कदम तक नहीं रखती थीं। परिवार की हर छोटी-मोटी जरूरत के लिए भी उन्हें कई बार सोचना पड़ता था। लेकिन सरकारी सहायता और समूह के साथ ने उन्हें एक मजबूत कौशल दिया, जिससे उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी को पीछे छोड़ दिया। आज वह किसी पर भी निर्भर नहीं हैं और पूरी तरह से आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उनके इस बदलाव ने उनके परिवार के साथ-साथ आसपास की महिलाओं को भी एक नई दिशा दिखाई है।

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मसालों से लेकर हर्बल सौंदर्य उत्पादों तक का सफर

उनके समूह की ओर से घरों में ही विभिन्न प्रकार की उपयोगी वस्तुएं तैयार की जाती हैं। इनमें खाने-पीने के सामान से लेकर शुद्ध घरेलू चीजें शामिल हैं। दुलारी और उनके साथ जुड़ी महिलाएं कई किस्म के मसाले, चटपटे मिक्सचर और नमकीन बड़े पैमाने पर बनाती हैं। इसके अलावा वे हर्बल शैंपू, ऑर्गेनिक साबुन और प्राकृतिक हेयर ऑयल भी तैयार करती हैं। उनके उत्पादों की सूची में सबसे खास उनके डिजाइनर साबुन हैं, जिन्हें गुलाब और कमल के फूलों जैसे खूबसूरत आकारों में ढाला जाता है, जो बाजार में काफी पसंद किए जाते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और मेलों से मिल रहा बड़ा बाजार

अपने बनाए गए उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए दुलारी आधुनिक और पारंपरिक दोनों माध्यमों का बेहतरीन इस्तेमाल करती हैं। वह अपने सामान को इंडियामार्ट जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बेचती हैं, जहां से उन्हें देश के कोने-कोने से शानदार ऑर्डर मिलते हैं। इसके अलावा उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों से भी बड़े ऑर्डर प्राप्त होते हैं। सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले बड़े मेलों में उन्हें बिल्कुल मुफ्त स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां वे अपने स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सीधी बिक्री करती हैं।

बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश और दिल्ली-मुंबई तक फैला दायरा

आज उनके कारोबार की पहुंच सिर्फ रांची तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पटना से लेकर उत्तर प्रदेश तक के विभिन्न शहरों से नियमित रूप से ऑर्डर मिल रहे हैं। दुलारी अकेले इस काम को नहीं संभालती हैं, बल्कि उनके साथ चार अन्य महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं, जिनके जीवन में इस काम की वजह से बड़ा बदलाव आया है। वे सभी महिलाएं मिलकर काम करती हैं और जहां भी जाती हैं, एक-दूसरे का साथ निभाती हैं। कभी घर से बाहर न निकलने वाली दुलारी आज अपने कारोबार के सिलसिले में दिल्ली से लेकर मुंबई तक की बड़ी दुनिया देख चुकी हैं और गर्व से अपना घर चला रही हैं।

सवाल-जवाब

दुलारी वर्तमान में हर महीने कितना कमा रही हैं?
दुलारी अपनी मेहनत और व्यवसाय के जरिए हर महीने लगभग 40 हजार रुपये की कमाई कर रही हैं।
दुलारी किस स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं?
वह वंदना सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं, जिसके माध्यम से उन्हें सरकारी प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर मिला।
दुलारी अपने उत्पादों को कहां और कैसे बेचती हैं?
वह अपने उत्पादों को <a href="https://www.indiamart.com">IndiaMART</a> जैसे सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेचने के अलावा सरकारी मेलों में मुफ्त स्टॉल लगाकर बेचती हैं।
उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद कौन से हैं?
वह विभिन्न प्रकार के मसाले, मिक्सचर, नमकीन, हर्बल शैंपू, हेयर ऑयल और गुलाब तथा कमल के आकार के डिजाइनर साबुन बनाती हैं।
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