ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर दो मजदूरों की मौतगूगल पर एक स्टार रेटिंग देने वाली महिला पर कंपनी ने ठोका मानहानि का मुकदमा, मांगे 25,000 डॉलरसीमा पार आतंकी साजिश पर NIA का कड़ा एक्शन, जम्मू-कश्मीर में 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारीलुधियाना की स्टील फैक्ट्री में बड़ा हादसा, खौलदा लोहा गिरने से एक मजदूर की मौत और पांच घायलछत्रपति संभाजीनगर हादसे में नया मोड़, पुलिस बोली- आईफोन के लिए नहीं दी थी जानकानपुर से भाई-बहन हिरासत में, पाकिस्तान और आईएसआईएस से जुड़े तार खंगाल रही एटीएसदेहरादून में सड़क पर कार हटाने के विवाद में लहराई पिस्टल, 3 आरोपी गिरफ्तार और हथियार बरामदबलूचिस्तान में हिंदू व्यापारी राकेश कुमार की गोली मारकर हत्या, नुश्की बाजार में फैली दहशतरायसिंहनगर में 815 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा हेरफेर मामले में सीए शेरिल गुप्ता पर केस दर्जओडिशा तट के नज़दीक बंगाल की खाड़ी में डूबा कार्गो पोत, 24 नाविकों की तलाश में अभियान जारी
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 की पूजा से पहले नोट कर लें सामग्री लिस्ट, जानिए सही तिथि और महत्वधर्म
22 अग॰ 2026, 10:12 pm (1 घंटे पहले)· 2

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 की पूजा से पहले नोट कर लें सामग्री लिस्ट, जानिए सही तिथि और महत्व

श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी व्रत की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जानिए भगवान विष्णु की पूजा के लिए आवश्यक सामग्री, व्रत की सही तिथियां और इसका धार्मिक महत्व।

हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को श्रावण पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस पावन व्रत को पवित्रा एकादशी भी कहा जाता है और यह जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। जो श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजन करने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए आवश्यक है कि वे अनुष्ठान से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दें ताकि पूजा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। इस लेख में आप जान सकते हैं कि इस विशेष दिन पर किन-किन पूजन सामग्रियों की आवश्यकता होती है और व्रत का क्या महत्व है।

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 की तिथियां और समय

वर्ष श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 के अंतर्गत उदयातिथि और परंपराओं के आधार पर अलग-अलग दिन मनाई जाएगी। स्मार्त परंपरा का पालन करने वाले श्रद्धालु रविवार, 23 अगस्त को यह व्रत रखेंगे, जबकि वैष्णव परंपरा को मानने वाले लोग सोमवार, 24 अगस्त को व्रत का पालन करेंगे। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का आरंभ 23 अगस्त की रात 2 बजे से होगा और इसका समापन 24 अगस्त को सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर हो जाएगा।

ये भी पढ़ें

पुत्रदा एकादशी का महत्व और परंपराएं

संतान प्राप्ति और संतान की सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाने वाला यह उपवास साल में दो बार आता है। पहला व्रत पौष मास में और दूसरा श्रावण महीने में पड़ता है। सावन के महीने में आने वाली इस एकादशी का महत्व इसलिए भी बहुत बढ़ जाता है क्योंकि सावन का पूरा महीना भोलेनाथ को समर्पित होता है और एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना का खास दिन मानी जाती है। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु को पवित्रा यानी धागे की माला अर्पित करने की एक विशेष परंपरा भी है। इस विधान को पूजा-पाठ के दौरान अनजाने में हुई भूल-चूक के प्रायश्चित के रूप में देखा जाता है। कई घरों में श्रद्धालु कलावा या मौली को ही पवित्रा के रूप में श्रीहरि को अर्पित करते हैं।

पुत्रदा एकादशी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

किसी भी अनुष्ठान को निर्विघ्न संपन्न करने के लिए जरूरी है कि सभी सामग्रियां पहले से ही एक स्थान पर एकत्र कर ली जाएं। नीचे दी गई पूरी सूची की सहायता से आप अपनी पूजन सामग्री तैयार कर सकते हैं

  • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर
  • पूजा की चौकी
  • चौकी पर बिछाने के लिए साफ पीला या लाल कपड़ा
  • गंगाजल और शुद्ध जल
  • पंचामृत जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर शामिल हो
  • ताजे पीले फूल और फूलों की माला
  • पवित्र तुलसी दल और शमी के पत्ते
  • अक्षत यानी साबुत चावल
  • पीला चंदन
  • रोली और हल्दी
  • शुद्ध घी, रुई की बत्ती और जलाने के लिए दीपक
  • ऋतु फल और पारंपरिक मिठाई
  • धूपबत्ती और माचिस
  • मौसमी फल और मिष्ठान
  • सुपारी, पान का पत्ता, लौंग और छोटी इलायची
  • पूजन के लिए कलावा यानी मौली
  • शुद्ध भीमसेनी कपूर

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से जीवन के कई कष्ट दूर होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। पूजा शुरू करने से पहले सभी आवश्यक वस्तुओं को जुटा लेने से मन एकाग्र रहता है और पूजन का पूरा फल प्राप्त होता है।

सवाल-जवाब

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 कब है?
स्मार्त परंपरा के अनुसार यह 23 अगस्त 2026 को और वैष्णव परंपरा के अनुसार 24 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
एकादशी तिथि कब से कब तक रहेगी?
एकादशी तिथि 23 अगस्त की रात 2 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 18 मिनट तक रहेगी।
पुत्रदा एकादशी का व्रत साल में कितनी बार आता है?
यह व्रत साल में दो बार आता है, एक पौष मास में और दूसरा श्रावण मास में।
पूजा में कौन सा विशेष धागा अर्पित किया जाता है?
इस दिन भगवान विष्णु को पवित्रा यानी धागे की माला या कलावा अर्पित करने की परंपरा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR