मुजफ्फरपुर में रोजगार का बड़ा मौका, 70 पदों के लिए लगेगा जॉब कैंप, मिलेंगे कई लाभबेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान के साथ हुआ हादसा, तेज हवाओं के बीच लैंडिंग के दौरान हुई टेल स्ट्राइकगाय-भैंसों में लम्पी वायरस के लक्षण दिखते ही अपनाएं ये उपाय, देवघर के पशु विशेषज्ञ ने दी अहम सलाहचेकिया बनी महिला टेनिस की नई चैंपियन, यूक्रेन को हराकर 12वीं बार उठाया बिली जीन किंग कपअंधेरे को चीरकर लौटी रोशनी, इन पांच लोगों के चमत्कारी मामलों ने दुनिया को चौंकायामुंगेर में जॉब कैंप का ऐलान, दसवीं से स्नातक पास युवाओं के लिए 40 पदों पर भर्ती का मौकाऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में रिकॉर्ड तोड़ पारी, टेम्बा बावुमा बने सबसे उम्रदराज शतकीय कप्तानएशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाली एंसी सोजन की सफलता पर शशि थरूर ने जताई गर्व की भावनास्वर कोकिला लता मंगेशकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय रिश्तों की खास बातें, जब शपथ ग्रहण में न पहुंचने पर भेजी थी गणेश प्रतिमाकरौली गॉट नस्ल क्यों बन रही है पशुपालकों की पसंद
सोना-चांदी बाजार में सुस्ती: क्या इस हफ्ते गहने खरीदने का सही वक्त है या और गिरेंगे दामबाज़ार
27 सित॰ 2026, 10:30 pm (25 मिनट पहले)· 0

सोना-चांदी बाजार में सुस्ती: क्या इस हफ्ते गहने खरीदने का सही वक्त है या और गिरेंगे दाम

पितृपक्ष और वैश्विक बाजारों में नरमी के बीच सोने और चांदी की कीमतों में हाल ही में गिरावट दर्ज की गई है। इस छोटे कारोबारी हफ्ते में निवेशकों और खरीदारों की निगाहें अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख पर टिकी हैं।

देशभर में पितृपक्ष की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजारों में जेवरात और कीमती धातुओं की मांग में सुस्ती देखी जा रही है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण सोने और चांदी के भाव नीचे आने लगे हैं। यदि आप भी कीमतों में आई इस कमी को देखकर इस हफ्ते खरीदारी करने का मन बना रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञों की राय जान लेना बेहद जरूरी है कि आने वाले दिनों में दाम और नीचे जाएंगे या इनमें फिर से तेजी लौट सकती है। पिछले कुछ दिनों के दौरान अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की चाल पर भी पड़ा है। इन तमाम घरेलू और वैश्विक कारणों के बीच यह समझना दिलचस्प है कि इस पूरे सप्ताह बाजार का रुख किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों पर टिकी नजर

बाजार के जानकारों का कहना है कि इस हफ्ते कामकाज का दिन छोटा रहेगा क्योंकि छुट्टियों के कारण बाजार कुछ दिन बंद रहेंगे। इसके बावजूद निवेशकों और कारोबारियों का पूरा ध्यान अमेरिका से आने वाले उपभोक्ता विश्वास सूचकांक, सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी और व्यक्तिगत उपभोग व्यय आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर केंद्रित रहेगा। इसके अलावा यूरोपीय क्षेत्र की महंगाई दर, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आंकड़े, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान और वहां के रोजगार से जुड़े आंकड़े भी सर्राफा बाजार को नई दिशा देने का काम करेंगे। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ जतिन त्रिवेदी का कहना है कि बाजार की असली परीक्षा अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों से होगी, जो आने वाले समय में ब्याज दरों पर नीतिगत फैसलों की उम्मीदों को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

ये भी पढ़ें

बीते हफ्ते वायदा बाजार में दर्ज की गई भारी गिरावट

पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध में करीब 3,500 रुपये यानी लगभग 2.3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई और यह 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह चांदी के वायदा भाव में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली और यह करीब 6,907 रुपये यानी 3 प्रतिशत लुढ़ककर 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वैश्विक वायदा भाव 2.34 फीसदी फिसलकर 4,321.2 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी के दाम भी करीब 3.5 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 64.80 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने स्पष्ट किया है कि कीमती धातुओं पर दबाव सिर्फ करेंसी मार्केट तक ही सीमित नहीं है। अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड साल 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है, जबकि 30 साल की यील्ड भी साल 2004 के रिकॉर्ड उच्च स्तर के बेहद करीब बनी हुई है। लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में इस तरह की मजबूती आने से आमतौर पर सोने और चांदी जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली परिसंपत्तियों से निवेशकों का रुझान कम होने लगता है। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल के बाजार में जारी हलचल भी इन धातुओं की कीमतों को तय करने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभा रही है।

रोजगार के नए आंकड़े तय करेंगे आगे की चाल

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका से आने वाले आगामी रोजगार के आंकड़े सोने और चांदी की कीमतों के लिए अगली सबसे बड़ी बाधा साबित हो सकते हैं। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत आते हैं, तो इससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी होने की संभावना को बल मिलेगा, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर दबाव के रूप में दिखेगा और बाजार में दाम और नीचे आ सकते हैं। हालांकि, इसके विपरीत यदि अमेरिका के रोजगार आंकड़े कमजोर साबित होते हैं, तो कमजोर डॉलर के चलते सोने को सपोर्ट मिल सकता है और कीमतों में ऊपर की ओर उछाल देखने को मिल सकता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस सप्ताह 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार के दिन कमोडिटी बाजार पूरी तरह से बंद रहेगा।

सवाल-जवाब

इस हफ्ते सोना और चांदी के भाव क्यों गिरे हैं?
वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों, बॉन्ड यील्ड में तेजी और पितृपक्ष के कारण मांग घटने से दाम गिरे हैं।
पिछले हफ्ते एमसीएक्स पर सोने का भाव क्या रहा?
एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 3,500 रुपये की गिरावट के साथ 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
पिछले हफ्ते चांदी के वायदा भाव में कितनी गिरावट आई?
चांदी का वायदा भाव 6,907 रुपये यानी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 2.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
इस हफ्ते बाजार में किन आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी?
निवेशकों की नजर अमेरिका के उपभोक्ता विश्वास, जीडीपी, महंगाई और रोजगार से जुड़े आंकड़ों पर टिकी रहेगी।
क्या इस हफ्ते कमोडिटी बाजार किसी दिन बंद रहेगा?
हाँ, इस सप्ताह 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार के दिन कमोडिटी बाजार बंद रहेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp