वैश्विक सर्राफा बाजार में कमजोरी से बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में सोने की कीमतों में गिरावट7200mAh बैटरी और एंड्रॉइड 17 के साथ भारत में 6 अक्टूबर को लॉन्च होगा नया वीवो V80 5G स्मार्टफोनहोटल जैसा जायकेदार चिकन दो प्याजा अब घर पर बनाएं, जानें 1 किलो चिकन के साथ प्याज और मसालों का सही अनुपातडॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि, दशकों की देश सेवा को किया यादकच्चे तेल में तेजी से लुढ़का भारतीय शेयर बाजार, 31 अगस्त को सेंसेक्स में 307 अंकों की गिरावटनासा के ऐतिहासिक स्विफ्ट टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम, वायुमंडल में जलकर खाक हुआ लिंक स्पेसक्राफ्टगुरुग्राम की इस सोसायटी में अवैध निर्माण पर प्रशासन सख्त, 80 मकानों को मिला डिमोलिशन का अल्टीमेटमओडिशा पश्चिम बंगाल सीमा पर दीघा में समुद्र ने धारण किया रौद्र रूप, सुरक्षा दीवार लांघकर सड़कों पर आया पानीमुरादाबाद में अचार प्रोसेसिंग बिजनेस शुरू करने का सुनहरा मौका, सरकार देगी 35 प्रतिशत सब्सिडी और बैंक लोन में मददगुजरात में भारी-भरकम फीस के आगे झुके छात्र, 771 विद्यार्थियों ने छोड़ी आवंटित MBBS और BDS सीटें
वैश्विक सर्राफा बाजार में कमजोरी से बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में सोने की कीमतों में गिरावटबाज़ार
26 सित॰ 2026, 11:24 am (18 मिनट पहले)· 1

वैश्विक सर्राफा बाजार में कमजोरी से बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में सोने की कीमतों में गिरावट

मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों जैसे बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में आज सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। घरेलू बाजार में कीमतों का यह गिरता रुख मुख्य रूप से वैश्विक सर्राफा बाजार में आई कमजोरी का नतीजा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के भाव गिरने के कारण भारत के इन बड़े शहरों में स्थानीय खुदरा मूल्य भी सीधे प्रभावित हुए हैं, जिससे खरीदारों को हफ्ते के बाकी दिनों की तुलना में आज थोड़ी राहत मिली है।

वैश्विक आर्थिक कारण जिन्होंने सोने को किया कमजोर

दक्षिण भारतीय महानगरों में सोने की दरों में आई इस गिरावट को समझने के लिए वैश्विक व्यापक आर्थिक परिदृश्य को देखना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्राफा बाजार को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की संभावनाओं से भी बाजार का माहौल काफी प्रभावित हुआ है।

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इस आशंका के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे निवेशकों का रुझान सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों से हटकर अन्य विकल्पों की ओर बढ़ गया है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी तनाव ने भी कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा दिया है। उदाहरण के लिए, सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3% का उछाल आया, हालांकि बाद में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हुई बातचीत के बाद तेल की कीमतों में कुछ सुधार देखा गया।

सर्राफा बाजार पर विशेषज्ञों का क्या है मानना

रिद्धिसिद्धि बुलियंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, आईबीजेए के अध्यक्ष और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी ने बाजार की इस स्थिति पर अपनी राय साझा की है। उन्होंने बताया कि मजबूत होते डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के चलते सोना और चांदी दोनों इस सप्ताह नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के दो अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जा सकती है, जिससे बाजार में दिसंबर में होने वाली ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना 53% से बढ़कर 71% हो गई है।

तकनीकी विश्लेषण का जिक्र करते हुए कोठारी ने कहा कि सोने को फिलहाल 4,250 से 4,450 (यानी लगभग 1,50,000 रुपये से 1,54,000 रुपये) के दायरे में मजबूत तकनीकी सपोर्ट मिल रहा है। जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 4,300 डॉलर से ऊपर बनी रहती है, तब तक खरीदारी का रुख सकारात्मक रहेगा। वहीं दूसरी ओर, चांदी को 62.5 से 67.5 (लगभग 2,30,000 रुपये से 2,42,000 रुपये) के स्तर पर सपोर्ट मिल रहा है, और 64 डॉलर से ऊपर खरीदारी का दौर बेहतर माना जा रहा है, क्योंकि दोनों कीमती धातुएं अपनी ऊपरी श्रेणियों को लक्षित कर रही हैं।

घरेलू बाजार की स्थिति और एमसीएक्स वायदा व्यापार

हालांकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज नियमित भौतिक व्यापार बंद है, लेकिन वायदा बाजार के बंद होने के आंकड़े घरेलू निवेशकों की धारणा को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। 5 अक्टूबर को डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध की कीमत लाल निशान में बंद हुई, जो कि 0.12% की गिरावट के साथ 1,50,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। यह मामूली गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे संकेतकों का ही परिणाम है।

इसके विपरीत, 4 दिसंबर को समाप्त होने वाले चांदी के वायदा भाव में थोड़ा विपरीत रुझान देखा गया। चांदी का वायदा भाव 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ और यह 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। सोने और चांदी के बीच की यह विपरीत चाल दर्शाती है कि दोनों धातुओं की अल्पावधि की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, भले ही दोनों पर वैश्विक मौद्रिक नीतियों का व्यापक असर हो।

आईसीआईसीआई डायरेक्ट कमोडिटी रिपोर्ट के अनुमान

भविष्य की कीमतों के लिए तकनीकी चार्ट्स और रिपोर्ट्स एक स्पष्ट दिशा दिखाते हैं। आईसीआईसीआई डायरेक्ट की कमोडिटी रिपोर्ट के मुताबिक, MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने को 1,49,500 रुपये के स्तर के पास मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। यहां से कीमतों में सुधार होने की संभावना है, जिससे भाव दोबारा 1,53,000 रुपये से 1,54,000 रुपये के स्तर तक जा सकते हैं।

इसी तरह, रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि दिसंबर एक्सपायरी वाली MCX चांदी 2,30,000 रुपये के सपोर्ट स्तर को बनाए रखने में सफल होगी। एक बार जब यह सपोर्ट मजबूत हो जाता है, तो चांदी की कीमतों में वापसी की उम्मीद की जा सकती है, जिससे भाव 2,38,000 रुपये से लेकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकते हैं। निवेशक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उथल-पुथल के बीच बाजार में प्रवेश करने के लिए इन तकनीकी स्तरों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

सवाल-जवाब

आज बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद में सोने की कीमतें क्यों गिरीं?
सोने की कीमतों में गिरावट वैश्विक सर्राफा बाजार में कमजोरी के कारण आई है, जो मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों से प्रभावित है।
एमसीएक्स (MCX) पर सोने का वायदा भाव किस कीमत पर बंद हुआ?
5 अक्टूबर की डिलीवरी वाला सोने का वायदा भाव 0.12% की गिरावट के साथ 1,50,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
क्या वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई?
नहीं, 4 दिसंबर को समाप्त होने वाली चांदी का वायदा भाव 0.65% की बढ़त के साथ 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के अनुसार सोने के लिए संभावित सपोर्ट स्तर क्या है?
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के अनुसार, अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने को 1,49,500 रुपये के पास सपोर्ट मिलने की उम्मीद है और यह वापस 1,53,000 से 1,54,000 रुपये तक जा सकता है।
अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदें सोने की कीमतों को कैसे प्रभावित कर रही हैं?
फेड अधिकारियों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों से दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना 71% हो गई है, जिससे ट्रेजरी यील्ड बढ़ी है और बिना ब्याज वाले सोने का आकर्षण कम हुआ है।
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