भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते का पहला कारोबारी दिन यानी सोमवार, 31 अगस्त 2026 निराशाजनक साबित हुआ। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू बाजार पर भारी दबाव देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के इस पहले कारोबारी सत्र में निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते बाजार पूरे समय लाल निशान में बना रहा। आज सुबह बाजार की शुरुआत भी गिरावट के साथ ही हुई थी, जिसके बाद अडाणी पोर्ट्स, आईटीसी, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में दर्ज हुई गिरावट
सोमवार के इस उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत टूटकर 76,957.27 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत के नुकसान के साथ 24,080.40 अंकों के स्तर पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी ने घरेलू बाजार की धारणा को कमजोर किया है, क्योंकि इससे देश के आयात खर्च बढ़ने और महंगाई में बढ़ोतरी की आशंका पैदा हो जाती है।
ज्यादातर शेयरों पर हावी रहा लाल निशान
बाजार में गिरावट का यह असर व्यापक रूप से दिखाई दिया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से केवल 10 कंपनियां ही बढ़त दर्ज करते हुए हरे निशान में बंद हो सकीं, जबकि अन्य 20 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। कुछ इसी तरह की स्थिति नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर भी रही, जहां निफ्टी 50 सूचकांक के 50 शेयरों में से केवल 20 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और बाकी के 30 शेयरों ने गिरावट के साथ सत्र का समापन किया।
अडाणी पोर्ट्स को सबसे बड़ा नुकसान, सन फार्मा में तेजी
सोमवार को सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अडाणी समूह की कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। यह शेयर 4.11 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। इसके विपरीत, देश की दिग्गज दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा के शेयर सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.87 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स के अन्य बढ़त वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक ने 1.74 प्रतिशत और एक्सिस बैंक ने 1.50 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों में 1.33 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि बजाज फिनसर्व का शेयर 1.02 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टीसीएस के शेयर में 0.85 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जबकि बीईएल का शेयर 0.79 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। देश की अग्रणी वाहन निर्माता मारुति सुजुकी ने 0.71 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 0.05 प्रतिशत और बजट एयरलाइन इंडिगो ने 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।
दूसरी तरफ, गिरावट का सामना करने वाले शेयरों में आईटीसी के शेयर में 3.67 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई। इसके बाद भारती एयरटेल का शेयर 2.76 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.53 प्रतिशत कमजोर हुआ। दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर में 1.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक ने 1.30 प्रतिशत का नुकसान उठाया। टाटा स्टील का शेयर 1.18 प्रतिशत, एनटीपीसी 1.15 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 1.14 प्रतिशत और पावर ग्रिड 1.05 प्रतिशत टूटकर बंद हुए। इसके अलावा एशियन पेंट्स के शेयरों में 0.96 प्रतिशत, टाइटन में 0.95 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.77 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा और ट्रेंट दोनों के शेयर 0.66 प्रतिशत नीचे गिरे, एचसीएल टेक में 0.57 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.34 प्रतिशत, एलएंडटी में 0.27 प्रतिशत और एटरनल में 0.02 प्रतिशत की गिरावट रही।
सरकार की सेमीकॉन 2.0 योजना को मंजूरी
इस बाजार हलचल के बीच, भारत सरकार की ओर से एक बड़ा नीतिगत फैसला भी सामने आया। सरकार ने देश की चिप निर्माण क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमीकॉन 2.0 योजना को अधिसूचित किया है। इस विशेष सरकारी योजना के तहत सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन को वित्तीय मदद उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।



















