घरेलू शेयर बाजार में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई कंपनी सोनासिलेक्शन इंडिया की शुरुआत भले ही सुस्त रही हो, लेकिन शुरुआती कारोबार में ही इसके शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। 24 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टिंग के दिन कंपनी का शेयर निर्गम मूल्य के मुकाबले 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। मामूली प्रीमियम पर खुलने के बाद लिवाली का रुख इतना मजबूत हुआ कि शेयर ने अपने लिए निर्धारित दैनिक सर्किट सीमा को छू लिया।
लिस्टिंग के बाद 107.09 रुपये के स्तर पर लगा अपर सर्किट
बीएसई पर सोनासिलेक्शन इंडिया का शेयर 102 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जो कि इसके 99 रुपये के आईपीओ इश्यू प्राइस की तुलना में लगभग 3.03 प्रतिशत का मामूली प्रीमियम दर्शाता है। लिस्टिंग के तुरंत बाद खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण शेयर में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लग गया। इसके साथ ही शेयर का भाव 107.09 रुपये प्रति शेयर के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो इसके आईपीओ मूल्य से 8.2 प्रतिशत से अधिक की तेजी है। इस जोरदार तेजी के चलते कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 608.58 करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया।
राजस्थान के भीलवाड़ा से संचालित होता है कारोबार
फरवरी 2022 में निगमित हुई सोनासिलेक्शन इंडिया मुख्य रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थित एक एकीकृत कपड़ा विनिर्माण और प्रसंस्करण इकाई का संचालन करती है। कंपनी के व्यावसायिक पोर्टफोलियो में कॉटन, कॉटन लाइक्रा, कॉटन ब्लेंड्स और पॉलिएस्टर ब्लेंड्स से बने कपड़ों का उत्पादन शामिल है। इसके अलावा, यह इकाई ग्रे फैब्रिक्स यानी बिना तैयार कपड़ों के जॉब-वर्क प्रोसेसिंग का कार्य भी बड़े पैमाने पर संभालती है।
बाजार विश्लेषक का नजरिया और जोखिम के कारक
बाजार विश्लेषकों ने इस शेयर की शुरुआत को संतुलित और सामान्य बताया है। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की वेल्थ प्रमुख शिवानी न्याती के अनुसार, सोनासिलेक्शन इंडिया ने 102.31 रुपये पर लगभग 3.3 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ बेहद संतुलित शुरुआत की। उन्होंने रेखांकित किया कि वित्त वर्ष 2026 के मूल्य-से-कमाई अनुपात (पी/ई) के हिसाब से लगभग 12.24 गुना का मूल्यांकन उचित दिखता है, लेकिन कंपनी के वित्तीय और परिचालन स्तर पर कई चुनौतियां मौजूद हैं।
विश्लेषण के अनुसार, कंपनी के घटते एबिटा (EBITDA) मार्जिन, उच्च स्तर का कर्ज, केवल एक ही विनिर्माण संयंत्र पर निर्भरता, सीमित ग्राहकों पर कारोबार का अत्यधिक संकेंद्रण और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी चिंताएं इस शेयर के लिए प्रमुख जोखिम बिंदु हैं।
निवेशकों के लिए रणनीति और स्टॉप-लॉस स्तर
शेयर के मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों ने इस पर तटस्थ रुख बनाए रखने की सलाह दी है। शिवानी न्याती ने सुझाव दिया कि नए निवेशकों को इस शेयर में नई खरीदारी करने से पहले कंपनी के मार्जिन में स्थिरता और कर्ज कम करने के प्रयासों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। जोखिम प्रबंधन के दृष्टिकोण से 96 से 98 रुपये के दायरे को स्टॉप-लॉस क्षेत्र माना जा सकता है। विश्लेषक का मानना है कि यदि शेयर का भाव 96 रुपये के स्तर से नीचे लगातार बना रहता है, तो इसमें आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।















