दक्षिण अफ्रीकी रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक को लेकर मुद्रा बाजार में हलचल तेज हो गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार अपनी प्रमुख उधार दरों में 25 बेसिस पॉइंट का इजाफा कर सकता है। पिछली बैठक में बाजार को हैरान करते हुए ब्याज दरों को जस का तस छोड़ दिया गया था, लेकिन इस बार आर्थिक परिस्थितियां सख्त कदम उठाने की मांग कर रही हैं। यदि नीति निर्माता अपने सख्त रुख को स्पष्ट नहीं करते हैं, तो दक्षिण अफ्रीकी रैंड पर भारी दबाव देखा जा सकता है।
दक्षिण अफ्रीका में महंगाई और आर्थिक सुस्ती की दोहरी मार
कमर्जबैंक के फॉरेक्स रणनीतिकार वोल्कमर बाउर के अनुसार, दक्षिण अफ्रीकी अर्थव्यवस्था इस समय कई जटिल चुनौतियों से जूझ रही है। क्षेत्रीय संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के चलते विकास दर अनुमान से कहीं अधिक धीमी पड़ चुकी है। इसके विपरीत, मूल्य वृद्धि की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। खाद्य पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती लागत ने नीति निर्माताओं के लिए दुविधा पैदा कर दी है।
दक्षिण अफ्रीकी रिजर्व बैंक ने 23 जुलाई को पिछली मौद्रिक बैठक आयोजित की थी, जहां बाजार विश्लेषक स्पष्ट तौर पर ब्याज दर वृद्धि का अनुमान लगा रहे थे। हालांकि तब नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इस बार बुधवार को होने वाली बैठक में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की व्यापक संभावना है और बाजार इस निर्णय को पहले ही काफी हद तक अपने भावों में शामिल कर चुका है।
मुद्रास्फीति लक्ष्य और ईंधन का असर
बुधवार को अगस्त माह के महंगाई आंकड़े जारी होने वाले हैं, जिनके और ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। अनुमान दर्शाते हैं कि अकेले गैस की कीमतों का वार्षिक मुद्रास्फीति दर में लगभग 0.8 प्रतिशत अंक का योगदान हो सकता है। यदि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो सितंबर में यह आंकड़ा और भी अधिक बढ़ सकता है।
कोर मुद्रास्फीति दर लगभग 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो नियामक के तय दायरे से ऊपर है। दक्षिण अफ्रीकी केंद्रीय बैंक का आधिकारिक मुद्रास्फीति लक्ष्य 3 प्रतिशत है, जिसमें ऊपर और नीचे 1 प्रतिशत अंक का लचीला दायरा शामिल है। ऐसे में 4.2 प्रतिशत का स्तर स्वीकार्य सीमा से बाहर है। यदि केंद्रीय बैंक दरों में वृद्धि के साथ-साथ कड़ा संकेत नहीं देता है, तो घरेलू मुद्रा में बिकवाली बढ़ सकती है।
एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की चाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गईं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख्त टिप्पणियों के दम पर एशियाई सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के स्तर से ऊपर कारोबार करती दिखी। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी, जिसने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की बढ़त को सीमित किया। सप्ताह के अंत में प्रस्तावित ट्रंप-शी शिखर वार्ता पर भी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की करीबी नजर टिकी हुई है।
दूसरी ओर, जापानी मुद्रा के मोर्चे पर USD/JPY का स्तर एशियाई सत्र में 157.50 के आसपास मामूली बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया। सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन में बड़ी गिरावट को रोके रखा। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में ब्याज दरों को 31 साल के उच्च स्तर 1.25 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने के बावजूद उसका रवैया तुलनात्मक रूप से नरम माना जा रहा है, जिससे येन की रफ्तार सुस्त रही। बैंक ऑफ जापान ने नीति सामान्यीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जिसे 7-2 के बहुमत से मंजूरी मिली।
सोने में फिसलन और बिटकॉइन का कंसॉलिडेशन
अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में सोने की चमक लगातार दूसरे दिन फीकी पड़ती दिखाई दी। यूरोपीय कारोबारी सत्र में पीली धातु अपने तीन दिवसीय निचले स्तर 4,315 डॉलर प्रति औंस के करीब आ पहुंची। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखने के संकेतों के कारण निवेशक बिना ब्याज वाले सोने से पूंजी निकालकर डॉलर और प्रतिफल संपत्तियों की ओर मोड़ रहे हैं।
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन पिछले दिन की 6.7 प्रतिशत की जोरदार छलांग के बाद मंगलवार को 85,500 डॉलर के नीचे कंसॉलिडेशन के दौर में आ गया। संस्थागत निवेशकों की मांग अभी भी बेहद मजबूत बनी हुई है। सोमवार को स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में करीब 1 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि स्ट्रैटेजी ने अपने कोष में 950 BTC और जोड़े हैं।

















