लिस्टिंग के बाद की तेजी और 2030 के लक्ष्यों पर छिड़ी बहस
स्पेसएक्स का शेयर मूल्य साल 2030 तक कहां पहुंचेगा, यह इस समय वॉल स्ट्रीट पर सबसे बड़े विवादों में से एक है। स्पेसएक्स 12 जून 2026 को 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर पब्लिक हुई थी। लिस्टिंग के पहले ही दिन इसमें 19% की भारी उछाल देखी गई और तब से इस शेयर में लगातार तेजी बनी हुई है। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत स्पेसएक्स का अनुमानित मार्केट कैप 2.5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।
लिस्टिंग से पहले बड़े वित्तीय संस्थानों ने साल 2030 के लिए इसके टारगेट तय किए थे। गोल्डमैन सैक्स ने इसके लिए 135 डॉलर का टारगेट रखा था, जबकि एआरके इन्वेस्ट ने अपने बेस केस में 190 डॉलर और बुल केस में 235 डॉलर का अनुमान लगाया था। हालांकि, ट्रेडिंग के पहले ही हफ्ते में इस शेयर ने इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। दूसरी ओर, मॉर्निंगस्टार ने इसका फेयर वैल्यू केवल 63 डॉलर प्रति शेयर आंका है। उनका मानना है कि वर्तमान में SPCX अपने वास्तविक मूल्य से 397% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। न्यू कंस्ट्रक्ट्स ने भी इसके लिए 12 महीने का लक्ष्य 115 डॉलर के करीब रखा है। विश्लेषकों के इन विरोधाभासी आंकड़ों से साफ है कि कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर बाजार में कोई एक राय नहीं है।
मॉर्निंगस्टार के इक्विटी विश्लेषक निकोलस ओवेन्स ने कंपनी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष में लॉन्चिंग के खर्चों को पूरी तरह बदल दिया है और उपग्रहों को कक्षा में भेजने के मामले में उसका दबदबा है। प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कंपनी के पास पेलोड लॉन्च और अनुभव के मामले में एक दशक की बढ़त है। हालांकि, कंपनी का अत्यधिक ऊंचा वैल्यूएशन यह दर्शाता है कि निवेशकों को अपनी कमाई के आंकड़ों को इस स्तर तक पहुंचाने के लिए दशकों का इंतजार करना होगा।"
मस्क का 1 ट्रिलियन डॉलर का रेवेन्यू टारगेट और बैंकों की चेतावनी
लिस्टिंग के बाद शेयर में आई भारी तेजी के बीच एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे लगता है कि स्पेसएक्स साल 2030 में लगभग $1T रेवेन्यू तक पहुंच सकती है।" उन्होंने आगे यह भी जोड़ा, "और मुझे आश्चर्य होगा अगर साल 2031 में कंपनी का रेवेन्यू $1T से अधिक न हो।"
अगर इस दावे को आंकड़ों की कसौटी पर परखें, तो स्पेसएक्स ने साल 2025 में 18.7 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया था। पांच साल के भीतर इसे 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए कंपनी को अपने रेवेन्यू में 53 गुना बढ़ोतरी करनी होगी, जो इस आकार की किसी भी कंपनी के लिए अब तक असंभव रहा है। यही वजह है कि बड़े निवेश बैंक मस्क के इन दावों से सहमत नहीं हैं। गोल्डमैन सैक्स ने साल 2030 के लिए 474 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू मॉडल तैयार किया है, जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 330 बिलियन डॉलर का है, जिसमें से लगभग 190 बिलियन डॉलर AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े होने की उम्मीद है।
इसके अलावा स्टारलिंक की विकास दर को लेकर भी चिंताएं हैं। दूरसंचार विश्लेषक टिम फरार के अनुसार, पहली तिमाही में प्रति यूजर मिलने वाले रेवेन्यू में भारी गिरावट आई है। टिम फरार ने यह भी बताया कि हाल ही में स्टारलिंक की कीमतों में की गई बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि कंपनी का रेवेन्यू उम्मीदों से थोड़ा पीछे चल रहा है। यानी लिस्टिंग के बाद का उत्साह फिलहाल ग्राहकों के वास्तविक आंकड़ों से काफी आगे निकल गया है।
क्या स्पेसएक्स छू पाएगी 30 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा? मुनाफे की असली चुनौती
रॉन बैरन, जिनके फंड ने स्पेसएक्स में अपने निवेश पर लगभग 1,312% का मुनाफा कमाया है, का अनुमान है कि साल 2040 तक कंपनी की वैल्यू 10 से 30 ट्रिलियन डॉलर के बीच होगी। अप्रैल 2026 तक उनके प्रमुख फंड की कुल संपत्ति का 33% हिस्सा स्पेसएक्स के शेयरों में निवेशित था। 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह साल 2025 में पूरे अमेरिका की GDP (लगभग 29.3 ट्रिलियन डॉलर) से भी अधिक है। विश्लेषक इसकी तुलना अक्सर एनवीडिया से करते हैं, लेकिन दोनों की वित्तीय स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है।
एनवीडिया ने अपने वैल्यूएशन के हर बड़े पड़ाव पर शानदार मुनाफा कमाया था। जब उसने 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया, तब उसका नेट मार्जिन 55% से अधिक था। इसके विपरीत, स्पेसएक्स को साल 2025 में 4.9 बिलियन डॉलर और साल 2026 की पहली तिमाही में 4.3 बिलियन डॉलर का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। मुनाफे का यही अंतर इस शेयर को लेकर संशय पैदा करता है।
द वेस्टली ग्रुप के संस्थापक और टेस्ला के बोर्ड के सदस्य रह चुके स्टीव वेस्टली ने सीएनबीसी के शो स्क्वॉक बॉक्स एशिया पर कहा, "खुदरा निवेशकों ने इसके 100 बिलियन डॉलर के शेयर खरीदे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या उनमें से कुछ घबरा जाएंगे अगर स्पेसएक्स कुछ तिमाहियों में अपने टारगेट से चूक जाती है, क्योंकि अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करना इतना आसान नहीं है।"
शेयरों की लॉक-इन अवधि और निवेशकों के लिए जोखिम
साल 2026 में स्पेसएक्स के शेयरों का भविष्य इस बात पर भी निर्भर करेगा कि इसके लॉक-अप का शेड्यूल क्या रहता है। सितंबर में दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद पात्र इनसाइडर शेयरों का लगभग 20% हिस्सा बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा, जबकि इसका बड़ा हिस्सा दिसंबर में मार्केट में आएगा। इन बिकवाल निवेशकों में फाउंडर्स फंड, डीएफजे ग्रोथ, डी1 कैपिटल, फिडेलिटी और थ्राइव कैपिटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनके साथ ही कंपनी के हजारों शुरुआती कर्मचारी भी हैं जो सालों से अपनी लिक्विडिटी का इंतजार कर रहे हैं।
साल 2030 के लिए स्पेसएक्स के शेयर मूल्य का कोई भी अनुमान इस नजदीकी सप्लाई डायनामिक्स को नजरअंदाज नहीं कर सकता। लॉक-अप अवधि के दौरान स्पेसएक्स के शेयरों का प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या निवेशक इस वैल्यूएशन पर अपना भरोसा बनाए रख पाते हैं या नहीं।













