सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सर्राफा बाजार में तेजी की नई लहर देखने को मिली, जहां घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों के दामों में उछाल आया। मध्य पूर्व में तनाव को लेकर बनी अनिश्चितता और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख किया है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं में यह तेजी दर्ज की गई, जिससे साफ है कि बाजार में भू-राजनीतिक जोखिमों को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है।
घरेलू वायदा बाजार और हाजिर बाजार में सोने का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड वायदा अनुबंध सुबह के सत्र में काफी मजबूत दिखाई दिया। सुबह करीब 10:29 बजे IST यह अनुबंध 894 रुपये यानी 0.62% की बढ़त के साथ 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इससे पिछले सत्र में सोने का बंद भाव 1,43,106 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा था, जबकि सोमवार को यह 1,43,575 रुपये पर खुला था।
वायदा बाजार के साथ-साथ हाजिर बाजार में भी सर्राफा कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। हाजिर बाजार में सोने का भाव 75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय बैंकों के फैसलों और वैश्विक व्यापक आर्थिक संकेतों से सोने की चाल तय होगी।
चांदी में लगभग एक फीसदी का बड़ा उछाल
सोमवार की सुबह चांदी की कीमतों में भी तेज बढ़त देखने को मिली। MCX पर 4 सितंबर 2026 की एक्सपायरी वाला चांदी का वायदा अनुबंध सुबह 10:29 बजे IST के आसपास 2,184 रुपये यानी 0.98% चढ़कर 2,24,322 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। यह अनुबंध सोमवार को 2,23,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला था, जबकि इसका पिछला बंद भाव 2,22,138 रुपये था।
हाजिर सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 90,951 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। चांदी में आया यह उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशक इस समय जोखिम भरे परिसंपत्तियों के बजाय सुरक्षित निवेश विकल्पों में अपना धन लगाना पसंद कर रहे हैं।
कच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक परिस्थितियां
सर्राफा बाजार में तेजी का सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर बनी लगातार चिंताएं हैं। हालांकि सप्ताहांत में ऐसी खबरें आई थीं कि वॉशिंगटन और तेहरान ने आपसी सैन्य हमलों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है, फिर भी क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सैन्य हमलों में रोक की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई और ब्रेंट व WTI क्रूड 5% से अधिक टूट गए। आमतौर पर सस्ते तेल से मुद्रास्फीति की चिंता कम होती है, लेकिन इस बार भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने सोने में अपनी खरीदारी बनाए रखी। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट ने भी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोने को आकर्षक बनाया।
फेडरल रिजर्व की नीति और तकनीकी स्तर
भू-राजनीति के अलावा निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर भी टिकी हुई है। ब्याज दरों में संभावित बदलाव से सर्राफा बाजार की दिशा पर सीधा असर पड़ सकता है।
"बाजार अब अगले हफ्ते होने वाली फेड बैठक का इंतजार कर रहा है, जहां ब्याज दरों के स्थिर रहने की संभावना है," रिद्धिसिद्धि बुलियंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और IBJA के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी ने कहा।
कोठारी ने आगे बताया कि बाजार में सितंबर महीने में दर वृद्धि की 81% संभावना जताई जा रही है। तकनीकी दृष्टिकोण से उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट 4,000 डॉलर और रेजिस्टेंस 4,200 डॉलर के पास है। इसी तरह चांदी के लिए अहम सपोर्ट 55 डॉलर और रेजिस्टेंस 63 डॉलर का स्तर बना हुआ है, जो धातुओं की अगली बड़ी चाल तय करेंगे।



















