वैश्विक मुद्रा बाजारों में इस समय आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण काफी अनिश्चितता का माहौल है, जिसके चलते अमेरिकी डॉलर (USD) का सिंगापुर डॉलर (SGD) के मुकाबले रुख काफी सतर्क नजर आ रहा है। यूनाइटेड ओवरसीज बैंक (UOB) के बाजार रणनीतिकार क्वेक सेर लियांग और ली सू एन के अनुसार, एक बेहद शांत कारोबारी सत्र के बाद यह मुद्रा जोड़ी फिलहाल 1.29 के स्तर से ठीक ऊपर कारोबार कर रही है। हालांकि बाजार में मजबूती के कुछ संकेत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर इसकी गति अभी भी सीमित ही है। विश्लेषकों का अनुमान है कि दिन के कारोबार (इंट्राडे) में यह जोड़ी 1.2900 और 1.2930 के एक संकीर्ण दायरे में ही कंसोलिडेट करेगी। अगर हम एक से तीन सप्ताह के व्यापक नजरिए पर गौर करें, तो विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस जोड़ी में गिरावट का जोखिम लगातार बना हुआ है और यह 1.2860 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे भी टूट सकती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि जब तक 1.2930 का प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर इस जोड़ी की बढ़त को रोके रखता है, तब तक इतनी बड़ी गिरावट आने की संभावना काफी कम है।
24 घंटे के कारोबारी रुझानों का विश्लेषण
अपने दैनिक आकलन में, UOB के विश्लेषकों ने हालिया प्राइस एक्शन पर विचार किया और बताया कि बाजार काफी हद तक उनके पिछले पूर्वानुमानों के अनुरूप ही चला है। इस सप्ताह की शुरुआत में, उन्होंने यह संकेत दिया था कि मोमेंटम इंडिकेटर्स ज्यादातर सपाट बने हुए हैं। इसके आधार पर उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि अमेरिकी डॉलर सिंगापुर की मुद्रा के मुकाबले 1.2895 और 1.2925 के एक निर्धारित दायरे में ही ट्रेड करेगा। उनका यह अनुमान बिल्कुल सटीक साबित हुआ, क्योंकि वास्तविक ट्रेडिंग रेंज 1.2893 से 1.2925 के बीच ही रही। अमेरिकी डॉलर का सत्र बिना किसी बड़े बदलाव के 1.2923 पर बंद हुआ, जो केवल 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त को दर्शाता है। हालांकि बाजार पर नजर रखने वालों ने ऊपर की ओर जाने वाले मोमेंटम में थोड़ी सी वृद्धि देखी है, लेकिन UOB की टीम का मानना है कि यह गति इतनी मजबूत नहीं है कि लगातार हो रही बढ़ोतरी का संकेत दे सके। आज के कारोबारी दिन के लिए, उनका अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर थोड़ा ऊंचे दायरे में कारोबार करेगा और यह 1.2900 से 1.2930 के बीच ही रहेगा।
आने वाले हफ्तों का आउटलुक और प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल
मध्यम अवधि के रुझानों का मूल्यांकन करने के लिए एक कदम पीछे हटते हुए, विश्लेषकों ने अपने पहले के संरचनात्मक विचारों की फिर से समीक्षा की। 16 जुलाई को, जब स्पॉट रेट 1.2885 पर था, तो उन्होंने चेतावनी दी थी कि नीचे की ओर जाने वाला मोमेंटम बढ़ना शुरू हो गया है। उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर यह 1.2860 के स्तर से नीचे बंद होता है, तो इससे बाजार में और भी गहरी गिरावट आ सकती है। इसके बाद 21 जुलाई को, जब स्पॉट रेट थोड़ा बढ़कर 1.2910 पर पहुंच गया, तो पिछले कुछ दिनों की तुलना में कारोबारी माहौल काफी शांत हो गया था, जिसके कारण पहले देखे गए गिरावट के दबाव में थोड़ी कमी आई। इस अस्थायी राहत के बावजूद, UOB के रणनीतिकारों ने अपनी मुख्य चेतावनी को दोहराया: जब तक 1.2930 का मजबूत रेजिस्टेंस स्तर नहीं टूटता, तब तक चार्ट पर इस मुद्रा जोड़ी के क्रैश होने और 1.2860 से नीचे बंद होने का जोखिम बना हुआ है, भले ही तत्काल ऐसा होने की संभावना बहुत अधिक न हो। टीम ने पुष्टि की है कि वे आने वाले हफ्तों के लिए अपने इस सतर्क दृष्टिकोण को बनाए हुए हैं।
कमजोर महंगाई आंकड़ों के कारण ब्रिटिश पाउंड में गिरावट
एशियाई मुद्रा बाजारों से इतर, ब्रिटिश पाउंड को अपनी अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार के कारोबारी सत्र के दूसरे भाग में GBP/USD की जोड़ी को कोई भी सार्थक गति प्राप्त करने में काफी संघर्ष करना पड़ा और यह 1.3400 के स्तर से नीचे ही दबाव में रही। इस सुस्त प्रदर्शन का मुख्य कारण यूनाइटेड किंगडम (UK) से आने वाले नवीनतम मुद्रास्फीति (महंगाई) के आंकड़े रहे। जून महीने के लिए वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अप्रत्याशित रूप से घटकर 2.6 प्रतिशत पर आ गया। यह आंकड़ा व्यापक बाजार पूर्वानुमानों से कम था, जिसमें महंगाई दर के 2.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी। उम्मीद से कम रहे इन महंगाई के आंकड़ों ने ब्रिटिश पाउंड के लिए रिकवरी की गति जुटाना बेहद मुश्किल कर दिया है, क्योंकि ट्रेडर अब भविष्य में ब्याज दरों में होने वाले बदलावों की संभावनाओं का फिर से आकलन कर रहे हैं। इसके साथ ही, मुद्रा निवेशक मध्य पूर्व से आने वाली ताजा खबरों पर भी कड़ी नजर बनाए हुए हैं, जो व्यापक वित्तीय परिदृश्य में अस्थिरता पैदा कर रही हैं।
अहम ECB फैसले से पहले यूरो का दायरा सीमित
यूरोपीय सिंगल करेंसी में भी इसी तरह का सीमित पैटर्न देखने को मिल रहा है, जहां बुधवार को EUR/USD की जोड़ी 1.1400 के निशान के करीब एक बहुत ही संकीर्ण चैनल के अंदर ट्रेड कर रही थी। सप्ताह के शुरुआती हिस्से में यूरोजोन से किसी भी बड़े मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा के जारी न होने के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही है। इसके बजाय, मध्य पूर्व से बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव इस जोड़ी की बढ़त को सीमित करने का काम कर रहे हैं, क्योंकि ट्रेडर किसी भी तरह का अत्यधिक जोखिम लेने से हिचकिचा रहे हैं। अब यूरो ट्रेडर्स का पूरा ध्यान गुरुवार पर केंद्रित हो गया है, जब यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) अपनी बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों की घोषणा करने वाला है। बाजार से जुड़े सभी लोग ECB के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों में ब्याज दरों और महंगाई प्रबंधन को लेकर केंद्रीय बैंक के रुख पर महत्वपूर्ण स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने में जोरदार उछाल
जहां एक ओर प्रमुख फिएट मुद्राएं एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं, वहीं कमोडिटी बाजार में एक मजबूत रैली देखने को मिल रही है। सोना लगातार चौथे दिन अपनी शानदार बढ़त को कायम रखे हुए है। यह कीमती धातु वर्तमान में 4,100 डॉलर की अभूतपूर्व सीमा से काफी ऊपर खड़ी है। यह उल्लेखनीय वृद्धि अन्य बाजार क्षेत्रों में फैले रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट (जोखिम से बचने की भावना) से पूरी तरह बेअसर होकर हो रही है। सोने की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य कारण ईरान से जुड़ा बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और साथ ही वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में हो रही वृद्धि है। इन दोनों कारकों ने निवेशकों को बुलियन की पारंपरिक सुरक्षा की ओर तेजी से आकर्षित किया है। केवल इसी सप्ताह के दौरान, सोने में लगभग 2.5 प्रतिशत की तेजी आई है। यदि यही गति बरकरार रहती है, तो यह कीमती धातु तीन महीने से अधिक समय में अपना सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन दर्ज करने की राह पर है, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजार की भारी चिंता और सुरक्षित निवेश विकल्पों की लगातार बढ़ती मांग को रेखांकित करता है।















