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अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक फैसले से डॉलर साख पर संकट, दिग्गज बैंकों ने दी बड़ी गिरावट की चेतावनीबाज़ार
20 अग॰ 2026, 7:02 pm (1 घंटे पहले)· 3

अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक फैसले से डॉलर साख पर संकट, दिग्गज बैंकों ने दी बड़ी गिरावट की चेतावनी

अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय के बॉन्ड बायबैक को 4 बिलियन डॉलर तक दोगुना करने के फैसले के बाद अमेरिकी डॉलर में कमजोरी गहरा गई है। एमयूएफजी और यूबीएस जैसे बैंकों का कहना है कि यील्ड को दबाने की इस कोशिश से अमेरिकी वित्तीय साख को नुकसान पहुंच सकता है।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम का आकार अचानक दोगुना करने के फैसले ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि इस अप्रत्याशित कदम से शुरुआती दौर में लंबी अवधि के कर्ज की लागत घटी और ट्रेजरी बॉन्ड में तेजी आई, लेकिन संस्थागत विश्लेषकों का मानना है कि वास्तविक वित्तीय सुधारों के बिना यील्ड को दबाने की कोशिश उलटी पड़ सकती है। अमेरिकी डॉलर को स्थिर करने के बजाय यह नीतिगत हस्तक्षेप निवेशकों के भरोसे को चोट पहुंचा सकता है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रीनबैक पर कई मोर्चों से गिरावट का दबाव बन रहा है।

सरकारी बॉन्ड बायबैक की अचानक घोषणा

बुधवार को 12:32 जीएमटी पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने नियमित कैलेंडर से हटकर एक बड़ी घोषणा की। ट्रेजरी ने बताया कि वह बाजार में लिक्विडिटी सहायता प्रदान करने वाले अपने बॉन्ड बायबैक परिचालन के दायरे को दोगुना करने जा रही है। नई योजना के तहत प्रति ऑपरेशन खरीदारी की अधिकतम सीमा को 2 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 बिलियन डॉलर कर दिया जाएगा। यह विस्तारित बायबैक व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। इस कदम का मुख्य फोकस 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों पर रहेगा।

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ट्रेजरी द्वारा बायबैक का दायरा बढ़ाने का सीधा मकसद बढ़ती हुई लंबी अवधि की यील्ड पर अंकुश लगाना और बॉन्ड मार्केट के तनाव को कम करना है। अमेरिका में उच्च ब्याज दरों के कारण कर्ज चुकाने की लागत और सामर्थ्य का संकट गहराता जा रहा है, जो अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि यह नीतिगत फैसला खाड़ी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय व्यापार शुल्कों (टैरिफ) जैसी अन्य व्यापक आर्थिक नीतियों के कारण बॉन्ड बाजार में पैदा हुए अवांछित प्रभावों से निपटने के लिए लाया गया है।

वित्तीय साख पर गहराते खतरे और बैंकों की चेतावनी

दुनिया के दिग्गज वित्तीय संस्थानों ने अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम के दीर्घकालिक परिणामों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। एमयूएफजी, यूबीएस, और ब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (बीबीएच) के विश्लेषकों ने आगाह किया है कि बिना वास्तविक वित्तीय समेकन के लंबी अवधि के उधारी खर्चों में सीधे हस्तक्षेप करना अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को गलत संकेत भेजता है।

यूबीएस ने माना कि बायबैक बढ़ाने से बॉन्ड यील्ड और कर्ज भुगतान की लागत में फौरी राहत मिली है, लेकिन एमयूएफजी और बीबीएच ने चेतावनी दी है कि यील्ड को कृत्रिम रूप से नियंत्रित करने से सरकार की वित्तीय साख प्रभावित होती है। एमयूएफजी के विश्लेषकों के अनुसार, वित्तीय अनुशासन के बिना उधारी लागत को प्रबंधित करने की कोशिश वैश्विक निवेशकों को दूर कर सकती है। एमयूएफजी ने अपने बाजार आकलन में कहा, "Even if the Treasury buy-back plan does contain yields, the US Dollar now remains more vulnerable to the downside on the fact that yields are potentially lower." बैंक ने जोर देकर कहा कि आगे डॉलर में मजबूती के बजाय कमजोरी के कई नए रास्ते खुलते दिख रहे हैं।

घोषणा के समय को लेकर भी संस्थागत निवेशकों के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्धारित समय-सारणी से अलग हटकर फैसला लेने से बाजार में यह संदेश गया है कि ट्रेजरी लिक्विडिटी सपोर्ट देने के बजाय यील्ड को जबरन दबाने का प्रयास कर रही है। इससे अमेरिकी संपत्तियों में विदेशी निवेश का आकर्षण कम हो सकता है, जो अमेरिकी डॉलर के लिए एक संरचनात्मक कमजोरी पैदा कर रहा है।

फॉरेक्स मार्केट में उथल-पुथल और प्रमुख मुद्राओं का हाल

ट्रेजरी की घोषणा के तुरंत बाद 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी गिरावट आई और बॉन्ड कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, गुरुवार को अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत में फिक्स्ड-इनकम मार्केट में कुछ स्थिरता आई और 10-वर्षीय यील्ड मामूली रूप से सुधरकर 4.672% पर पहुंच गई। इसके बावजूद अमेरिकी डॉलर रिकवर करने में नाकाम रहा, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख मुद्राएं मजबूत स्थिति में बनी रहीं।

करेंसी मार्केट में जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की जोड़ी 1.3600 के स्तर से काफी ऊपर बनी रही। इससे पहले यह 1.3650 के छह महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद मामूली रूप से पीछे हटी थी। इसी तरह, ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) ने कारोबार के दौरान तीन महीने का नया उच्चतम स्तर बनाया, हालांकि बाद में यह 1.1700 के नीचे सपाट कारोबार करने लगा। यूरो की तेजी में कुछ रुकावट आने के बावजूद डॉलर की कमजोरी के कारण इसमें बड़ी गिरावट की गुंजाइश सीमित रही।

सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों पर असर

अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले का प्रभाव कमोडिटी और डिजिटल एसेट मार्केट पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। सोना (XAU/USD) गुरुवार को अमेरिकी कारोबारी घंटों की शुरुआत में दिन के निचले स्तरों की ओर खिसक गया। बुधवार की तेज गिरावट के बाद 10-वर्षीय यील्ड और डॉलर इंडेक्स में आई मामूली स्थिरता ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाया।

दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली क्योंकि निवेशकों ने पारंपरिक मुद्राओं में अनिश्चितता के बीच डिजिटल संपत्तियों का रुख किया। बिटकॉइन (BTC) ने जबरदस्त उछाल दर्ज करते हुए $70,000 का आंकड़ा पार कर लिया। एथेरियम (ETH) $2,200 के ऊपर मजबूती से टिका रहा, जबकि रिपल (XRP) ने भी वापसी करते हुए $1.15 का स्तर फिर से हासिल कर लिया।

सवाल-जवाब

अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक का दायरा क्यों बढ़ाया?
ट्रेजरी ने 10 से 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड की बायबैक सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दी है ताकि बढ़ती यील्ड और उधारी लागत को नियंत्रित किया जा सके।
एमयूएफजी और अन्य वित्तीय संस्थानों ने क्या चेतावनी दी है?
एमयूएफजी, यूबीएस और बीबीएच के अनुसार, वित्तीय समेकन के बिना यील्ड को कृत्रिम रूप से दबाने से अमेरिका की वित्तीय साख प्रभावित होगी और डॉलर पर गिरावट का ढांचागत दबाव बनेगा।
इस फैसले का फॉरेक्स बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, जिससे जीबीपी/यूएसडी 1.3600 के ऊपर और ईयूआर/यूएसडी 1.1700 के करीब तीन महीने के उच्च स्तर के पास बना रहा।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर इस कदम का क्या असर हुआ?
डॉलर में अनिश्चितता के बीच बिटकॉइन $70,000, एथेरियम $2,200 और रिपल $1.15 के पार निकल गए, जबकि यील्ड के मामूली संभलने से सोने में गिरावट आई।
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