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अमेरिकी ट्रेजरी के कदम और जॉबलेस दावों के बाद मजबूत हुआ डॉलर, यूरो 3 महीने के उच्चतम स्तर से फिसलाबाज़ार
20 अग॰ 2026, 7:02 pm (1 घंटे पहले)· 1

अमेरिकी ट्रेजरी के कदम और जॉबलेस दावों के बाद मजबूत हुआ डॉलर, यूरो 3 महीने के उच्चतम स्तर से फिसला

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में सुधार और उम्मीद से बेहतर जॉबलेस दावों के आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई, जिससे यूरो और सोने में गिरावट आई जबकि क्रिप्टोकरेंसी में तेजी बनी रही।

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आए उछाल और नए रोजगार आंकड़ों के समर्थन से अमेरिकी डॉलर फिर से मजबूत होता दिख रहा है। बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर इंडेक्स (DXY) 98.56 के निचले स्तर से उबरकर 98.76 के आसपास कारोबार करता नजर आया। इस मजबूती की वजह से हाल में तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचे यूरो (EUR/USD) की तेजी थम गई और यह 1.1700 के स्तर से नीचे सपाट कारोबार करने लगा। हालांकि डॉलर की पिछली कमजोरी की वजह से यूरो की गिरावट फिलहाल सीमित नजर आ रही है।

ट्रेजरी की नकदी सहायता योजना से यील्ड में आया सुधार

बुधवार को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सरकारी बांड्स के लिए तरलता सहायता (बायबैक) बढ़ाने की अचानक घोषणा की थी। विभाग ने 10-वर्षीय से 20-वर्षीय और 20-वर्षीय से 30-वर्षीय परिपक्वता वाले बांड्स की खरीद सीमा को 2 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया। यह नई व्यवस्था 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। इस कदम के बाद बॉन्ड यील्ड में जोरदार गिरावट आई थी, लेकिन गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड संभलकर 4.672 प्रतिशत पर पहुंच गई।

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फेडरल रिजर्व और विश्लेषकों का नजरिया

डीबीएस ग्रुप रिसर्च के रणनीतिकार चांग वेई लियांग ने कहा कि अतिरिक्त बायबैक की राशि काफी छोटी है और मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए डॉलर में और गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन की संभावना अधिक है। वहीं, सैन फ्रांसिस्को फेड की अध्यक्ष मैरी डेली ने कहा कि बढ़ती बांड यील्ड नीति के लिए कोई संकेत नहीं देती है और फेड की नीति सही स्थिति में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्रीय बैंक का मुख्य ध्यान अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने पर केंद्रित होना चाहिए, खासकर तब जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी यूएस-ईरान तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों से मुद्रास्फीति का खतरा बना हुआ है।

करेंसी बाजार, सोना और क्रिप्टो का हाल

अमेरिकी डॉलर ने गुरुवार को जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) 1.3650 के छह महीने के शिखर से थोड़ा पीछे हटने के बाद भी 1.3600 के स्तर से ऊपर बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। दूसरी तरफ, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आने से सोने (XAU/USD) की कीमतों में अमेरिकी कारोबारी घंटों की शुरुआत के दौरान गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इसके विपरीत क्रिप्टो बाजार में तेजी का रुख देखा गया, जहां बिटकॉइन (BTC) 70,000 डॉलर के पार निकल गया, एथेरियम (ETH) 2,200 डॉलर से ऊपर टिका रहा और रिपल (XRP) संभलकर 1.15 डॉलर के स्तर के ऊपर आ गया।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
उम्मीद से बेहतर जॉबलेस दावों के आंकड़े और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार के कारण डॉलर में मजबूती आई।
यूरो (EUR/USD) की स्थिति कैसी रही?
यूरो तीन महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद डॉलर की रिकवरी के कारण 1.1700 के स्तर से नीचे सपाट होकर बंद हुआ।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने क्या घोषणा की?
विभाग ने 10 से 30 साल की अवधि वाले सरकारी बॉन्ड्स के लिए बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर करने का फैसला किया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?
क्रिप्टो बाजार में तेजी रही, जहां बिटकॉइन 70,000 डॉलर के पार पहुंचा, एथेरियम 2,200 डॉलर और रिपल 1.15 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा था।
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