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ठंडी पड़ती महंगाई और मजबूत फोरिंट से हंगरी के केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें घटाने की और गुंजाइशबाज़ार
24 जून 2026, 11:08 pm (45 दिन पहले)· 5

ठंडी पड़ती महंगाई और मजबूत फोरिंट से हंगरी के केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें घटाने की और गुंजाइश

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के साबिर सलाद का कहना है कि मजबूत फोरिंट और सरकारी कदमों की बदौलत हंगरी में महंगाई काबू में है, जिससे NBH अब नरम रुख अपना सकता है। उन्होंने 2026 और 2027 के महंगाई अनुमान घटाए हैं, पर ऊपर की ओर जोखिम बने रहने की चेतावनी भी दी है।

हंगरी में महंगाई की रफ्तार सुस्त बनी हुई है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है मजबूत हंगेरियन फोरिंट और सरकार की ओर से उठाए गए कदम। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के साबिर सलाद के मुताबिक, इसी ठंडी पड़ती महंगाई ने नेशनल बैंक ऑफ हंगरी (NBH) के लिए ब्याज दरों में कटौती की राह खोल दी है और केंद्रीय बैंक का रुख अब पहले से ज्यादा नरम हो गया है।

महंगाई काबू में क्यों है

ऊर्जा की कीमतों में झटके के बावजूद हंगरी में महंगाई पर लगाम बनी हुई है। इसके पीछे फोरिंट की मजबूती और सरकारी उपायों की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिनमें ईंधन की कीमतों पर लगाई गई अधिकतम सीमा भी शामिल है।

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"ऊर्जा कीमतों के झटके के बावजूद महंगाई सुस्त बनी रही है, जिसे मजबूत HUF और ईंधन कीमतों पर लगी सीमा समेत सरकारी कदमों का सहारा मिला है।"

आंकड़े भी यही तस्वीर दिखाते हैं। मई में मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सालाना आधार पर 1.8% रहा, जो स्टैंडर्ड चार्टर्ड के 2.2% के अपने अनुमान से भी कम है और NBH के 3% (एक प्रतिशत अंक ऊपर या नीचे) के लक्ष्य दायरे की निचली सीमा से भी नीचे है।

"मई में मुख्य CPI सालाना आधार पर 1.8% रहा, जो हमारे 2.2% के अनुमान और NBH के 3% +/-1 प्रतिशत अंक के लक्ष्य दायरे की निचली सीमा, दोनों से नीचे है।"

घटाए गए महंगाई के अनुमान

इन्हीं आंकड़ों को देखते हुए साबिर सलाद ने आने वाले सालों के लिए अपने महंगाई अनुमान घटा दिए हैं। 2026 के लिए अनुमान को अब 3.9% से घटाकर 2.2% कर दिया गया है, हालांकि यह अब भी केंद्रीय बैंक के अपने अनुमान से ऊपर है। वहीं 2027 का अनुमान 3.4% से घटाकर 2.5% कर दिया गया है।

"इसे देखते हुए, हम अपना 2026 का महंगाई अनुमान घटाकर 2.2% (पहले 3.9%, जो अब भी केंद्रीय बैंक के अनुमान से ऊपर है) कर रहे हैं, और 2027 का अनुमान घटाकर 2.5% (पहले 3.4%) कर रहे हैं।"

जोखिम अब भी बरकरार

हालांकि तस्वीर राहत भरी है, लेकिन सलाद आगाह करते हैं कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है। उनका मानना है कि भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रति हंगरी की संवेदनशीलता को देखते हुए महंगाई के ऊपर की ओर बढ़ने का जोखिम ज्यादा है, भले ही केंद्रीय बैंक इन जोखिमों को संतुलित मानता हो।

"जहां केंद्रीय बैंक महंगाई के जोखिमों को संतुलित मानता है, वहीं हम मानते हैं कि हंगरी की भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए जोखिम ऊपर की ओर झुके हुए हैं।"

अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रही, तो इसका सीधा असर ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार पर पड़ सकता है।

"अगर महंगाई हमारी उम्मीद से ज्यादा साबित होती है, तो नरमी की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।"

सवाल-जवाब

मई में हंगरी का CPI कितना रहा?
मई में मुख्य CPI सालाना आधार पर 1.8% रहा, जो स्टैंडर्ड चार्टर्ड के 2.2% के अनुमान और NBH के लक्ष्य दायरे की निचली सीमा से भी कम है।
महंगाई के काबू में रहने की वजह क्या है?
ऊर्जा कीमतों के झटके के बावजूद मजबूत हंगेरियन फोरिंट और सरकारी कदम, जिनमें ईंधन कीमतों पर लगी सीमा शामिल है, महंगाई को थामे हुए हैं।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने महंगाई के अनुमान कितने घटाए हैं?
2026 का अनुमान 3.9% से घटाकर 2.2% और 2027 का अनुमान 3.4% से घटाकर 2.5% कर दिया गया है।
क्या अब भी कोई जोखिम बाकी है?
हां, साबिर सलाद के मुताबिक हंगरी की भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रति संवेदनशीलता के चलते महंगाई के ऊपर की ओर बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।
जोखिम बढ़ने पर क्या होगा?
अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रही, तो ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
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