वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा है, जिसे अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में जारी उछाल से बड़ा सहारा मिल रहा है। अमेरिकी डेट बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है क्योंकि महंगाई को लेकर चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इस माहौल में करेंसी ट्रेडर्स और निवेशक अपना ध्यान बुधवार को जारी होने वाले फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सितंबर बैठक के मिनट्स पर केंद्रित कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य को लेकर नीतिगत संकेत मिलने की उम्मीद है।
बॉन्ड यील्ड में तेजी और डॉलर का प्रमुख मुद्राओं के खिलाफ प्रदर्शन
अमेरिकी डॉलर अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले लगातार मजबूत रुख दिखा रहा है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य का आकलन करने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.1% की बढ़त के साथ 102.20 के करीब कारोबार कर रहा है। यह स्तर सोमवार को दर्ज किए गए इसके वार्षिक उच्च स्तर 102.54 के काफी करीब है। इसी बीच, 10-वर्षीय यूएस ट्रेजरी यील्ड 0.24% बढ़कर लगभग 5.32% पर पहुंच गई है, जो सोमवार को बने दो दशक के नए शिखर 5.35% के नजदीक है।
मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर ने अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बनाया है। आज के कारोबारी सत्र में ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की गई। मुद्रा हीटमैप पर नजर डालें तो जापानी येन, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी प्रमुख करेंसियों के मुकाबले डॉलर का दबदबा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश और आकर्षक यील्ड डॉलर को लगातार मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
आर्थिक आंकड़ों की चाल और तकनीकी चार्ट का विश्लेषण
आर्थिक संकेतकों के मोर्चे पर, सितंबर के लिए जारी आईएसएम सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े अनुमान से कुछ कमजोर रहे हैं। सेवा क्षेत्र का यह पीएमआई 54.9 पर आया, जो 55.0 के बाजार पूर्वानुमान और पिछले 55.4 के आंकड़े की तुलना में थोड़ा कम है। हालांकि सेवा क्षेत्र में विस्तार की गति धीमी हुई है, लेकिन अमेरिकी बॉन्ड बाजार में आई तेजी ने इस हल्के आर्थिक आंकड़े के नकारात्मक असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया।
दैनिक तकनीकी चार्ट पर डॉलर इंडेक्स स्पॉट 102.14 पर कारोबार कर रहा है, जबकि लाइव मार्केट डेटा में यह 102.13 पर देखा गया है, जो 102.17 के पिछले बंद से -0.04% नीचे है। अल्पावधि का तकनीकी रुझान अभी भी बुलिश बना हुआ है क्योंकि कीमत 100.96 (लाइव डेटा में ईएमए20 100.98) के 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से काफी ऊपर टिकी हुई है। 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़त का यह दौर जारी है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 76.10 (लाइव गणना में 73) पर स्थित है, जो ओवरबॉट क्षेत्र की ओर इशारा करता है और संकेत देता है कि ऊपरी गति काफी मजबूत होने के साथ-साथ थोड़ी खिंच भी चुकी है।
तकनीकी स्तरों के लिहाज से, गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन 24 जून का उच्च स्तर 101.80 है, जिसके बाद लगभग 100.96 पर मौजूद 20-दिवसीय ईएमए अगला रक्षात्मक स्तर होगा। वहीं ऊपर की तरफ 102.54 का वार्षिक उच्चतम स्तर डॉलर के लिए सबसे बड़ी चुनौती और मुख्य प्रतिरोध बना हुआ है। लाइव डेटा के अनुसार पिवट 102.13 है, जबकि तात्कालिक प्रतिरोध R1 102.21 और R2 102.29 पर स्थित हैं तथा समर्थन स्तर S1 102.05 और S2 101.97 पर दर्ज हैं।
एफओएमसी मिनट्स की अहमियत और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की दुविधा
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स सामान्यतः नीतिगत निर्णय के तीन सप्ताह बाद सार्वजनिक किए जाते हैं। निवेशक इन दस्तावेजों में नीतिगत दृष्टिकोण के साथ-साथ सदस्यों के वोटिंग विभाजन की बारीकियों को तलाशते हैं। यदि मिनट्स का सुर आक्रामक या बुलिश रहता है, तो इससे ग्रीनबैक को और मजबूती मिल सकती है, जबकि कोई भी नरम या डोविश रुख डॉलर पर दबाव बना सकता है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि नीतिगत बयान के विपरीत समाचार माध्यमों को जारी होने से पहले मिनट्स की अग्रिम प्रति नहीं मिलती, इसलिए बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया में थोड़ा विलंब हो सकता है।
दूसरी ओर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सामने भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में जब महंगाई तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही हो, तो ईसीबी का स्वाभाविक कदम ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना होता। लेकिन मौजूदा हालात सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले ही ईसीबी के हिस्से का मौद्रिक कसाव कर चुका है, जिससे यूरोपीय नीति निर्माताओं के सामने आगे की नीति तय करने में कड़ी दुविधा पैदा हो गई है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और सोने पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजारों में अन्य युग्मों पर भी इस घटनाक्रम का असर साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह छुए गए दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुआ इसका दो दिवसीय सुधार थम गया। फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली जारी रहने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय ऊंचाइयों पर बनी हुई है, जिसने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के साथ मिलकर डॉलर की तेजी को सहारा दिया है। हालांकि, इस महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए कुछ सहारा बन सकती है।
USD/JPY की बात करें तो यह मंगलवार के एशियाई सत्र में 158.00 के नीचे सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और संभावित करेंसी हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को समर्थन दिया है। वहीं दूसरी ओर मजबूत यील्ड के कारण डॉलर भी अपनी वार्षिक ऊंचाई के पास डटा हुआ है, जिससे ट्रेडर्स किसी भी एक दिशा में बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं। कमोडिटी बाजार में सोने में फिर से गिरावट देखने को मिली है और यह मंगलवार तड़के 4,100 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। मजबूत ट्रेजरी यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों में सुधार और 17 महीने के उच्च स्तर के करीब डॉलर के टिके रहने से सोने का रुख कमजोर बना हुआ है।























