मध्य और पूर्वी यूरोपीय मुद्रा बाजारों में आगामी नीतिगत समीक्षाओं को लेकर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय बैंकों के संभावित कदमों और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़ों के बीच चेक गणराज्य की राष्ट्रीय मुद्रा पर दबाव बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। चेक नेशनल बैंक द्वारा गुरुवार को ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसले को इस क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि चेक नेशनल बैंक अपनी मौजूदा 3.75% की बेंचमार्क ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, बाजार का मुख्य ध्यान भविष्य में दरों के स्तर, समयसीमा और नीतिगत ढील की रफ्तार से जुड़े मार्गदर्शन पर टिका रहेगा।
क्षेत्रीय मुद्राओं पर ऊर्जा कीमतों और नीतिगत फैसलों का असर
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा के ऊंचे दामों के साथ-साथ यूरोपीय सेंट्रल बैंक के आक्रामक और सख्त रुख के कारण सेंट्रल और ईस्टर्न यूरोप यानी सीईई क्षेत्र की ब्याज दरों में तेज बिकवाली दर्ज की गई थी। इसके बाद सामने आए अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने निवेशकों और वित्तीय बाजारों को थोड़ी राहत जरूर दी। इसके बावजूद वित्तीय बाजार अब भी अर्थशास्त्रियों के अनुमानों की तुलना में अधिक आक्रामक रुख की उम्मीद लगाए बैठे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज नहीं की जाती, तब तक बाजार की इस आक्रामक धारणा में बड़े बदलाव की संभावना काफी कम है। इस पूरे क्षेत्रीय घटनाक्रम के बीच सप्ताह का समापन शुक्रवार को आने वाले पोलैंड के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों के साथ होगा।
यूरो के मुकाबले चेक कोरुना के स्तर और परिदृश्य
चेक नेशनल बैंक के इस नीतिगत समीक्षा में एक नरम यानी डोविश रुख अपनाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, जिससे भविष्य में संभावित ब्याज दर वृद्धि की बची-खुची उम्मीदें भी कमजोर पड़ सकती हैं। इस रुख के कारण यूरो के मुकाबले चेक कोरुना यानी EUR/CZK मुद्रा जोड़ी में बढ़त का रुख जारी रह सकता है। अनुमान है कि यह मुद्रा जोड़ी गुरुवार की बैठक के समय करीब 24.300 के आसपास पहुंच सकती है। यदि चेक नेशनल बैंक अपने नरम रुख की पुष्टि कर देता है और अमेरिकी डॉलर में मजबूती का रुख बना रहता है, तो EUR/CZK में और अधिक तेजी आने का दायरा बन जाएगा।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ियों की स्थिति
वैश्विक स्तर पर अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों में भी नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी यानी AUD/USD गिरकर डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर लगभग 0.7140 के पास आ गई। हालांकि, निचले स्तरों पर इस गिरावट को आगे फॉलो-थ्रू नहीं मिल सका। स्पॉट कीमतें दिन के दौरान लगभग 0.25% गिरकर मध्य-0.7100 से ठीक ऊपर कारोबार करती रहीं।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन यानी USD/JPY जोड़ी में सप्ताह की शुरुआत में खरीदारों की दिलचस्पी दिखाई दी। एशियाई सत्र में यह जोड़ी 154.00 के स्तर के करीब पहुंची, जिससे पिछले शुक्रवार को हुए नुकसान के एक हिस्से की भरपाई हो गई। इसके बावजूद, स्पॉट कीमतें बीते करीब एक सप्ताह के सीमित दायरे में ही बंधी रहीं। पिछले मंगलवार को छूए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब रहते हुए व्यापारी इस सप्ताह होने वाले प्रमुख केंद्रीय बैंक आयोजनों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/USD की लाइव कीमतें 1.15 के स्तर पर बनी हुई हैं, जिसका 52-सप्ताह का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है।
कनाडा में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और पाई नेटवर्क का हाल
उत्तरी अमेरिकी बाजारों में कनाडा के अगस्त महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े सोमवार को प्रकाशित होने पर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। स्टैटिस्टिक्स कनाडा द्वारा जारी किए जाने वाले ये आंकड़े मुद्रास्फीति के दबावों पर ताजा स्थिति स्पष्ट करेंगे। इससे पहले 2 सितंबर की बैठक में बैंक ऑफ कनाडा के अधिकारियों ने अपनी ब्याज दर को 2.25% पर स्थिर रखा था, जो बाजार विश्लेषकों की आम सहमति के अनुरूप था।
डिजिटल परिसंपत्तियों की बात करें तो लगातार दो हफ्तों के लाभ के बाद सोमवार को पाई नेटवर्क यानी PI में सुधार जारी रहा और यह 0.097 डॉलर के ऊपर कारोबार करता दिखा। पारिस्थितिकी तंत्र के निरंतर विकास और डेवलपर टूल्स में सुधार से इसकी उपयोगिता को बढ़ावा मिल रहा है। तकनीकी संकेतक एक प्रारंभिक सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन ऊपर स्थित एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए की रुकावटें अभी भी एक चुनौती बनी हुई हैं और लाभ को सीमित कर रही हैं।



















