वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हल्का दबाव बना हुआ है, हालांकि फिलहाल यह बड़े गिरावट के दौर के बजाय एक सीमित दायरे में घूमता नजर आ रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में पाउंड में गिरावट की संभावना जताई गई थी और इसके 1.3180 से 1.3235 के दायरे में बने रहने का अनुमान था। व्यवहार में पाउंड का स्तर पहले फिसलकर 1.3185 तक आया और फिर थोड़े समय के लिए उछलकर 1.3249 पर पहुंचा, जिसके बाद यह 1.3230 के भाव पर मामूली 0.13 प्रतिशत की बढ़त लेकर बंद हुआ। मुद्रा बाजार के जानकारों का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव एक सीमित दायरे वाले कंसॉलिडेशन चरण का हिस्सा है। आने वाले चौबीस घंटों में इस करेंसी पेयर के 1.3215 और 1.3260 के बीच कारोबार करने की उम्मीद जताई जा रही है।
लंबी अवधि में पाउंड की दिशा और तकनीकी स्थिति
एक से तीन हफ्तों के परिदृश्य पर नजर डालें तो पहले पाउंड में मजबूती का रुख आंका गया था, लेकिन वह अनुमान खारिज होने के बाद 08 अक्टूबर को जब स्पॉट भाव 1.3215 पर था, तब यह संकेत मिला था कि नीचे की ओर गति में हल्की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, यह गति इतनी मजबूत नहीं है कि किसी स्थायी या लंबी गिरावट की शुरुआत मानी जाए। पाउंड में और नरमी आ सकती है, लेकिन यह कमजोरी संभवतः 1.3140 से 1.3280 के निचले दायरे के भीतर ही सिमटी रहने के आसार हैं। वर्तमान में तकनीकी संकेतकों और लाइव मार्केट डेटा के अनुसार GBP/USD का भाव 1.32 के स्तर पर चल रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.32 से 0.20 प्रतिशत ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर है। इसके 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) का स्तर 40 पर है, जबकि एमएसीडी (MACD) -0.01 पर सिग्नल लाइन -0.01 के मुकाबले न्यूट्रल से हल्का बुलिश हिस्टोग्राम 0.00 दिखा रहा है। मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 पर स्थित हैं, जहां 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे रहने के कारण डेथ क्रॉस जैसी लंबी अवधि की मंदी की संरचना दिखती है। बोलिंजर बैंड्स 1.31 से 1.35 के बीच फैले हैं और एडीएक्स (ADX) 32 पर ट्रेंडिंग संकेत दे रहा है। पिवट स्तर 1.32 पर बना है, जिसमें पहला रेजिस्टेंस 1.33 और सपोर्ट 1.32 पर टिका है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स का रुख
फॉरेक्स बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी तेजी फिर से हासिल की। पिछले कारोबारी दिन के साप्ताहिक निचले स्तर से उबरते हुए AUD/USD जोड़ी ने 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ रुख किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में रातोंरात आई नरमी की वजह से अमेरिकी डॉलर अपने 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे फिसल गया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा सहारा मिला। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की उम्मीदों ने भी इस करेंसी जोड़ी को मजबूती प्रदान की है।
घरेलू खर्च में गिरावट के बीच जापानी येन और डॉलर की स्थिति
दूसरी तरफ USD/JPY की जोड़ी 158.00 के आसपास अपनी बढ़त को बनाए रखने में कामयाब रही। शुक्रवार को आए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने घटा है, जिससे जापानी येन पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। हालांकि, अमेरिकी डॉलर भी व्यापक रूप से बहुत मजबूत नहीं हो पा रहा है क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में आई गिरावट ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के प्रभाव को संतुलित कर दिया है। इस संतुलन के कारण USD/JPY में नीचे की ओर किसी बड़ी गिरावट की संभावना सीमित नजर आ रही है।
सोने में सुधार और कनाडा के रोजगार आंकड़ों का इंतजार
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव शुक्रवार को मजबूत बने रहे और पीली धातु ने 4,200 डॉलर के स्तर को दोबारा छुआ, जिससे दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुआ सुधार और मजबूत हुआ। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड्स में नरमी के साथ अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने को समर्थन मिला, जबकि बाजार अब अमेरिका के आगामी सेंटिमेंट आंकड़ों के इंतजार में है। हालांकि सोने के पक्ष में स्थितियां सुधरती दिख रही हैं, लेकिन दैनिक आरएसआई अब भी मंदी के दायरे में बना हुआ है। उधर उत्तरी अमेरिका में स्टैटिस्टिक्स कनाडा शुक्रवार को सितंबर महीने का लेबर फोर्स सर्वे जारी करने जा रहा है। अगस्त में रोजगार में आई तेज गिरावट के बाद वित्तीय बाजार इस बार रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। यह रिपोर्ट इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह 22 अगस्त से लागू हुए नए अमेरिकी शुल्कों के असर को पूरी तरह से प्रदर्शित करने वाली पहली रोजगार रिपोर्ट होगी।























