वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थोड़ी थमती नजर आ रही है, जिसका सीधा असर स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/CHF की चाल पर पड़ा है। गुरुवार को 0.8345 के ऊपरी स्तर से फिसलने के बाद यह करेंसी पेयर 0.8300 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर खिसक गया है। हालांकि इस गिरावट के बावजूद यह जोड़ी लगातार सातवें हफ्ते की तेजी बनाए रखने की पटरी पर मौजूद है। बाजार में आए इस ठहराव की मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड का कई दशकों के उच्चतम स्तर से नीचे लुढ़कना है, जिसने अमेरिकी डॉलर को अपने अधिकांश प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के सामने रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
तकनीकी संकेतकों में दिख रही कमजोरी
गुरुवार को 0.8345 के स्तर से अस्वीकार होने के बाद USD/CHF ने एक लोअर हाई बनाया, जो इस बात का संकेत है कि खरीदारी का दबाव धीरे-धीरे घट रहा है। चार घंटे के चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI (14) लगभग 44 के स्तर के आसपास बना हुआ है और इसमें मंदी का विचलन साफ देखा जा रहा है। इसके साथ ही मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD भी नकारात्मक क्षेत्र में पहुंच चुका है। ये तकनीकी संकेतक मिलकर यह बता रहे हैं कि आने वाले कारोबारी सत्रों में मुद्रा जोड़ी के भीतर मंदी की एक गहरी सुधारात्मक चाल देखने को मिल सकती है।
बाजार के लाइव आंकड़ों के लिहाज से अगर मौजूदा स्थिति पर गौर करें, तो USD/CHF 0.8309 के आसपास कारोबार करता नजर आया है, जो 0.8330 के पिछले बंद स्तर से 0.25% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 0.7629 से 0.8382 के बीच फैला हुआ है। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय RSI 61 पर स्थित है, जबकि MACD हिस्टोग्राम -0.00 पर मंदी की झलक पेश कर रहा है। हालांकि लंबी अवधि के मूविंग एवरेजेज के मोर्चे पर यह पेयर अभी भी मजबूत बना हुआ है। इसमें 20-दिवसीय EMA 0.8265, 50-दिवसीय EMA 0.8186 और 200-दिवसीय EMA 0.8030 पर स्थित है, जहां 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के जरिए दीर्घकालिक तेजी का समर्थन करता है।
ऊपरी स्तरों पर सुधार और अहम रुकावटें
यदि USD/CHF में नीचे की ओर से तेज सुधार आता है, तो तेजी का रुख कायम रहने के लिए खरीदारों को गुरुवार के शीर्ष स्तर 0.8345 को निर्णायक रूप से पार करना होगा। इस स्तर के ऊपर टिकने पर मंदी का परिदृश्य अमान्य हो जाएगा और निवेशकों का ध्यान एक बार फिर 1 अक्टूबर के 0.8380 वाले इलाके की ओर चला जाएगा। लाइव पिवट लेवल्स के अनुसार दैनिक पिवट 0.8308 पर स्थित है, जबकि ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस R1 0.8318 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 0.8328 के पास है। नीचे की ओर समर्थन के लिए पहला दायरा S1 0.8298 और दूसरा सपोर्ट S2 0.8288 पर बैठता है, जहां 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड्स 0.8156 से 0.8382 के बीच बने हैं।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में डॉलर का प्रदर्शन
वैश्विक करेंसी हीटमैप और विनिमय दरों पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर ने सभी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले अलग-अलग प्रदर्शन दर्ज किया है। आज के कारोबार में अमेरिकी डॉलर सबसे ज्यादा मजबूती जापानी येन के खिलाफ दिखाने में कामयाब रहा। जापानी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को सामने आई घरेलू खर्च रिपोर्ट में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिसने जापानी येन को काफी कमजोर किया। इस वजह से USD/JPY का स्तर 158.00 के आसपास अपनी बढ़त को बनाए रखने में सफल रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच जापानी येन की आंतरिक कमजोरी इस जोड़ी की गिरावट को सीमित कर रही है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले डॉलर को बैकफुट पर देखा गया। AUD/USD ने सप्ताह के निचले स्तर से उछाल लेते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की दिशा में अपनी गति बढ़ाई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर को उसके 18 महीने के उच्च स्तर से नीचे रखा, जिससे इस जोड़ी को सहारा मिला। इसके अतिरिक्त रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA की ओर से दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दे रही हैं।
सोने की वापसी और आगामी आर्थिक आंकड़े
मुद्रा बाजार के साथ-साथ कीमती धातुओं में भी हलचल तेज हुई है। सोने की कीमतों ने दो महीने के निचले स्तर से रिकवरी को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर को फिर से छू लिया है। कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के साथ अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है, जबकि व्यापारी अमेरिकी उपभोक्ता भावना से जुड़े आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दैनिक RSI अब भी मंदी के दायरे में है, लेकिन तात्कालिक रुझान सोने के पक्ष में मुड़ता नजर आ रहा है।
उत्तरी अमेरिकी सत्र में कनाडा की सांख्यिकी एजेंसी अपने सितंबर के श्रम बल सर्वेक्षण के आंकड़े जारी करेगी। अगस्त महीने में रोजगार में आई भारी गिरावट के बाद वित्तीय बाजार इस बार रोजगार में मामूली सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। यह रिपोर्ट इसलिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसमें 22 अगस्त से लागू हुए अमेरिका के नए टैरिफ के पूरे प्रभाव का पहला स्पष्ट आकलन देखने को मिलेगा।























