कनाडा के श्रम बाजार के नए आंकड़ों को लेकर वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल देखी जा रही है, जहां रोजगार परिदृश्य में सीमित सुधार और बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। अगस्त में दर्ज 42k की भारी गिरावट के बाद सितंबर में पेरोल में लगभग 10k की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जबकि बेरोजगारी दर बढ़कर 6.5% तक पहुंचने की संभावना है। यह श्रम रिपोर्ट विशेष रूप से अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें 22 अगस्त से लागू हुए नए संयुक्त राज्य अमेरिका के टैरिफ का असर पहली बार व्यापक रूप से दिखाई देने के आसार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि रोजगार में यह सीमित सुधार अक्टूबर में बैंक ऑफ कनाडा द्वारा नीतिगत दरें बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं देता, हालांकि यह दिसंबर में संभावित नीतिगत कदम की उम्मीदों को पूरी तरह मजबूत कर सकता है, जिसे बाजार पहले ही अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है।
मुद्रा विनिमय दर और बॉन्ड बाजार की स्थिति
विदेशी मुद्रा बाजार में USD/CAD जोड़ी पर मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर का दबदबा बना हुआ है। विश्लेषक फ्रांसेस्को पेसोले के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी को 1.420 के स्तर से नीचे स्थायी रूप से बनाए रखने के लिए वैश्विक बॉन्ड बाजारों की परिस्थितियों में ठोस सुधार होना बेहद जरूरी है। बैंक ऑफ कनाडा की ओर से ब्याज दर में संभावित बढ़ोतरी से केवल सीमित स्तर पर ही सहारा मिलने की गुंजाइश दिखती है। वर्तमान में लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार USD/CAD 1.42 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.43 के मुकाबले 0.20% की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.35 से 1.43 के बीच रहा है। तकनीकी विश्लेषण पर नजर डालें तो 14-दिवसीय RSI 67 पर स्थित है, जबकि MACD 0.01 और सिग्नल 0.01 के साथ हल्का तेजी का संकेत दे रहा है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में 20-दिवसीय EMA 1.41, 50-दिवसीय EMA 1.40 और 200-दिवसीय EMA 1.39 पर है, जहां 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA के बीच गोल्डन क्रॉस दीर्घकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। बॉलिंजर बैंड 1.39 से 1.44 के दायरे में है, 14-दिवसीय ADX 39 पर ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है, और स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 77 तथा सिग्नल लाइन 80 पर दर्ज है। 20-दिवसीय सपोर्ट 1.39 और रेजिस्टेंस 1.43 के आसपास बना हुआ है, जबकि दैनिक वोलैटिलिटी का ATR 0.01 पर है।
वैश्विक मुद्राओं का मिलाजुला रुख
कनाडाई डॉलर के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी शुक्रवार को उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। AUD/USD ने साप्ताहिक निचले स्तर से उबरते हुए मजबूती हासिल की और एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रात भर आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे इस ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा जोड़ी को अच्छा समर्थन मिला। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं ने भी इसे मजबूती प्रदान की है।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी 158.00 के स्तर के आसपास स्थिर नजर आई। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिसने जापानी येन पर भारी दबाव डाला। हालांकि, अमेरिकी यील्ड में गिरावट के बावजूद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के चलते अमेरिकी डॉलर को मिलाजुला सहारा मिल रहा है, जिससे इस जोड़ी में बड़ी गिरावट सीमित रही।
कमोडिटी बाजार और अमेरिकी आर्थिक रुझान
कमोडिटी बाजार में सोने ने अपनी मजबूती बनाए रखी और शुक्रवार को 4,200 डॉलर के स्तर को फिर से छू लिया, जिससे दो महीने के निचले स्तर से उसकी रिकवरी का सिलसिला आगे बढ़ा। अमेरिकी डॉलर में नरमी, कच्चे तेल की गिरती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच सोने की मांग में सहारा देखा गया, जबकि निवेशक अमेरिका के उपभोक्ता धारणा आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दैनिक चार्ट पर RSI अब भी मंदी के संकेत दे रहा है, लेकिन कुल मिलाकर सोने के पक्ष में रुझान बनता नजर आ रहा है। यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल, केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर दृष्टिकोण और व्यापारिक टैरिफ किस तरह विभिन्न परिसंपत्तियों की दिशा तय कर रहे हैं।























