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अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड की बढ़त थमी, वैश्विक बाजारों में अन्य मुद्राओं और सोने पर भी दिखा दबावबाज़ार
5 अक्तू॰ 2026, 12:43 pm (44 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड की बढ़त थमी, वैश्विक बाजारों में अन्य मुद्राओं और सोने पर भी दिखा दबाव

अमेरिकी डॉलर में आई ताजा तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्रिटिश पाउंड की तेजी 1.3265 के स्तर के पास सीमित रह सकती है, जबकि यूरो, जापानी येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने के भाव भी दायरे में बंधे नजर आ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के बीच ब्रिटिश पाउंड की हालिया बढ़त सुस्त पड़ती दिख रही है। पिछले कारोबारी सत्र में आई तेज रिकवरी के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि पाउंड पर नीचे की तरफ का दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। जब तक ब्रिटिश करेंसी एक तय ऊपरी स्तर को निर्णायक रूप से पार नहीं कर लेती, तब तक इसमें बहुत बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित नजर आ रही है। इसके साथ ही यूरोप, एशिया और कमोडिटी बाजारों में भी डॉलर की तेजी और भू-राजनीतिक चिंताओं का मिला-जुला असर साफ तौर पर देखा जा रहा है।

ब्रिटिश पाउंड में 24 घंटे का परिदृश्य और तकनीकी स्तर

अल्पकालिक ट्रेडिंग के लिहाज से ब्रिटिश पाउंड के मूवमेंट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पिछले गुरुवार के कारोबार के बाद शुक्रवार को नीचे की ओर मोमेंटम में हल्की बढ़त देखी गई थी। शुरुआत में यह अनुमान था कि ब्रिटिश करेंसी निचले स्तरों की ओर खिसक सकती है, हालांकि गिरावट के 1.3140 के प्रमुख सपोर्ट स्तर तक पहुंचने की संभावना कम मानी जा रही थी। इसके उलट, बाजार में पाउंड ने 1.3184 के निचले स्तर को छूने के बाद जोरदार वापसी की और 1.3256 के उच्च स्तर तक पहुंच गया।

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तकनीकी जानकारों के मुताबिक, हालांकि इस सुधार के और आगे बढ़ने की थोड़ी संभावना मौजूद है, लेकिन ऊपर की तरफ मोमेंटम में कोई स्पष्ट मजबूती नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में किसी भी संभावित बढ़त के 1.3215 से 1.3265 के सीमित दायरे में ही बने रहने के आसार हैं। सीधे शब्दों में कहें तो पाउंड के लिए 1.3265 के मजबूत स्तर को स्पष्ट रूप से पार कर पाना काफी चुनौतीपूर्ण लग रहा है।

एक से तीन हफ्तों का नजरिया: क्या बना रहेगा मंदी का रुख?

व्यापक नजरिए से देखें तो विश्लेषकों ने पिछले शुक्रवार (02 अक्टूबर, जब स्पॉट भाव 1.3195 पर था) को ब्रिटिश पाउंड को लेकर थोड़ा सतर्क और नकारात्मक रुख अपनाया था। उस समय यह संकेत दिया गया था कि नीचे की तरफ मोमेंटम दोबारा बन रहा है, हालांकि फिलहाल यह बहुत ज्यादा आक्रामक नहीं है। विश्लेषकों का मानना था कि पाउंड धीरे-धीरे फिसलकर 1.3140 के अहम सपोर्ट लेवल की ओर जा सकता है।

बाद में आई तेजी की वजह से गिरावट का यह दबाव कुछ हद तक हल्का जरूर हुआ है, लेकिन जब तक 1.3265 का मजबूत रेजिस्टेंस स्तर ऊपर की ओर नहीं टूटता, तब तक मध्यम अवधि का यह नजरिया बरकरार रहने की संभावना है। यानी इस स्तर के नीचे बने रहने तक पाउंड में किसी भी उछाल पर बिकवाली हावी हो सकती है।

यूरो में तेज गिरावट: मई 2025 के बाद सबसे निचला स्तर

ब्रिटिश पाउंड के अलावा यूरोप की साझा मुद्रा यूरो पर भी डॉलर की तेजी का भारी दबाव पड़ा है। EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक लुढ़क गई थी और यह जनवरी में दर्ज किए गए 1.2082 के अपने उच्चतम शिखर से काफी नीचे कारोबार कर रही है।

यूरो में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की चौतरफा मजबूती, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतों को लेकर फिर से उभरी चिंताएं प्रमुख वजह बनकर उभरी हैं। ऊर्जा संकट की आशंका ने यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे करेंसी का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति

एशियाई कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए सोमवार को फिर से 158.00 का स्तर हासिल कर लिया और यह पिछले एक सप्ताह से बने अपने दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद, भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित करेंसी हस्तक्षेप के जोखिम के कारण USD/JPY में और अधिक बढ़त सीमित रह सकती है।

दूसरी ओर, सोमवार को एशियाई कारोबार के अंतिम घंटों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) पर नया बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया। पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच डॉलर की मजबूती ने ऑस्ट्रेलियाई करेंसी पर असर डाला। अब बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के रुख पर टिकी है, जो इस जोड़ी को नई दिशा दे सकते हैं।

सोने के भाव दायरे में बंधे, क्रिप्टो बाजार में बीएनबी का रुख

कमोडिटी बाजार में सोने की चाल सीमित दायरे में बनी हुई है। यूरोपीय सत्र में प्रवेश करते समय सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे ट्रेड कर रहा था और पिछले करीब एक सप्ताह से बने दायरे में ही घूम रहा है। शुक्रवार को आए कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों के बीच अमेरिकी डॉलर ने फिर से मजबूत बढ़त हासिल की और अप्रैल 2025 के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। डॉलर की इस तेजी ने सोने की उछाल पर लगाम लगा रखी है, हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें बढ़ाने की कम होती उम्मीदें सोने में बड़ी गिरावट को रोकने में मदद कर रही हैं।

डिजिटल एसेट बाजार की बात करें तो बीएनबी (जिसे पहले बिनांस कॉइन कहा जाता था) लगातार तीन हफ्तों की साप्ताहिक बढ़त के बाद सोमवार को थोड़ा नीचे आकर लगभग 790 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि, डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ते ओपन इंटरेस्ट और सकारात्मक फंडिंग रेट यह दर्शाते हैं कि डेरिवेटिव्स सेगमेंट में तेजी की पोजीशन लगातार मजबूत हो रही हैं।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड के लिए मुख्य रुकावट स्तर क्या है?
विश्लेषकों के अनुसार 1.3265 का स्तर ब्रिटिश पाउंड के लिए एक मजबूत रेजिस्टेंस है, जिसके नीचे रहने तक बढ़त सीमित रहने की संभावना है।
ब्रिटिश पाउंड के लिए प्रमुख सपोर्ट स्तर कौन सा माना गया है?
तकनीकी विश्लेषण में 1.3140 को ब्रिटिश पाउंड के लिए एक प्रमुख सपोर्ट स्तर बताया गया है।
यूरो गिरकर किस स्तर तक पहुंचा है?
यूरो बुधवार को 1.1312 तक गिर गया, जो मई 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।
सोने के भाव किस स्तर के नीचे सीमित बने हुए हैं?
सोने का भाव यूरोपीय सत्र में प्रवेश करते समय 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक निश्चित दायरे में कारोबार कर रहा था।
जापानी येन और डॉलर की जोड़ी किस स्तर पर ट्रेड कर रही है?
USD/JPY शुरुआती गिरावट की भरपाई करने के बाद एशियाई सत्र में दोबारा 158.00 के स्तर पर पहुंच गया।
क्रिप्टोकरेंसी बीएनबी की कीमत क्या चल रही है?
लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद बीएनबी सोमवार को लगभग 790 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था।
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