अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मैक्सिकन पेसो और अमेरिकी डॉलर के बीच का संतुलन एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। हाल के कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों के प्रभाव और भारी सट्टेबाजी वाली लंबी पोजीशनों के चलते मुद्रा विनिमय दरों में खासी हलचल देखी गई है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मैक्सिकन पेसो (USD/MXN) का मुख्य कारोबारी दायरा आने वाले समय में 17 से 18 के बीच बना रह सकता है। हालांकि, आर्थिक वृद्धि में सुस्ती, मौद्रिक नीतियों में अलगाव और कैरी ट्रेड के अप्रत्याशित समापन के कारण इस जोड़ी के 18 के स्तर को पार कर जाने की गंभीर संभावना बनी हुई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, USD/MXN वर्तमान में 1.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17.72 के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद स्तर 17.54 से अधिक है।
पेसो के दायरे और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पावधि में विनिमय दर में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। मौजूदा पूर्वानुमानों के आधार पर यह उम्मीद जताई गई है कि एक महीने के भीतर USD/MXN गिरकर 16.8 के स्तर तक जा सकता है, जिसके बाद यह 17.6 के आसपास स्थिरता हासिल करेगा। फिर भी, व्यापक तस्वीर में यह जोड़ी 17 से 18 के बीच के दायरे में सीमित रहने की ओर इशारा कर रही है। यदि मेक्सिको की आर्थिक वृद्धि अपेक्षा से अधिक कमजोर पड़ती है या निवेशक पेसो में अपनी पोजीशन कम करना शुरू करते हैं, तो विनिमय दर 18 के पार निकल सकती है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो इस समय जोड़ी में मजबूत तेजी के संकेत मिल रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 79 के स्तर पर है, जो अत्यधिक खरीदारी यानी ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 0.10 पर है, जो सिग्नल लाइन 0.03 से ऊपर रहकर तेजी की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 17.20, 50-दिवसीय EMA 17.18 और 200-दिवसीय EMA 17.50 पर स्थित है। 52 हफ्तों के दौरान इस मुद्रा जोड़ी का दायरा 16.85 से 18.77 के बीच रहा है। वर्तमान में पिवट स्तर 17.72 पर है, जबकि पहला प्रतिरोध स्तर 17.74 और दूसरा 17.75 पर देखा जा रहा है। नीचे की ओर समर्थन स्तर 17.71 और 17.70 पर स्थित हैं।
कैरी ट्रेड और बैंक्सिको के फैसलों का प्रभाव
बाजार में गैर-व्यावसायिक निवेशकों की स्थिति यह दर्शाती है कि मैक्सिकन पेसो पर अब भी बड़े पैमाने पर नेट लॉन्ग पोजीशन बनी हुई हैं। हालांकि, हाल के हफ्तों में इन पोजीशनों में क्रमिक गिरावट दर्ज की गई है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि यदि शुद्ध लॉन्ग पोजीशन मौजूदा 87,782 के स्तर से घटकर 70,000 से नीचे आ जाती हैं, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत होगा कि निवेशक कैरी ट्रेड से बाहर निकल रहे हैं। जब उच्च ब्याज दर वाले पेसो से निवेशक पूंजी निकालते हैं, तो मुद्रा पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
दूसरी ओर, पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी डॉलर को मुख्य रूप से तेल बाजार से ताकत मिली है। इस वजह से यह स्पष्ट रूप से आंकना कठिन हो गया है कि मुद्रा बाजार ने मेक्सिको के केंद्रीय बैंक, बैंक्सिको के ताजा नीतिगत फैसलों पर किस तरह प्रतिक्रिया दी है। विश्लेषकों का आकलन है कि यदि बैंक्सिको की ओर से भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कोई जोखिम उभरता है, तो इससे मैक्सिकन पेसो को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।
वैश्विक मुद्राओं और जिंस बाजार का रुख
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की निरंतर संभावनाओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के कारण वैश्विक स्तर पर ग्रीनबैक मजबूत बना हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया, साथ ही इसने अपने महत्वपूर्ण 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज को भी नीचे की ओर तोड़ दिया है।
वहीं जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से फिसलकर एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास रहा। जापान के बॉन्ड यील्ड में उछाल और बैंक ऑफ जापान द्वारा संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को सहारा दिया है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जिसे 7-2 के बहुमत से मंजूरी दी गई।
डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में उछाल का असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर भी देखा गया। सोना बुधवार की गिरावट के बाद कमजोर रिबाउंड की कोशिश करते हुए थोड़े समय के लिए 4,250 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे फिसल गया। अमेरिकी सत्र के दौरान दरों में संभावित बढ़ोतरी की चिंताओं ने कीमती धातुओं की तेजी को सीमित रखा है।
















