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अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के ऊपर स्थिर, तकनीकी मजबूती बरकरारबाज़ार
21 सित॰ 2026, 11:48 pm (18 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के ऊपर स्थिर, तकनीकी मजबूती बरकरार

फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, लेकिन प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर टिके रहने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का लंबी अवधि का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।

AUD/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण21 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD अभी 0.71 पर है, जबकि EMA20 0.71, EMA50 0.71 और EMA200 0.70 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 (0.71) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 (0.70) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD का RSI 48 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

MACDMoving Avg Convergence/Divergence

यह क्या है

MACD तेज और धीमी मूविंग एवरेज के बीच का फासला नापता है; इसकी सिग्नल लाइन और हिस्टोग्राम बताते हैं कि गति बढ़ रही है या घट रही। लाइन सिग्नल के ऊपर हो तो तेजी, नीचे हो तो मंदी।

अभी यह कहाँ है

AUD/USD की MACD लाइन अपने सिग्नल के नीचे है।

आगे संभावित चाल

अगला सिग्नल-लाइन क्रॉसओवर देखने लायक ट्रिगर है।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव देखने को मिला है, फिर भी AUD/USD की जोड़ी अपने प्रमुख दैनिक मूविंग एवरेज स्तरों के ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों ने ग्रीनबैक को सहारा दिया है, जिसके चलते इस जोड़ी में ऊपरी स्तरों से हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, तकनीकी आधार पर देखा जाए तो लंबी अवधि का तेजी का ढांचा अब भी बरकरार है, क्योंकि यह अपने अहम सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है। मोमेंटम संकेतकों की बात करें तो तेजी का दबाव कुछ धीमा पड़ता दिख रहा है, जहां रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगभग 48 के तटस्थ दायरे में बना हुआ है और मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD मामूली रूप से नकारात्मक दायरे में फिसलता दिख रहा है। यह स्थिति किसी बड़ी गिरावट या ट्रेंड रिवर्सल के बजाय केवल ऊपरी दबाव के हल्का पड़ने की ओर इशारा करती है।

मुद्रा बाजारों का हाल और अमेरिकी डॉलर की स्थिति

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की स्थिति कई प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत दर्ज की गई है, जिसमें जापानी येन के मुकाबले डॉलर में सबसे तेज बढ़त देखी गई। मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव को समझने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हीट मैप और प्रतिशत बदलावों से स्पष्ट होता है कि अमेरिकी डॉलर अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले बढ़त की स्थिति में रहा है। जब विभिन्न मुद्राओं की आपस में तुलना की जाती है, तो अमेरिकी डॉलर को आधार मुद्रा मानकर जापानी येन, यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले इसके मूल्य में उतार-चढ़ाव साफ नजर आता है। जापानी येन पर बढ़ते दबाव और एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर की मजबूती ने कई क्रॉस करेंसी जोड़ियों को प्रभावित किया है।

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तकनीकी स्तर और समर्थन दायरे

तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से AUD/USD के लिए सबसे आसान रास्ता अभी भी ऊपर की तरफ ही बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह जोड़ी अपने प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) स्तरों के ऊपर कायम है, जो तेजी के बुनियादी ढांचे को मजबूत सहारा दे रहे हैं। गिरावट की स्थिति में शुरुआती समर्थन 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर के आसपास 0.7095 पर स्थित है। इसके ठीक नीचे 50-दिवसीय SMA 0.7088 और 100-दिवसीय SMA 0.7078 पर स्थित होकर एक मजबूत सपोर्ट क्लस्टर तैयार करते हैं। यदि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है और भाव इन स्तरों से नीचे फिसलते हैं, तो 50.0 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 0.7051 पर अगला सहारा बनेगा। इसके बाद 200-दिवसीय SMA लगभग 0.7015 के स्तर पर मौजूद है, जो किसी भी गहरी गिरावट को थामने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार AUD/USD 0.7126 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.6422 से 0.7277 के बीच रहा है। पिवट स्तर 0.7128 पर है, जिसमें प्रतिरोध R1 0.7140 और R2 0.7155 पर देखा जा रहा है, जबकि समर्थन S1 0.7113 और S2 0.7101 पर बना हुआ है।

ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक का मौद्रिक ढांचा

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) देश में ब्याज दरों का निर्धारण करता है और संपूर्ण मौद्रिक नीति का संचालन करता है। केंद्रीय बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की साल में 11 नियमित बैठकें होती हैं, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बैठकें भी बुलाई जा सकती हैं। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का मुख्य दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका मानक 2 से 3 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर को हासिल करना है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय बैंक का उद्देश्य मुद्रा की स्थिरता, पूर्ण रोजगार और ऑस्ट्रेलियाई जनता की आर्थिक समृद्धि तथा कल्याण में योगदान देना भी है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाना या घटाना केंद्रीय बैंक का सबसे प्रमुख हथियार है। जब ब्याज दरें तुलनात्मक रूप से ऊंची होती हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती मिलती है, जबकि दरों में कटौती से यह कमजोर होता है। परंपरागत ब्याज दर नीति के अलावा केंद्रीय बैंक के पास क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग जैसे अन्य नीतिगत साधन भी उपलब्ध रहते हैं।

मुद्रास्फीति और आधुनिक पूंजी प्रवाह

पारंपरिक आर्थिक दृष्टिकोण से मुद्रास्फीति को किसी भी मुद्रा के लिए नकारात्मक कारक माना जाता था, क्योंकि यह पैसे की क्रय शक्ति और आंतरिक मूल्य को घटा देती है। हालांकि, आधुनिक समय में सीमा पार पूंजी प्रवाह पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद यह समीकरण पूरी तरह बदल चुका है। वर्तमान वैश्विक वित्तीय ढांचे में जब मध्यम स्तर की मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं। ऊंची ब्याज दरें बेहतर रिटर्न की तलाश में रहने वाले अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इसके परिणामस्वरूप देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है, जिससे घरेलू मुद्रा की मांग में तेजी आती है। ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में यह चक्र ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग और मूल्य को बढ़ाने में मददगार साबित होता है।

मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े और मुद्रा पर असर

किसी भी अर्थव्यवस्था की सेहत को मापने के लिए मैक्रोइकोनॉमिक डेटा सबसे महत्वपूर्ण पैमाना होता है और इसका सीधा असर मुद्रा के मूल्यांकन पर पड़ता है। वैश्विक निवेशक अपनी पूंजी को ऐसी अर्थव्यवस्थाओं में लगाना पसंद करते हैं जो सुरक्षित होने के साथ-साथ विकास के पथ पर अग्रसर हों, न कि ऐसी जगहों पर जो जोखिम भरी और सिकुड़ रही हों। जब किसी देश में बड़े पैमाने पर पूंजी का निवेश होता है, तो घरेलू मुद्रा की कुल मांग और उसके मूल्य में इजाफा होता है। क्लासिक आर्थिक संकेतक जैसे सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI), रोजगार के आंकड़े और उपभोक्ता धारणा से जुड़े सर्वेक्षण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल को गहराई से प्रभावित करते हैं। एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अतिरिक्त सहारा मिलता है।

क्वांटिटेटिव ईजिंग और टाइटनिंग की कार्यप्रणाली

क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) एक असाधारण नीतिगत साधन है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय बैंक तब करते हैं जब ब्याज दरों में कटौती करने के बावजूद अर्थव्यवस्था में कर्ज और नकदी का प्रवाह सामान्य नहीं हो पाता। इस प्रक्रिया के तहत रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया नए ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जारी करके वित्तीय संस्थानों से सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड जैसी परिसंपत्तियां खरीदता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में तरलता यानी लिक्विडिटी उपलब्ध कराना होता है। व्यापक पैमाने पर बॉन्ड खरीद और मुद्रा आपूर्ति बढ़ने के कारण क्वांटिटेटिव ईजिंग के दौर में आमतौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर होता है। इसके विपरीत क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) पूरी तरह से इसके उलट प्रक्रिया है। जब अर्थव्यवस्था मंदी से उबरने लगती है और महंगाई बढ़ने लगती है, तब क्वांटिटेटिव टाइटनिंग की शुरुआत की जाती है। इस प्रक्रिया में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया नई संपत्तियां खरीदना बंद कर देता है और अपने पास मौजूद मैच्योर होने वाले बॉन्ड के मूलधन को दोबारा निवेश करना रोक देता है। बाजार से तरलता घटने के कारण यह कदम ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए सकारात्मक और तेजी लाने वाला माना जाता है।

वैश्विक भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का परिदृश्य

सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर मजबूती से टिकी रही। अमेरिकी डॉलर का हालिया सीमित सुधार देर जुलाई के बाद के उच्चतम स्तरों के करीब रुक गया, जिसका मुख्य कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं रहीं। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) द्वारा लोन प्राइम रेट्स में कोई बदलाव न करने के फैसले ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को कुछ हद तक सीमित किया। इसके बावजूद आगामी ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन से पहले रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दे रही है।

दूसरी ओर USD/JPY की जोड़ी एशियाई सत्र में 157.00 के नीचे नरम पड़ती दिखाई दी। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा किए गए रेट चेक के बाद बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिसने जापानी येन को सहारा दिया। जापान में सार्वजनिक अवकाश के दिन रूस और यूक्रेन के बीच तथा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने व्यापारियों को सतर्क कर रखा है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर की गिरावट थमने से USD/JPY में नीचे की ओर सीमित दायरे में ही गतिविधि रही।

कमोडिटी बाजार में सोने ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ की और इसका भाव 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास बना रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में गिरावट के बावजूद डॉलर की मजबूती ने सोने की कीमतों पर दबाव डाला। तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजारों में असमंजस और उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है और यूरोपीय तथा अमेरिकी शेयर बाजार हरे निशान में खुलने के संकेत दे रहे हैं। बाजार का असली तनाव सरकारी बॉन्ड बाजार में केंद्रित है, जहां यूरोपीय और अमेरिकी यील्ड्स में शुक्रवार देर शाम तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बैंक ऑफ जापान ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम है और बाजार की पूर्व अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा।

सवाल-जवाब

AUD/USD जोड़ी में हालिया गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बनाए रखने की उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे इस जोड़ी पर दबाव बना।
तकनीकी रूप से AUD/USD के लिए कौन से समर्थन स्तर महत्वपूर्ण हैं?
शुरुआती समर्थन 0.7095 पर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची स्तर और 0.7088 पर 50-दिवसीय SMA के आसपास स्थित है।
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का मुद्रास्फीति लक्ष्य क्या है?
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का प्राथमिक लक्ष्य मुद्रास्फीति को 2 से 3 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखना है।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
क्वांटिटेटिव ईजिंग का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत वित्तीय प्रणाली में नकदी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए बॉन्ड खरीदे जाते हैं, जिससे आमतौर पर मुद्रा कमजोर होती है।
सोने की कीमतों में हालिया गिरावट का क्या कारण है?
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में नरमी के बावजूद अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने के भाव 4,350 डॉलर प्रति औंस के करीब दबाव में रहे।
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