अमेरिकी रोजगार के महत्वपूर्ण आंकड़ों के जारी होने से पहले, दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में भारी हलचल और निवेशकों के बीच रणनीति बदलने का दौर देखा जा रहा है। इस संवेदनशील माहौल के बीच अमेरिकी डॉलर अपने हालिया 17 महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हटा है, जिससे विभिन्न प्रमुख करेंसी जोड़ों, कीमती धातुओं और डिजिटल संपत्तियों को थोड़ी राहत मिली है। बाजार में इस समय मुनाफावसूली का दौर हावी है, क्योंकि ट्रेडर ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी होने वाले रोजगार आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस वैश्विक उथल-पुथल का असर यूरो से लेकर जापानी येन और सोने की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। आगामी घंटे वैश्विक बाजारों के लिए दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।
क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच यूरो पर बना हुआ है दबाव
पिछले कारोबारी सत्र के दौरान EUR/USD ने 1.1215 के नए निचले स्तर को छूने के बाद आज मामूली बढ़त दर्ज की है। तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी के लिए पहला मजबूत सपोर्ट 1.1200 पर है, जो अगस्त-सितंबर 2024 के 'डबल टॉप' स्तर को दर्शाता है। यदि बिकवाली का दबाव और बढ़ता है, तो अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 1.1111 पर देखने को मिल सकता है, जो कि 2025-2026 की तेजी का 50% रिट्रेसमेंट स्तर है। इसके साथ ही, यूरो क्षेत्र से सितंबर के शुरुआती उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। मुख्य मुद्रास्फीति (Headline Inflation) अनुमान से अधिक रही, लेकिन बुनियादी मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीदों के अनुरूप ही रहे। इन आंकड़ों ने यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच नीतिगत बदलाव के अंतर को कम किया है, जिससे EUR/USD की गिरावट पर कुछ हद तक रोक लगी है। इसके बावजूद, फ्रांस के बढ़ते बजट संकट और यूरोपीय संघ की तुलना में अमेरिका की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर के कारण यूरो के लिए गिरावट का जोखिम अभी भी बना हुआ है।
अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों पर टिकी हैं निगाहें
बाजार की मौजूदा हलचल के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका का नॉन-फार्म पेरोल (NFP) डेटा है, जिसे अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा शुक्रवार को 12:30 GMT पर जारी किया जाना है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के महीने में अमेरिकी श्रम बाजार में लगभग 90,000 नई नौकरियां जुड़ सकती हैं। यह आंकड़ा अगस्त के 162,000 के मजबूत आंकड़ों की तुलना में काफी कम है। वहीं, देश की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) के 4.1% पर स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, औसत प्रति घंटा आय (Average Hourly Earnings) के रूप में मापी जाने वाली मासिक वेतन वृद्धि के 0.3% पर बने रहने की उम्मीद है। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीतियों को तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिसके कारण इस डेटा के जारी होने से पहले बाजारों में काफी अस्थिरता देखी जा रही है।
वैश्विक यील्ड और टोक्यो की महंगाई से प्रशांत क्षेत्र की मुद्राओं में उछाल
शुक्रवार के एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने मजबूती दिखाई और AUD/USD की दरें बढ़कर 0.6950 के स्तर के करीब पहुंच गईं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आई इस तेजी की मुख्य वजह नवंबर में ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाएं हैं, जो लगातार बढ़ती वैश्विक महंगाई और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण पैदा हुई हैं। दूसरी ओर, जापानी येन भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। USD/JPY की दरें 158.00 के आसपास संघर्ष कर रही हैं और अपने साप्ताहिक उच्चतम स्तरों से नीचे आ गई हैं। जापान की राजधानी टोक्यो के हालिया CPI मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से कहीं अधिक गर्म रहे हैं, जिससे वहां मौद्रिक नीति को सख्त किए जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसी के साथ अमेरिकी डॉलर में मुनाफावसूली ने भी येन को मजबूती दी है।
सोने की कीमतों में स्थिरता और पाई नेटवर्क में गिरावट का खतरा
सोने की कीमतों में फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है, और यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले यह $4,200 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना हुआ है। कीमती धातुओं के व्यापारी अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि कमजोर आंकड़े सोने में बड़ी तेजी ला सकते हैं। डिजिटल संपत्तियों की बात करें तो, पाई नेटवर्क (Pi Network) का टोकन फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। पिछले दिन इसमें 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह $0.0900 के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, इसके चार घंटे के चार्ट पर 'राइजिंग वेज' पैटर्न से नीचे टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जो आगे और बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है। फिलहाल, पाई नेटवर्क के लिए $0.1000 का मनोवैज्ञानिक स्तर एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
वित्तीय जोखिम और जोखिम प्रबंधन का महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय बाजारों में निवेश करना हमेशा जोखिमों के अधीन होता है। यूरो क्षेत्र में चल रही उथल-पुथल, फ्रांस का बजटीय संकट, और अमेरिका की ब्याज दर नीतियां मिलकर एक जटिल माहौल तैयार करती हैं जहां किसी भी समय अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। किसी भी वित्तीय बाजार में निवेश करने से पहले गहन व्यक्तिगत शोध करना और सही ब्रोकर का चुनाव करना बेहद आवश्यक है। खुली वित्तीय प्रणालियों में व्यापार करने से पूंजी का बड़ा नुकसान और मानसिक तनाव होने की आशंका रहती है। इसलिए, वर्तमान में चल रही व्यापक आर्थिक घटनाओं के बीच निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो और वित्तीय जोखिमों को बेहद सावधानीपूर्वक प्रबंधित करने की सलाह दी जाती है।



















