वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन पर दबाव का रुख बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्र में यह मुद्रा जोड़ी 156.38 से 157.52 के रात भर के दायरे में घूमती रही, जबकि वित्तीय छमाही समाप्ति के चलते होने वाले धन वापसी प्रवाह और नीति निर्माताओं के बयानों का असर सीधे तौर पर देखा जा रहा है। हाजिर बाजार में हल्का बिकवाली दबाव नजर आया है, जहां तकनीकी रूप से 155 के स्तर पर अहम सहारा यानी सपोर्ट मौजूद है, जबकि 158.20 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, बाजार की निगाहें 157.00 के स्ट्राइक स्तर पर टिके लगभग 1.4 अरब डॉलर के भारी विकल्प अनुबंध पर भी लगी हुई हैं।
जापानी येन और बैंक ऑफ जापान की रणनीति
बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी 157.00 के नीचे दबाव में बनी रही। जापान के भीतर कमजोर औद्योगिक उत्पादन और निराशाजनक खुदरा बिक्री के आंकड़े सामने आने के बावजूद जापानी येन को समर्थन मिला। इसकी मुख्य वजह बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की उम्मीदें हैं। इसके साथ ही मुद्रा बाजार में जापानी अधिकारियों की ओर से संभावित हस्तक्षेप का जोखिम भी सट्टेबाजों को बड़ी तेजी की पोजीशन बनाने से रोक रहा है। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक सुस्ती ने भी इस मुद्रा जोड़ी को निचले स्तरों पर बनाए रखने में भूमिका निभाई है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी आर्थिक आंकड़ों का असर
अन्य प्रमुख मुद्राओं पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बुधवार के एशियाई सत्र में दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। ऑस्ट्रेलिया में अगस्त महीने के लिए जारी अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं। इन कमजोर आंकड़ों ने रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आगे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं पर पूरी तरह पानी फेर दिया। इसके अलावा, चीन से सामने आए परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी पीएमआई के आंकड़े भी कमजोर रहे और वे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में नई जान फूंकने में नाकाम रहे, भले ही उस समय अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर कुछ देर के लिए विराम लगा हुआ था।
सोने के भाव और बॉन्ड यील्ड में उठापटक
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान एक सीमित दायरे में ही बंधी रही, जहां पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करती रही। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर मंगलवार को छुए गए अपने दो महीने के उच्च स्तर से नीचे खिसक गया, जिसने गैर-ब्याज वाली इस धातु को कुछ सहारा दिया। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर कड़ा रुख बनाए रखने की आशंकाओं ने सोने की इस बढ़त को सीमित कर दिया। अधिकांश निवेशक और ट्रेडर नए सौदे करने से पहले अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बिटकॉइन और आगामी अमेरिकी पीसीई महंगाई आंकड़े
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन का भाव बुधवार को 83,000 डॉलर के आसपास स्थिरता तलाशता देखा गया। इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में खरीदार इस क्रिप्टोकरेंसी को 85,000 डॉलर के प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद कराने में नाकाम रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और सप्ताह के दौरान आने वाले बड़े व्यापक आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए क्रिप्टो निवेशक अत्यधिक सावधानी बरत रहे हैं। इस बीच, बाजार की सबसे बड़ी नजर संयुक्त राज्य अमेरिका के ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 जीएमटी पर जारी किए जाने वाले अगस्त के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर यानी पीसीई प्राइस इंडेक्स पर है। फेडरल रिजर्व महंगाई मापने के लिए इसी पीसीई सूचकांक को सबसे अधिक तरजीह देता है, और इसके आंकड़े केंद्रीय बैंक के आगामी ब्याज दर फैसलों को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।



















