अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को अमेरिकी डॉलर पर अचानक बिकवाली का दबाव हावी हो गया, जिसके चलते ग्रीनबैक अपने हालिया उच्चतम स्तरों से नीचे खिसक गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ताजा टिप्पणियों और कच्चे तेल की कीमतों में आई हलचल ने मुद्रा बाजार की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई। डॉलर इंडेक्स (DXY) ने बुधवार को हासिल की गई अपनी बढ़त का एक हिस्सा गंवा दिया और यह 102.00 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा, हालांकि यह अब भी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज के ऊपरी दायरे में बना हुआ है। अमेरिकी बाजार में अब नजरें यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के प्रारंभिक उपभोक्ता धारणा आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारी कॉलिन्स के भाषण पर टिकी हैं।
प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का हाल और अमेरिकी डॉलर की चाल
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का सीधा फायदा अन्य प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को मिला। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा और डॉलर में आई गिरावट के बाद 1.3200 के आंकड़े को पार करने में सफल रहा। ब्रिटेन के आर्थिक कैलेंडर में अब 13 अक्टूबर को जारी होने वाले बीआरसी रिटेल सेल्स मॉनिटर के आंकड़ों पर निवेशकों का ध्यान रहेगा। इस बीच, कनाडाई डॉलर (USD/CAD) ने भी अपने हालिया शिखर 1.4300 के स्तर से पीछे हटते हुए निचले 1.4200 के दायरे में स्थिरता हासिल करने की कोशिश की। कनाडा की घरेलू मुद्रा में मजबूती दर्ज की गई है और सप्ताहांत में वहां के श्रम बाजार की रिपोर्ट पर बाजार की पूरी नजर रहने वाली है।
जापानी येन और एशियाई सत्र में हलचल
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) ने अपनी दिशा बदलते हुए तीन दिनों के निचले स्तर लगभग 157.70 की ओर रुख किया। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान यह जोड़ी 158.00 के नीचे लाल निशान में कारोबार करती रही। बाजार में इस बात को लेकर व्यापक अटकलें चल रही हैं कि जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं। इसके अलावा डॉलर के लगभग 18 महीने के उच्च स्तर से मुनाफावसूली के कारण फिसलने से भी येन में सुधार को बल मिला। जापान में आने वाले दिनों में घरेलू खर्च के आंकड़े और मशीन टूल ऑर्डर्स के आंकड़े जारी होने हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) एशियाई सत्र के दौरान 0.6950 के ठीक ऊपर स्थिर रुख अपनाए रहा। ट्रेडर्स इस दौरान पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों का आकलन कर रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित हमलों के लिए सैन्य तैयारी के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सख्त रुख वाले कार्यवृत्त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती ने डॉलर को एक निश्चित सहारा भी दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित रही।
कच्चे तेल और सोने के बाजार का रुख
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल ने बुधवार की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए जोरदार वापसी की। पश्चिम एशिया में आपूर्ति को लेकर नए सिरे से उपजी चिंताओं के कारण पहले महीने के डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स उछलकर प्रति बैरल $93.00 के पार साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंच गए। तेल की कीमतों में आए इस उछाल ने वैश्विक बाजार के मूड को प्रभावित किया।
कीमती धातुओं में सोने ने $4,150 प्रति ट्रॉय औंस के स्तर की ओर हल्की बढ़त दर्ज करने का प्रयास किया। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर की मजबूती में ठहराव आने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सभी अवधियों में गिरावट आने से पीली धातु को संभलने का मौका मिला। हालांकि, सोने में दिन के दौरान सुधार देखा गया, लेकिन इसके बावजूद इसका साप्ताहिक नकारात्मक दायरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। वैश्विक स्तर पर निवेशक आगामी अमेरिकी आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के बयानों से दिशा तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।

















