युवा आबादी के एक बड़े हिस्से को अपने पक्ष में करने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने एक विस्तृत डिजिटल आउटरीच कार्यक्रम तैयार किया है। इस विशेष रणनीति का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समय के डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके कम उम्र के मतदाताओं के बीच पार्टी की स्वीकार्यता को बढ़ाना है। इसके लिए पार्टी संगठन ने मंडल स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना बनाई है और लक्षित आयु समूहों का व्यवस्थित डेटा जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
तीन अलग-अलग आयु वर्गों के अनुसार तय होगी रणनीति
पार्टी की ओर से बनाई गई इस रूपरेखा के तहत जिला स्तर की आईटी इकाइयों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे युवाओं को आयु के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर संवाद स्थापित करें। इस विभाजन में चौदह से अठारह वर्ष, अठारह से पच्चीस वर्ष और पच्चीस से बत्तीस वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को शामिल किया गया है। हर एक समूह की अपनी अलग प्राथमिकताएं और रुचियां होती हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परोसा जाने वाला मसाला और सामग्री तैयार की जाएगी।
स्थानीय प्राथमिकताओं को दी जाएगी विशेष प्राथमिकता
इस पूरी योजना में केवल केंद्रीय स्तर के विषयों को ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के मामलों को भी प्रमुखता दी जाएगी। जिला इकाइयों के आईटी प्रभारियों को यह समझाया गया है कि वे हर क्षेत्र के स्थानीय विषयों और वहां के लोगों की प्राथमिकताओं के मुताबिक अपनी बात आगे बढ़ाएं। एक ही प्रकार का संदेश सभी पर लागू करने की बजाय उम्र के दायरे और क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर संवाद शैली तय की जाएगी।
तथ्यों के आधार पर खंडन और राष्ट्रवादी मुद्दों पर जोर
पार्टी हलकों से मिली जानकारियों के अनुसार, इंटरनेट पर चल रहे उन विषयों का करारा जवाब तथ्यों के साथ दिया जाएगा जिन्हें पार्टी भ्रामक मानती है। इसके अलावा देश की एकता, देशभक्ति और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को भी नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से ले जाने की रूपरेखा खींची गई है। डिजिटल माध्यमों के जरिए यह समझाने का प्रयास होगा कि केंद्र सरकार की कौन सी योजनाएं और नीतियां युवाओं के भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
अभिभावकों तक भी पहुंच बनाने की है योजना
इस अभियान का दायरा केवल किशोरों और युवाओं तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि चौदह वर्ष से अधिक आयु वाले स्कूली बच्चों के माता-पिता को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए भी व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय संचार माध्यमों का सहारा लिया जाएगा ताकि केंद्र सरकार की सफलताओं और राष्ट्रवादी विचारों से जुड़े संदेशों को परिवारों के बड़े सदस्यों तक भी पहुंचाया जा सके।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संवाद कायम रखने की कोशिश
इस पूरी डिजिटल कवायद का मूल उद्देश्य आधुनिक संचार माध्यमों के जरिए युवा वर्ग के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखना है। पार्टी का प्रयास है कि सरकारी उपलब्धियों और देशहित के संदेशों को उनकी ही भाषा शैली और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुकूल ढालकर प्रस्तुत किया जाए ताकि आने वाले समय में राजनीतिक आधार को और अधिक मजबूत किया जा सके।



















