अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर ने जापानी येन के सामने अपनी बढ़त गंवा दी। बुधवार के एशियाई कारोबारी घंटों में यह करेंसी जोड़ी लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए 157.10 के स्तर के आसपास कारोबार करती देखी गई। तकनीकी चार्ट पर यह मुद्रा जोड़ी इस समय एक सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न के भीतर सीमित दायरे में घूम रही है। चार्ट पर बन रहा यह ढांचा स्पष्ट रूप से इस बात का संकेत है कि विदेशी मुद्रा बाजार में खरीदार और विक्रेता दोनों ही एक अस्थायी संतुलन में फंसे हुए हैं। बाजार के जानकारों के मुताबिक जब भी कोई मुद्रा जोड़ी इस तरह के सिमेट्रिकल ट्रायंगल के संकरे दायरे में सिमटती है, तो इसका सीधा अर्थ यह होता है कि आने वाले दिनों में किसी भी तरफ ब्रेकआउट होते ही कीमतों में तेज और व्यापक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार मुद्रा जोड़ी 157.32 के स्तर पर चल रही है, जबकि इसका पिछला बंद स्तर 157.36 था, जिसमें 0.03 प्रतिशत की मामूली सुस्ती दर्ज की गई है। इसके 52 हफ्तों का दायरा 149.41 से 163.98 के बीच रहा है।
शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे दबाव में यूएसडी/जेपीवाई
दैनिक मूल्य संरचना का सूक्ष्म विश्लेषण करें तो यूएसडी/जेपीवाई में निकट अवधि का रुख मंदी की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है। यह जोड़ी इस समय नौ-दिवसीय और 50-दिवसीय दोनों ही महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे टिकी हुई है। किसी भी वित्तीय परिसंपत्ति का छोटी और मध्यम अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के नीचे बने रहना इस बात की पुष्टि करता है कि ऊपर की ओर उठने वाले हर प्रयास पर बिकवाली का दबाव हावी हो रहा है। नौ-दिवसीय ईएमए 157.22 पर स्थित है, जो डॉलर के लिए तत्काल रुकावट या बाधा बना हुआ है। वहीं 50-दिवसीय ईएमए 157.98 के स्तर पर बना हुआ है, जो रिकवरी की स्थिति में दूसरी बड़ी तकनीकी बाधा साबित होगा। हालांकि 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 49 के स्तर पर 50 के न्यूट्रल बैंड के बेहद करीब बना हुआ है। आरएसआई का यह तटस्थ आंकड़ा यह बताता है कि बाजार में कोई निर्णायक ट्रेंड रिवर्सल होने के बजाय कीमतों का अस्थायी कंसॉलिडेशन चल रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो इसका 20-दिवसीय ईएमए 157.10 पर, 50-दिवसीय ईएमए 158.01 पर और 200-दिवसीय ईएमए 157.69 पर स्थित है। 50-दिवसीय ईएमए और 200-दिवसीय ईएमए के बीच बना गोल्डन क्रॉस भी तकनीकी पटल पर मौजूद है, लेकिन लंबी अवधि के रुख में हल्का दबाव स्पष्ट है।
चार्ट पर सिमेट्रिकल ट्रायंगल: अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी चार्ट पर आगे की दिशा तय करने के लिए व्यापारियों की नजरें सिमेट्रिकल ट्रायंगल के दोनों छोरों पर टिकी हुई हैं। यदि यूएसडी/जेपीवाई ऊपर की तरफ चाल शुरू करता है, तो उसे सबसे पहले नौ-दिवसीय ईएमए 157.22 और फिर 50-दिवसीय ईएमए 157.98 को पार करना होगा। इसके बाद ट्रायंगल की ऊपरी सीमा 158.80 के करीब एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में सामने आएगी। यदि खरीदार इस सिमेट्रिकल ट्रायंगल के ऊपरी स्तर को सफलतापूर्वक तोड़ने में कामयाब हो जाते हैं, तो बाजार में नए सिरे से तेजी का दौर लौट सकता है। ऐसा होने पर यह जोड़ी 23 जुलाई को बने लगभग 40 साल के रिकॉर्ड उच्च स्तर 163.99 की ओर फिर से अपने कदम बढ़ा सकती है। इसके विपरीत, यदि गिरावट जारी रहती है तो नीचे की तरफ सिमेट्रिकल ट्रायंगल का निचला छोर 155.60 के आसपास प्राथमिक सपोर्ट प्रदान करेगा। यदि बिकवाली का दबाव 155.60 के इस निचले सपोर्ट को भी तोड़ देता है, तो इस मुद्रा जोड़ी पर भारी बिकवाली का दबाव बन जाएगा और यह 11 महीने के निचले स्तर 152.10 को छूने के लिए नीचे खिसक सकती है। वर्तमान पिवट स्तर 157.05 पर है, जबकि ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस 157.73 और दूसरा रेजिस्टेंस 158.14 पर है। नीचे की ओर पहला सपोर्ट 156.64 और दूसरा सपोर्ट 155.96 पर केंद्रित है।
बैंक ऑफ जापान की नीतियां और मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप का गणित
जापानी येन (JPY) दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में से एक है। येन का मूल्य व्यापक स्तर पर जापानी अर्थव्यवस्था की सेहत से तय होता है, लेकिन इसका सबसे सीधा संबंध बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति, अमेरिका और जापान के सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच के अंतर और वैश्विक वित्तीय बाजार में निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता से है। बैंक ऑफ जापान के मुख्य दायित्वों में देश की मुद्रा पर नियंत्रण रखना शामिल है, जिसके चलते उसके नीतिगत कदम येन की दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैंक ऑफ जापान कई बार सीधे मुद्रा बाजार में उतरकर हस्तक्षेप कर चुका है। आम तौर पर इस तरह के हस्तक्षेप का मकसद येन की कीमत को जरूरत से ज्यादा मजबूत होने से रोकना या संभालना रहा है, हालांकि अपने प्रमुख वैश्विक व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक और कूटनीतिक चिंताओं के कारण केंद्रीय बैंक बार-बार ऐसा कदम उठाने से बचता है। बाजार में केंद्रीय बैंक के संभावित प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की मजबूती को सहारा दिया है। समाज जनरल के अनुसार, येन में यह ताजा ताकत काफी हद तक अधिकारियों द्वारा बाजार में दखल देने की चिंताओं से संचालित हो रही है।
बॉन्ड यील्ड का अंतर और अल्ट्रा-लूज पॉलिसी का समापन
साल 2013 से लेकर 2024 के शुरुआती महीनों तक बैंक ऑफ जापान ने अत्यंत आक्रामक अल्ट्रा-लूज मॉनेटरी पॉलिसी को लागू रखा था। इस लंबे दशक के दौरान बैंक ऑफ जापान और दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व, के बीच नीतिगत रुख में एक बहुत बड़ा अंतर पैदा हो गया। अमेरिका और जापान के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बीच का यह बढ़ता अंतर लंबे समय तक अमेरिकी डॉलर के पक्ष में काम करता रहा और जापानी येन में लगातार गिरावट आती रही। हालांकि साल 2024 में बैंक ऑफ जापान ने अपनी इस ऐतिहासिक अल्ट्रा-लूज नीति को धीरे-धीरे खत्म करने और ब्याज दरों को सामान्य करने का साहसिक फैसला किया। दूसरी तरफ अमेरिकी फेडरल रिजर्व और दुनिया के अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू किया है। इस दोतरफा बदलाव ने दोनों देशों के बॉन्ड यील्ड के फासले को काफी संकरा कर दिया है, जिससे जापानी येन को एक मजबूत सहारा मिलना शुरू हो गया है। घरेलू मोर्चे पर जापान के कारखानों के उत्पादन और खुदरा बिक्री के निराशाजनक आंकड़ों के बावजूद, बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की उम्मीदें और अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी येन की मजबूती का आधार बनी हुई हैं।
सुरक्षित निवेश के रूप में येन और अन्य वैश्विक बाजारों का रुख
वैश्विक वित्तीय उथल-पुथल के समय जापानी येन को पारंपरिक रूप से एक 'सेफ-हेवन' यानी सुरक्षित पनाहगाह निवेश माना जाता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव या बाजार में तनाव बढ़ता है, निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए जापानी मुद्रा की विश्वसनीयता और स्थिरता पर भरोसा जताते हैं। संकट के दौर में येन अन्य जोखिम भरी मुद्राओं की तुलना में तेजी से मजबूत होता है। बुधवार को एशियाई कारोबार में अन्य बाजारों का रुख भी मिलाजुला देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी दो महीने के निचले स्तर 0.6950 के करीब संघर्ष कर रही थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के अगस्त माह के कम मुद्रास्फीति आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके अलावा चीन के विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई मदद नहीं दी। दूसरी ओर सोना बुधवार को अपने आठ सप्ताह के निचले स्तर 4,110 डॉलर से सुधरकर कंसोलिडेट हुआ, हालांकि अमेरिकी एडीपी रोजगार रिपोर्ट और कोर पीसीई प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों से पहले यह 4,200 डॉलर के नीचे ही बना रहा। क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन 85,000 डॉलर के रेजिस्टेंस से टकरा रहा था, जबकि एथेरियम 2,674 डॉलर और एक्सआरपी 1.500 डॉलर के आसपास रहकर अपनी हालिया बढ़त को पचाने की कोशिश करते नजर आए।



















