यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के दबाव एक बार फिर तेज होते दिख रहे हैं। सितंबर महीने के दौरान यूरो क्षेत्र में महंगाई दर में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतों में आया उछाल है। उपभोक्ता खर्च और औद्योगिक उत्पादन पर असर डालने वाले इन दो महत्वपूर्ण घटकों की वजह से केंद्रीय बैंकों के सामने नीतिगत चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार इस समय केवल यूरोप की स्थिति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शुक्रवार को वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में अमेरिकी श्रम बाजार के अहम आंकड़ों से पहले कई बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं। प्रमुख मुद्राओं, सर्राफा बाजार और डिजिटल संपत्तियों में निवेशकों की सतर्कता साफ देखी जा सकती है।
ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता और ब्याज दरों का संभावित रास्ता
ऊर्जा क्षेत्र में कीमतों के आगामी रुख का सटीक अनुमान लगाना मौजूदा परिस्थितियों में काफी जटिल बना हुआ है। कच्चे तेल के बाजार में छाई भारी अनिश्चितता नीति निर्धारकों और विश्लेषकों दोनों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है। एक तरफ पश्चिम एशिया में लगातार बना भू-राजनीतिक तनाव किसी भी समय आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने का जोखिम बनाए हुए है, और वहां शांति के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, वैश्विक तेल उत्पादन के ताजा अनुमान और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही को लेकर सामने आ रही सकारात्मक जानकारियां यह दर्शाती हैं कि आपूर्ति पक्ष से बाजार को कुछ अनुकूल और अप्रत्याशित राहत भी मिल सकती है।
इन जटिल परिस्थितियों के बीच ब्याज दरों के रुख को लेकर नोर्डिया का आकलन स्पष्ट है। नोर्डिया के अनुसार, दिसंबर और आगामी मार्च महीने में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का जो अनुमान पहले तय किया गया था, वह पूरी तरह बरकरार है। इसके साथ ही, मौजूदा आर्थिक संकेतों को देखते हुए यह संभावना बेहद कम मानी जा रही है कि केंद्रीय बैंक अक्टूबर में ही किसी नई दर वृद्धि का फैसला ले लेगा। इस प्रकार नीतिगत सख्ती का अगला बड़ा चरण साल के अंत तक खिंचता नजर आ रहा है।
डॉलर में नरमी और प्रमुख विदेशी मुद्राओं की चाल
वैश्विक मुद्रा बाजार में शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया। अमेरिकी डॉलर अपने 17 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे खिसक गया, क्योंकि निवेशक और ट्रेडर बहुप्रतीक्षित अमेरिकी गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट जारी होने से पहले मुनाफावसूली करने में जुटे रहे। डॉलर की इस कमजोरी का सीधा फायदा अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं को मिला।
विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने मजबूत वापसी की और एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.6950 के स्तर की तरफ उछल गई। ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को इस बात से अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है कि वैश्विक बांड प्रतिफल और महंगाई के लगातार बने रहने वाले जोखिमों के बीच नवंबर महीने में वहां ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें फिर से जीवंत हो गई हैं।
दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले डॉलर की स्थिति कमजोर दिखाई दी। USD/JPY की जोड़ी 158.00 के स्तर के पास नई तेजी या दिशा हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आई। टोक्यो के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म रहने के बाद और अमेरिकी डॉलर में आई चौतरफा गिरावट के कारण यह जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी छोर से पीछे हट गई। ट्रेडर अमेरिकी लेबर डेटा से पहले अपनी रणनीतियों को नए सिरे से संतुलित कर रहे हैं।
सोने में सुस्ती और अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का इंतजार
कमोडिटी बाजार में सोने की चाल शुक्रवार को भी एक सीमित दायरे में कैद रही। यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत की ओर बढ़ते हुए पीली धातु 4,200 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे सुस्त कारोबार करती दिखी। बाजार के कारोबारी अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी रोजगार संबंधी विस्तृत जानकारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो सोने की भविष्य की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
अमेरिका का श्रम सांख्यिकी ब्यूरो शुक्रवार को 12:30 GMT पर सितंबर महीने के गैर-कृषि रोजगार आंकड़े जारी करने की तैयारी में है। निवेशकों का अनुमान है कि अगस्त में दर्ज की गई 162K की मजबूत वृद्धि के मुकाबले सितंबर महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में केवल 90K नए रोजगार जुड़ पाए हैं। इसके अलावा, बेरोजगारी दर के 4.1% पर स्थिर रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि औसत प्रति घंटा कमाई में बदलाव के आधार पर मापी जाने वाली मासिक वेतन मुद्रास्फीति के भी 0.3% पर स्थिर रहने की संभावना है। यदि रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं, तो इसका असर वैश्विक परिसंपत्तियों पर तुरंत देखने को मिल सकता है।
डिजिटल परिसंपत्तियों का हाल और तकनीकी दबाव
क्रिप्टोकरेंसी के मोर्चे पर पाई नेटवर्क की कीमत अल्पावधि में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। पिछले दिन 3% से अधिक की गिरावट दर्ज करने के बाद शुक्रवार को यह डिजिटल टोकन 0.0900 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। इस गिरावट ने बाजार में और गहरी तकनीकी गिरावट की चेतावनी दे दी है। चार घंटे के चार्ट पर यह एक राइजिंग वेज पैटर्न के निचले स्तर से नीचे टूटने के जोखिम का सामना कर रहा है। पाई नेटवर्क के लिए लगातार रिकवरी बनाए रखना कठिन साबित हो रहा है, क्योंकि इसकी कीमत 0.1000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे सीमित बनी हुई है।
















