मेघालय के श्रम मंत्री मेथोडियस डखार ने बुधवार को मेघालय आइडेंटिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन, सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ माइग्रेंट वर्कर्स (MIRSS) रूल्स, 2020 के संशोधित प्रावधानों को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। शिलोंग के स्टेट गेस्ट हाउस तारा घर में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इस नई व्यवस्था को जनता के सामने पेश किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में काम करने वाले बाहरी मजदूरों के लिए सुरक्षा चक्र को मजबूत करना और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाना है।
डिजिटल भुगतान और मानक संचालन प्रक्रिया की शुरुआत
इस नए ढांचे के साथ ही सरकार ने जुर्माने की राशि जमा करने के लिए एक ई-पेमेंट गेटवे और एमआईआरएसएस संशोधन अधिनियम तथा नियमों को जमीन पर उतारने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी की भी शुरुआत की है। मंत्री मेथोडियस डखार ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि कामगारों का यह पंजीकरण तंत्र केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे यह सुनिश्चित होना चाहिए कि प्रशासन के पास राज्य के हर कोने में काम कर रहे मजदूरों का सटीक ब्योरा हो ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी तुरंत मदद की जा सके।
अधिकारियों और नियोक्ताओं के लिए सख्त निर्देश
सरकार ने साफ किया है कि पंजीकरण की यह प्रक्रिया किसी भी सूरत में मजदूरों या उनके काम देने वाले नियोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब नहीं बननी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य इसे उत्पीड़न का साधन बनने से रोकना है। इस पूरी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस महकमा, जिला प्रशासन, ठेकेदार, उद्योगपति, ट्रेड यूनियन और नागरिक समाज के समूहों को मिलकर काम करना होगा। श्रम विभाग इस पूरी प्रक्रिया में जागरूकता फैलाने, नियमों का पालन सुगम बनाने और समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाने का काम करेगा।
आपराधिक मामलों और सुरक्षा पर विशेष जोर
संशोधित नियमों के तहत स्थानीय पुलिस और श्रम अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल को और अधिक पुख्ता किया गया है ताकि कामगारों से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके। मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी प्रवासी मजदूर के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी, भेदभाव, शारीरिक हिंसा या किसी अन्य प्रकार की गैरकानूनी हरकत का मामला सामने आता है, तो उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा उन राज्यों के साथ भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है जहां से ये कामगार मेघालय आते हैं।
आर्थिक योगदान और गोपनीयता का सम्मान
मेघालय की अर्थव्यवस्था में इन कामगारों के योगदान को रेखांकित करते हुए सरकार ने कहा कि निर्माण कार्यों, बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, आतिथ्य सत्कार, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में ये मजदूर रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि डेटा संग्रह के दौरान मजदूरों की निजता और गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए। जानकारी का इस्तेमाल केवल वैध और सार्वजनिक कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।





















