मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में ट्रकों से अवैध उगाही के मामले ने तूल पकड़ लिया है। खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) ने गुरुवार को प्रशासन और पुलिस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए ईस्ट खासी हिल्स के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पद से हटाने की मांग की है। यह पूरा विवाद एक वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा मावखानु और थांगशलाई इलाकों में ट्रकों से अवैध रूप से पैसे लेने का आरोप लगाया गया है।
स्टिंग ऑपरेशन और अवैध वसूली के आरोप
पत्रकारों से बातचीत करते हुए केएसयू के महासचिव रूबेन नाज़ियार ने आरोप लगाया कि इन दोनों प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मी मालवाहक ट्रकों से जबरन वसूली कर रहे थे। उन्होंने यूनियन के शिक्षा सचिव एल्ड्रिक हरजाना के नेतृत्व में किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन का हवाला दिया। संगठन का दावा है कि इस दौरान पुलिसकर्मी शिलांग की तरफ जा रहे ट्रकों से 200 रुपये और 500 रुपये की अवैध वसूली करते हुए पाए गए।
नाज़ियार ने चिंता जताते हुए कहा कि इन वाहनों में रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं लदी होती हैं। जब ऐसी गाड़ियों से रास्ते में अवैध वसूली की जाती है, तो इसका सीधा असर बाजार में जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ता है और महंगाई बढ़ती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में केवल निचले स्तर के सिपाहियों को ही कसूरवार ठहराकर छोड़ नहीं दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल और जांच की मांग
छात्र संगठन के महासचिव ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि क्या वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस तरह की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी या नहीं। उन्होंने इस संबंध में पहले आई मीडिया खबरों का भी उल्लेख किया। केएसयू ने पूरे मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग रखी है। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो जिले के डीसी और एसपी को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।
पुलिस विभाग की त्वरित कार्रवाई और शेड गिराए गए
आरोपों के बाद ईस्ट खासी हिल्स पुलिस ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं। एसपी विवेक सिएम ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि वीडियो में दिख रहे संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान कर ली गई है और जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित किया जाएगा।
एसपी विवेक सिएम के मुताबिक, इन सिपाहियों को इलाके में गश्त करने और ट्रकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया था। हालांकि, वीडियो में वाहनों की जिस तरह से जांच की जा रही थी, वह तरीका पूरी तरह से अनुचित था और उससे अवैध वसूली का संदेह पैदा होता है।
इसके अलावा, गुरुवार शाम को स्पेशल ऑपरेशंस टीम (एसओटी) ने मावखानु और थांगशलाई में पुलिसकर्मियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे शेड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई क्षेत्र में ट्रक चालकों से अवैध वसूली के आरोप सामने आने के ठीक एक दिन बाद की गई है।
























