मेघालय के कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और स्थानीय किसानों को विदेशी बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक अहम सफलता मिली है। राज्य से मेघा-1 हल्दी की एक खेप आधिकारिक तौर पर सिंगापुर के लिए रवाना की गई। इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट (IFAD) के अध्यक्ष डॉ. अल्वारो लारियो ने शुक्रवार को इस निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
भोईरिम्बोंग स्थित प्राइम हब से हुई खेप की रवानगी
हल्दी की इस खेप को भोईरिम्बोंग में ईस्टर्न री-भोई ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्राइम हब से भेजा गया। डॉ. अल्वारो लारियो मेघालय लाइवलीहुड्स एंड एक्सेस टू मार्केट्स प्रोजेक्ट (Megha-LAMP) के कामकाज और उसकी जमीनी प्रगति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर पहुंचे थे। यह प्रसंस्करण केंद्र स्थानीय उपज को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने, गुणवत्ता सुधारने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
उमवांग पिल्लुन सहकारी समिति का दौरा और आजीविका मॉडल
अपने आधिकारिक दौरे के दौरान IFAD के प्रतिनिधिमंडल ने री-भोई जिले में स्थित उमवांग पिल्लुन इंटीग्रेटेड विलेज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया। यह ग्रामीण सहकारी समिति अनानास, अदरक और तेजपत्ता की खेती और उनके विपणन का काम संभालती है। सामूहिक बिक्री व्यवस्था, आधुनिक कृषि मशीनरी के उपयोग और बेहतर बुनियादी ढांचे की बदौलत यह संस्था क्षेत्र के किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए नियमित आजीविका के नए रास्ते तैयार कर रही है।
मेघा-लैंप परियोजना के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
मेघा-लैंप (Megha-LAMP) पहल के जरिए IFAD और मेघालय सरकार मिलकर किसान उत्पादक संगठनों को संगठित और सशक्त बनाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीण उत्पादकों को मजबूत प्रसंस्करण इकाइयां और सीधे बाजार नेटवर्क उपलब्ध कराने से उनकी आमदनी में लगातार सुधार देखा जा रहा है। सिंगापुर भेजा गया यह निर्यात इस बात का प्रमाण है कि गुणवत्ता और सही पैकेजिंग के बल पर पूर्वोत्तर की कृषि उपज अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा कर सकती है।
मेघा-1 हल्दी की विशेषताएं और वैज्ञानिक पृष्ठभूमि
मेघा टरमरिक-1, जिसे लोकप्रिय रूप से मेघा-1 कहा जाता है, उच्च उपज देने वाली और रोगों से लड़ने में सक्षम हल्दी की एक खास किस्म है। इस किस्म को उमियम स्थित आईसीएआर रिसर्च कॉम्प्लेक्स फॉर नॉर्थ ईस्टर्न हिल रीजन के कृषि वैज्ञानिकों ने प्रसिद्ध लकाडोंग हल्दी से क्लोनल चयन विधि के माध्यम से विकसित किया है। यह किस्म बेहतर पैदावार के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जानी जाती है।



















