दुबई से तेल अवीव की उड़ान भर रहे फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में हाल ही में सामने आई अपहरण की कोशिश को आतंकी संगठन अल-कायदा ने सराहा है। संगठन से जुड़े प्रचार माध्यमों में इस घटना की तुलना सीधे तौर पर 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 हमलों से की गई है। इसके साथ ही अल-कायदा ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि अमेरिकी और इजरायली नागरिकों को ले जाने वाले वाणिज्यिक विमान भविष्य में भी उनके निशाने पर बने रहेंगे।
अल-बयान प्रकाशन में सामने आया भड़काऊ बयान
यह भड़काऊ अपील अल-कायदा समर्थकों द्वारा संचालित अरबी भाषा के साप्ताहिक प्रकाशन 'अल-बयान' के ताजा संस्करण में प्रकाशित की गई थी। इस प्रकाशन की शुरुआत इसी साल जुलाई के महीने में संगठन के हमदर्दों द्वारा की गई थी। डिजिटल मंचों से हटाए जाने से पहले इस सामग्री को आतंकी गुट के टेलीग्राम चैनलों पर व्यापक रूप से साझा और प्रसारित किया गया था। इस लेख के जरिए कट्टरपंथियों को विमानन क्षेत्र को निशाना बनाकर दोबारा बड़े हमले करने के लिए उकसाया गया है।
फ्लाइट FZ1073 की घटना और 9/11 से तुलना
प्रकाशन में 30 सितंबर को घटी उस घटना का विशेष उल्लेख किया गया, जिसमें फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ1073 पर जबरन नियंत्रण हासिल करने का प्रयास किया गया था। यह वाणिज्यिक विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था और उस समय इसमें 170 से अधिक यात्री तथा चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें अधिकांश इजरायली नागरिक थे। लेख में 9/11 के घातक हमलों और 30 सितंबर की इस कोशिश को एक ही कड़ी के रूप में पेश करते हुए इसे जायोनी और अमेरिकी हितों के खिलाफ एक निरंतर अभियान बताया गया।
विमानों को निशाना बनाने की खुली चेतावनी
अरबी भाषा के इस लेख में सीधे तौर पर कहा गया कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है, और जायोनिस्टों, अमेरिकियों तथा इस्लाम के खिलाफ जंग छेड़ने वालों को ले जा रहे विमान अभी भी आसमान में मौजूद हैं जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। संगठन ने यह तर्क भी दिया कि मौजूदा दौर में अमेरिका और जायोनी ताकतों के अनगिनत विरोधी खड़े हो चुके हैं, जिससे कोई अन्य शक्ति भी उन पर वार कर सकती है और उसका लाभ अंततः उनके एजेंडे को मिलेगा। लेख के अंत में यह दावा भी दोहराया गया कि अमेरिकी प्रभुत्व का दौर खत्म होने की कगार पर है।



















