दुबई से तेल अवीव की नियमित यात्रा पर निकले एक वाणिज्यिक यात्री विमान में सह-चालक द्वारा किए गए घातक हमले की कड़ियां अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ती जा रही हैं। फ्लाईदुबई के इस विमान में सवार यात्रियों ने बहादुरी दिखाते हुए सह-चालक पर काबू पाया था, जिसके बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया था। अब ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध का ऑस्ट्रेलिया से क्या संबंध रहा है और क्या उस देश में उसके प्रवास के दौरान किसी तरह की चरमपंथी गतिविधि के सुराग मिलते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पड़ताल
कैनबरा में संघीय जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई धरती से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस इस काम में विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों और देश की प्रमुख खुफिया संस्था के साथ मिलकर काम कर रही है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों का कहना है कि वे उपयुक्त समय पर इस मामले से जुड़ी ताजा जानकारी साझा करेंगे, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता यह समझना है कि आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया में बिताए अपने समय के दौरान किन लोगों से संपर्क बनाए थे।
मामले से जुड़े जानकारों के अनुसार, संदिग्ध को वर्ष 2014 में एक अध्ययन वीजा मिला था। इसके बाद वह 2015 से लेकर 2017 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहा था और बाद में वहां से रवाना हो गया। आगे चलकर 2019 में उसका छात्र वीजा औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया था क्योंकि वह किसी भी पंजीकृत शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल नहीं था। अब आतंकवाद-रोधी दस्ते विशेष रूप से यह देखने में लगे हैं कि क्या वह ऑस्ट्रेलिया में रहने के दौरान ही किसी चरमपंथी विचारधारा के संपर्क में आया था।
सफर के दौरान हवा में खौफनाक मंजर
यह सनसनीखेज घटना 30 सितंबर को घटी, जब विमान दुबई से 170 से अधिक मुसाफिरों को लेकर इजराइल के शहर तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था। बीच रास्ते में सह-चालक ने अचानक आपा खो दिया और कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से मुख्य पायलट पर हमला बोल दिया। गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद मुख्य पायलट, कैप्टन स्मित मछार ने असाधारण सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय दिया।
कैप्टन मछार ने बाद में उस भयावह क्षण को याद करते हुए बताया कि जब वह फर्श पर लहूलुहान पड़े थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि विमान अनियंत्रित होकर नीचे की तरफ गिर रहा है। उन्होंने खुद को संभाला और दरवाजे को अंदर से खोलने के लिए आखिरी ताकत झोंक दी, ताकि बाहर मौजूद लोग भीतर आ सकें। दरवाजा खुलते ही मुसाफिरों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर सह-चालक को दबोच लिया। इसके तुरंत बाद विमान में मौजूद दो रिजर्व पायलटों ने नियंत्रण संभाला और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की जमीन पर उतार लिया।
भारतीय पायलट का उपचार और आरोपी की गिरफ्तारी
भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मछार को विमान उतरते ही पास के एक अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर विशेष विमान से अबू धाबी पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी शारीरिक स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई गई है। वहीं दूसरी ओर, आपातकालीन लैंडिंग होते ही हमलावर सह-चालक को हिरासत में ले लिया गया और सऊदी सुरक्षा अधिकारी उससे कड़ी पूछताछ कर रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जानकारी दी है कि पकड़ा गया व्यक्ति ओमान का नागरिक है।
संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी ने बताया कि पूरे मामले की पृष्ठभूमि, इरादों और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की कानूनी जांच जारी है। यूएई की सरकारी सूचना एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच से यह साफ हुआ है कि सह-चालक ने हवा में एक सुनियोजित आतंकी कृत्य को अंजाम देने की कोशिश की थी। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन प्रमुख वैश्विक मीडिया माध्यमों ने उसकी पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में उजागर की है।
पूर्व एयरलाइन से निष्कासन और पढ़ाई का रिकॉर्ड
घटना के बाद सामने आई जानकारियों से पता चला है कि आरोपी का पहले भी विवादित आचरण रहा था। वह इससे पूर्व ओमान एयर में कार्यरत था, जहां उसकी कट्टरपंथी सोच को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई गई थीं। इन्हीं चिंताओं के चलते उसे सक्रिय उड़ान प्रशिक्षण से बाहर कर दिया गया था और राष्ट्रीय एयरलाइन के भीतर ही किसी गैर-उड़ान काम पर लगा दिया गया था।
इसके अतिरिक्त, आरोपी ने वर्ष 2020 से ब्रिटेन के बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी के एक दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम में प्रवेश ले रखा था। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि उसने 2023 में विमानन प्रबंधन की डिग्री पूरी की थी, लेकिन इस संस्थान में उसने किसी भी प्रकार का वास्तविक विमान चालक प्रशिक्षण नहीं लिया था। अब सभी देशों की एजेंसियां यह कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं कि ओमान एयर से हटाए जाने के बाद वह दूसरी बड़ी एयरलाइन के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।



















