दुबई से तेल अवीव की नियमित उड़ान पर निकले फ्लाईदुबई के एक यात्री विमान में हवा के बीच नियंत्रण छीनने की भयावह कोशिश को लेकर नए तथ्य सामने आए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जानकारी दी है कि शुरुआती जांच इस बात की ओर इशारा कर रही है कि जिस व्यक्ति ने कॉकपिट के भीतर साथी पायलट पर चाकू से वार किया, वह कट्टरपंथी इस्लामी सोच से बुरी तरह प्रभावित था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान करीब सत्रह हजार फीट नीचे आ गया था, जिसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने अदम्य साहस दिखाकर हमलावर को दबोच लिया और विमान को तबाह होने से बचा लिया।
हवा में 17,000 फीट नीचे गिरा विमान और कॉकपिट का संघर्ष
फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड 1073 (FZ1073) ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निर्धारित समय पर 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ उड़ान भरी थी। यह विमान ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार सुबह 03:05 बजे यानी स्थानीय समयानुसार 07:05 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। सफर शुरू होने के लगभग दो घंटे बाद, जब विमान सामान्य ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, अचानक कॉकपिट के अंदर यह हिंसक झड़प शुरू हो गई। विमान ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान दो मिनट से भी कम समय में 17,000 फीट यानी करीब 5,200 मीटर नीचे गोता खा गया।
विमान में सवार यात्री अल्मोग इटाली ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि जब फ्लाइट एफजेड 1073 अचानक नीचे गिरने लगी तो ऐसा महसूस हुआ जैसे वे किसी अनियंत्रित रोलरकोस्टर झूले पर सवार हों। हवा में भारी गिरावट आने के कुछ ही मिनटों बाद विमान के सिस्टम से इमरजेंसी कोड भेजा गया। कुछ पलों के लिए विमान जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में भी दाखिल हुआ था, लेकिन फिर स्थिति को भांपते हुए उसे सऊदी अरब की सीमा में वापस मोड़ लिया गया। लगभग 05:40 बजे विमान को सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी इलाके में स्थित तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां मैनुअल नियंत्रण के जरिए उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
हमलावर के मंसूबे और आत्महत्या की गुहार
फॉक्स न्यूज से बातचीत करते हुए इजराइली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक के संकेत बताते हैं कि हमलावर ओमान का नागरिक था और वह पूरे विमान को नीचे गिराकर खत्म कर देने की नीयत से आया था। बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि जब मुसाफिरों और क्रू मेंबर्स ने जान जोखिम में डालकर हमलावर पर काबू पाया और उसके हाथ-पैर बांध दिए, तब भी वह लगातार चिल्ला रहा था। वह केबिन क्रू की ओर देखकर बार-बार कह रहा था कि मुझे मार डालो, मुझे मार डालो। इस व्यवहार से साफ जाहिर होता है कि वह आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से ही विमान पर चढ़ा था।
नेतन्याहू ने आगे कहा कि जब एक ओर विमान में इतने सारे निर्दोष लोग मौजूद हों और दूसरी ओर हमलावर की पृष्ठभूमि में चरमपंथी इस्लामी रुझान और कट्टरपंथ के प्रमाण मिले हों, तो यह मामला बहुत हद तक स्थिति को स्पष्ट कर देता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना अभी बाकी है, लेकिन अब तक मिली कड़ियां इसी दिशा में इशारा करती हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इस साजिश के पीछे ईरान का कोई हाथ होने के संकेत हैं, तो उन्होंने संक्षेप में कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का असाधारण साहस
कॉकपिट में हुए इस खूनी हमले के दौरान भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस निडरता और समझदारी का परिचय दिया, उसने सैकड़ों जानें बचा लीं। चाकू के वार से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान का संतुलन बिगड़ने नहीं दिया और हमलावर को अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया। उनकी इस बहादुरी पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने कैप्टन स्मित मच्छार की प्रशंसा की और उन्हें असली हीरो बताया। भारत सरकार ने भी अपने पायलट के असीम साहस की सराहना की है।
घटना के बाद कैप्टन मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने गुरुवार को अस्पताल जाकर घायल पायलट से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। सोशल मीडिया पर भारतीय मिशन ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए साझा किया कि कैप्टन स्मित मच्छार का स्वास्थ्य बेहतर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। इस साहसिक कदम ने न केवल विमान में बैठे सभी लोगों की जिंदगी बचाई, बल्कि नागरिक उड्डयन के इतिहास में साहस का एक बड़ा उदाहरण पेश किया।
बहुपक्षीय जांच, कस्टडी और एयरलाइन का कदम
घटना के बाद कानूनी अधिकार क्षेत्र और जांच को लेकर भी प्रक्रियाएं तेज हो गई हैं। हमलावर को सऊदी अरब की सरजमीं पर गिरफ्तार किया गया था और शुरुआती पूछताछ वहीं की जा रही है। नेतन्याहू के अनुसार, उसे जल्द ही संयुक्त अरब अमीरात को सौंपे जाने की संभावना है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला उनके कानूनी दायरे में आता है, क्योंकि जिस विमान में यह वारदात हुई, वह यूएई में पंजीकृत है और उसी के ध्वज तले उड़ान भरता है। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी ने पुष्टि की है कि वहां भी इस बात की गहन जांच शुरू हो चुकी है कि क्या इस पूरे प्रकरण का संबंध किसी आतंकवादी गतिविधि या मकसद से था।
उधर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के नेतृत्व में एक अलग सुरक्षा जांच भी चल रही है। एक इजराइली सुरक्षा सूत्र ने संकेत दिया कि तेल अवीव पहुंचे यात्रियों से विस्तार से पूछताछ की गई, जिससे यह प्राथमिक निष्कर्ष निकला कि हमलावर का इरादा विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का ही था। इस गंभीर सुरक्षा चूक के मद्देनजर फ्लाईदुबई ने दुबई और तेल अवीव के बीच अपनी सभी उड़ानों को अपनी आंतरिक जांच पूरी होने तक अस्थायी रूप से रोक दिया है। इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है। फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए एल अल, इसरायर और अरकिया जैसी इजराइली एयरलाइंस ने शुक्रवार से विशेष राहत उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई है, जबकि अबू धाबी और तेल अवीव के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए इतिहाद एयरवेज से भी तत्काल आग्रह किया गया है।



















